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पब्लिक टायलेटस का मामला पहुंचा निकाय विभाग
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पूर्व पार्षद कंवल नैन सोढ़ी ने निकाय विभाग को पत्र लिखकर लगाए आरोप
कहां ऊंचे दामों पर दिया पब्लिक टायलेट का काम, नहीं रखी है उचित तरीके से मुलाजिम
नोडल एजेंसी उचित तरीके से नहीं कर रही है काम, इस मामले की होनी चाहिए जांच
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर प्राइवेट कंपनी को देखरेख के लिए दिए गए पब्लिक टायलेट का अब स्थानीय निकाय विभाग पहुंच गया है। सेक्टर-70 के पूर्व पार्षद कंवल नैन सोढ़ी ने इस मामले में स्थानीय निकाय विभाग को पत्र लिखा है। साथ ही इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है। उनका आरोप है कि मोहाली में सरकारी खजाने की लूट हो रही है।
जानकारी के मुताबिक स्थानीय निकाय विभाग को लिखे पत्र में उन्होंने बताया कि मोहाली शहर में 70 पब्लिक टायलेट बनाए गए हैं, जिनकी देखभाल का काम प्राइवेट कांट्रेक्टर द्वारा की जा रही है। कांट्रेक्टर को प्रति टायलेट नगर निगम की तरफ से 65 हजार रुपये की अदायगी की जाती है। इस राशि में कांट्रेक्टर को प्रति टायलेट चार मुलाजिम भरती करने हैं। साथ ही बिजली, पानी व अन्य इंतजाम करने हैं, लेकिन शहर में पब्लिक टायलेट की हालत काफी खराब है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने इस काम के लिए न तो तीन सौ मुलाजिम रखे हैं। वहीं, दो सौ के करीब मुलाजिमों को वेतन कहा जाता है। इसकी जांच होनी चाहिए। वहीं, नोडल एजेंसी द्वारा अपनी भूमिका अच्छे तरीके से पूरी नहीं जा रही है। सरकारी पैसे का गलत प्रयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए।
चंडीगढ़ व पंचकूला से ज्यादा अदायगी
दूसरी तरफ सोढ़ी ने बताया है कि मोहाली में ट्राइसिटी में सबसे ज्यादा पैसे प्राइवेट ठेकेदार को पब्लिक टायलेट की संभाल के लिए दिया जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में जहां 18000 प्रति टायलेट ठेकेदार को दिया जा रहा है। जबकि पंचकूला में पंद्रह हजार रुपये प्रति टायलेट दिया जाता है। जबकि मोहाली में 65 हजार प्रति टायलेट दिया जाता है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की पड़ताल की जाए। साथ ही आरोपियों पर उच्च कार्रवाई की जाए।
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बीस दिन में ही पब्लिक टायलेट दे गया जवाब
जानकारी के मुताबिक फेज-1 मार्केट में स्वच्छ भारत मुहिम के तहत पब्लिक टायलेट बनाए गए थे, लेकिन पब्लिक टायलेट शुरू होने के बीस दिन के अंदर ही वह जवाब दे गया। जगह जगह टायलेट टूट गया है। इसके अलावा कई खामियां सामने आई थीं। यह मामला हाउस की मीटिंग में भी उठा था।
नौ नए पब्लिक टायलेट बनाए जा रहे हैं
जानकारी के मुताबिक नगर निगम द्वारा स्वच्छ भारत मुहिम के तहत इलाके में नौ नए पब्लिक टायलेट बनाए जा रहे हैं। यह लाखों रुपये की लागत से बनाए जा रहे है। जल्दी ही यह काम पूरा हो जाएगा।
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कहां ऊंचे दामों पर दिया पब्लिक टायलेट का काम, नहीं रखी है उचित तरीके से मुलाजिम
नोडल एजेंसी उचित तरीके से नहीं कर रही है काम, इस मामले की होनी चाहिए जांच
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर प्राइवेट कंपनी को देखरेख के लिए दिए गए पब्लिक टायलेट का अब स्थानीय निकाय विभाग पहुंच गया है। सेक्टर-70 के पूर्व पार्षद कंवल नैन सोढ़ी ने इस मामले में स्थानीय निकाय विभाग को पत्र लिखा है। साथ ही इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग की है। उनका आरोप है कि मोहाली में सरकारी खजाने की लूट हो रही है।
जानकारी के मुताबिक स्थानीय निकाय विभाग को लिखे पत्र में उन्होंने बताया कि मोहाली शहर में 70 पब्लिक टायलेट बनाए गए हैं, जिनकी देखभाल का काम प्राइवेट कांट्रेक्टर द्वारा की जा रही है। कांट्रेक्टर को प्रति टायलेट नगर निगम की तरफ से 65 हजार रुपये की अदायगी की जाती है। इस राशि में कांट्रेक्टर को प्रति टायलेट चार मुलाजिम भरती करने हैं। साथ ही बिजली, पानी व अन्य इंतजाम करने हैं, लेकिन शहर में पब्लिक टायलेट की हालत काफी खराब है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार ने इस काम के लिए न तो तीन सौ मुलाजिम रखे हैं। वहीं, दो सौ के करीब मुलाजिमों को वेतन कहा जाता है। इसकी जांच होनी चाहिए। वहीं, नोडल एजेंसी द्वारा अपनी भूमिका अच्छे तरीके से पूरी नहीं जा रही है। सरकारी पैसे का गलत प्रयोग हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच होनी चाहिए।
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चंडीगढ़ व पंचकूला से ज्यादा अदायगी
दूसरी तरफ सोढ़ी ने बताया है कि मोहाली में ट्राइसिटी में सबसे ज्यादा पैसे प्राइवेट ठेकेदार को पब्लिक टायलेट की संभाल के लिए दिया जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ में जहां 18000 प्रति टायलेट ठेकेदार को दिया जा रहा है। जबकि पंचकूला में पंद्रह हजार रुपये प्रति टायलेट दिया जाता है। जबकि मोहाली में 65 हजार प्रति टायलेट दिया जाता है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की पड़ताल की जाए। साथ ही आरोपियों पर उच्च कार्रवाई की जाए।
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बीस दिन में ही पब्लिक टायलेट दे गया जवाब
जानकारी के मुताबिक फेज-1 मार्केट में स्वच्छ भारत मुहिम के तहत पब्लिक टायलेट बनाए गए थे, लेकिन पब्लिक टायलेट शुरू होने के बीस दिन के अंदर ही वह जवाब दे गया। जगह जगह टायलेट टूट गया है। इसके अलावा कई खामियां सामने आई थीं। यह मामला हाउस की मीटिंग में भी उठा था।
नौ नए पब्लिक टायलेट बनाए जा रहे हैं
जानकारी के मुताबिक नगर निगम द्वारा स्वच्छ भारत मुहिम के तहत इलाके में नौ नए पब्लिक टायलेट बनाए जा रहे हैं। यह लाखों रुपये की लागत से बनाए जा रहे है। जल्दी ही यह काम पूरा हो जाएगा।