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फेक पोस्ट
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आईएसआई का डर दिखा फेक पोस्ट दे रही प्रोफाइल फोटो हटाने की हिदायत
तीन साल पहले भी यह पोस्ट हुई थी वायरल
दिल्ली पुलिस कमिश्नर के नाम से दिया गया नंबर भी स्पैम
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। सोशल मीडिया जहां कनेक्टिविटी और अवेयरनेस का अहम प्लेटफार्म है, वहीं अफवाहें फैलाने का भी मुख्य हथियार बनता जा रहा है। सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद सोशल मीडिया में फेक पोस्ट पर लगाम नहीं लग पा रही है। पुलवामा हमले के बाद कई तरह की पोस्ट वायरल हो रही हैं। इन्हीं में से एक पोस्ट है जिसमें व्हाट्सएप प्रोफाइल से अपना फोटो हटाने की हिदायत दी जा रही है। लोग इस पोस्ट को अपने डाटा की सुरक्षा के लिए साझा कर रहे हैं, क्योंकि पोस्ट में कहा गया है कि आईएसआई आपकी प्रोफाइल फोटो व डाटा हैक कर आतंकवादी गतिविधियों के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। पोस्ट में व्हाट्सएप के सीईओ को कोट करते हुए अपनी प्रोफाइल फोटो हटाने की हिदायत दी गई है। साथ ही कहा गया है कि व्हाट्सएप के इंजीनियर्स 20-25 दिनों में इसका हल ढूंढ लेंगे।
पोस्ट के मुताबिक यह हिदायत दिल्ली के पुलिस कमिश्नर की तरफ से दी गई है जिनका नाम पोस्ट में एके मित्तल लिखा गया है और मोबाइल नंबर 9849436632 दिया गया है। जब इस नंबर पर कॉल किया गया तो कांटेक्ट नहीं हुआ। ट्रू कॉलर में यह मोबाइल नंबर अरशद अली के नाम से शो होता है, जिसे स्पैम बताया जाता है। यही पोस्ट जस की तस तीन साल पहले 2016 में भी फेसबुक और व्हाट्सएप पर वायरल हुई थी। न ही उस समय और न ही अब एके मित्तल दिल्ली के पुलिस कमिश्नर थे। इस समय दिल्ली के पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक हैं।
कोट्स
पोस्ट को फारवर्ड करने से पहले उसकी विश्वसनीयता को परख लेना चाहिए। वैसे तो फेक पोस्ट को अब व्हाट्सएप की तरफ से ही पुल बैक कर लिया जाता है। हम भी अपने स्तर पर इसकी जांच करवाएंगे।
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-नौनिहाल सिंह, साइबर सेल हैड, पंजाब पुलिस।
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तीन साल पहले भी यह पोस्ट हुई थी वायरल
दिल्ली पुलिस कमिश्नर के नाम से दिया गया नंबर भी स्पैम
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। सोशल मीडिया जहां कनेक्टिविटी और अवेयरनेस का अहम प्लेटफार्म है, वहीं अफवाहें फैलाने का भी मुख्य हथियार बनता जा रहा है। सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद सोशल मीडिया में फेक पोस्ट पर लगाम नहीं लग पा रही है। पुलवामा हमले के बाद कई तरह की पोस्ट वायरल हो रही हैं। इन्हीं में से एक पोस्ट है जिसमें व्हाट्सएप प्रोफाइल से अपना फोटो हटाने की हिदायत दी जा रही है। लोग इस पोस्ट को अपने डाटा की सुरक्षा के लिए साझा कर रहे हैं, क्योंकि पोस्ट में कहा गया है कि आईएसआई आपकी प्रोफाइल फोटो व डाटा हैक कर आतंकवादी गतिविधियों के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। पोस्ट में व्हाट्सएप के सीईओ को कोट करते हुए अपनी प्रोफाइल फोटो हटाने की हिदायत दी गई है। साथ ही कहा गया है कि व्हाट्सएप के इंजीनियर्स 20-25 दिनों में इसका हल ढूंढ लेंगे।
पोस्ट के मुताबिक यह हिदायत दिल्ली के पुलिस कमिश्नर की तरफ से दी गई है जिनका नाम पोस्ट में एके मित्तल लिखा गया है और मोबाइल नंबर 9849436632 दिया गया है। जब इस नंबर पर कॉल किया गया तो कांटेक्ट नहीं हुआ। ट्रू कॉलर में यह मोबाइल नंबर अरशद अली के नाम से शो होता है, जिसे स्पैम बताया जाता है। यही पोस्ट जस की तस तीन साल पहले 2016 में भी फेसबुक और व्हाट्सएप पर वायरल हुई थी। न ही उस समय और न ही अब एके मित्तल दिल्ली के पुलिस कमिश्नर थे। इस समय दिल्ली के पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक हैं।
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पोस्ट को फारवर्ड करने से पहले उसकी विश्वसनीयता को परख लेना चाहिए। वैसे तो फेक पोस्ट को अब व्हाट्सएप की तरफ से ही पुल बैक कर लिया जाता है। हम भी अपने स्तर पर इसकी जांच करवाएंगे।
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-नौनिहाल सिंह, साइबर सेल हैड, पंजाब पुलिस।