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इंटरनेशनल फ्लाइटों के लिए कितना तैयार है, चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट
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24 घंटे उड़ान शुुरू होने के बाद भी इंटरनेशनल फ्लाइटों पर लगेगा ग्रहण
सिविल प्रशासन से जुड़े प्रोजेक्ट और सदन लिंक व कैट थ्री का काम अब भी अधूरा
अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर। अप्रैल से चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 24 घंटे फ्लाइटें उड़ान भरना शुरू कर देंगी। इसको लेकर 29 जनवरी को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई है। बता दें कि एयरफोर्स ने अपना रनवे का 90 फीसदी काम पूरा कर लिया है। महज दस फीसदी शेष रह गया है जो 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। अब सवाल ये है कि क्या रनवे का काम पूरा होने के बाद इंटरनेशनल फ्लाइटों के लिए एयरपोर्ट तैयार है। जी नहीं! क्योंकि सिविल प्रशासन से जुड़े प्रोजेक्ट और सदन लिंक व कैट थ्री का काम अभी भी अधूरा है। अगर कोर्ट केस चलने तक इन अधूरे प्रोजेक्टों को पूरा कर लिया गया तो ठीक है, नहीं तो एक बार 24 घंटे फ्लाइटें उड़ान भरना शुरू कर देंगी तो ये प्रोजेक्ट अधूरे रह जाएंगे। सिविल प्रशासन की यही मंशा लगती है, नहीं तो अब तक काम शुरू कराना होता तो एयरपोर्ट एरिया के नालों की सफाई, सड़कों का निर्माण व अवैध मकानों पर कार्रवाई हो गई होती। सिविल प्रशासन से जुड़े करीब आधा दर्जन वर्कर ऐसे हैं जिन पर कोर्ट के आदेश के बाद भी अभी काम शुरू नहीं हो पाया है। वहीं एयरपोर्ट पर सदन लिंक और कैट थ्री के लिए अभी टेंडर अलॉट नहीं किया गया है।
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सिविल प्रशासन से जुड़े प्रोजेक्ट और सदन लिंक व कैट थ्री का काम अब भी अधूरा
अमर उजाला ब्यूरो
जीरकपुर। अप्रैल से चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 24 घंटे फ्लाइटें उड़ान भरना शुरू कर देंगी। इसको लेकर 29 जनवरी को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई है। बता दें कि एयरफोर्स ने अपना रनवे का 90 फीसदी काम पूरा कर लिया है। महज दस फीसदी शेष रह गया है जो 31 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। अब सवाल ये है कि क्या रनवे का काम पूरा होने के बाद इंटरनेशनल फ्लाइटों के लिए एयरपोर्ट तैयार है। जी नहीं! क्योंकि सिविल प्रशासन से जुड़े प्रोजेक्ट और सदन लिंक व कैट थ्री का काम अभी भी अधूरा है। अगर कोर्ट केस चलने तक इन अधूरे प्रोजेक्टों को पूरा कर लिया गया तो ठीक है, नहीं तो एक बार 24 घंटे फ्लाइटें उड़ान भरना शुरू कर देंगी तो ये प्रोजेक्ट अधूरे रह जाएंगे। सिविल प्रशासन की यही मंशा लगती है, नहीं तो अब तक काम शुरू कराना होता तो एयरपोर्ट एरिया के नालों की सफाई, सड़कों का निर्माण व अवैध मकानों पर कार्रवाई हो गई होती। सिविल प्रशासन से जुड़े करीब आधा दर्जन वर्कर ऐसे हैं जिन पर कोर्ट के आदेश के बाद भी अभी काम शुरू नहीं हो पाया है। वहीं एयरपोर्ट पर सदन लिंक और कैट थ्री के लिए अभी टेंडर अलॉट नहीं किया गया है।