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IMA की पासिंग आउट परेड, चंडीगढ़ और मोहाली के 15 स्टूडेंट बने सेना में ऑफिसर, जानिए कौन
Sun, 09 Jun 2019 01:10 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/मोहाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/मोहाली
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sun, 09 Jun 2019 01:10 PM IST
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सेना में बने अफसर
- फोटो : अमर उजाला
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इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए) देहरादून में हुई 144वीं पास आउट परेड में मोहाली स्थित महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रीपरेटरी इंस्टीट्यूट के 15 पूर्व छात्रों ने शहर के साथ पंजाब का नाम भी रोशन किया है। उन्होंने कमीशन पास कर लिया है। अब वे सेना में ऑफिसर पदों पर ज्वाइन करेंगे। विद्यार्थियों के प्रदर्शन से संस्थान में खुशी की लहर है। संस्थान के डायरेक्टर रिटायर्ड मेजर जनरल बीएस गरेवाल ने अन्य विद्यार्थियों को उनसे प्रेरणा लेने की नसीहत दी।
जिन कैडेट्स ने कमीशन पास किया है, वह साल 2013 से 2015 तक संस्थान में रहकर पढ़े थे। इसके बाद उनकी एनडीए में सिलेक्शन हुई, जहां पर तीन साल रहे। इसके बाद उन्होंने एक साल अपना इंडियन मिलिट्री एकेडमी में गुजारा। संस्थान के कैडेट्स में से हर्षदीप सिंह सोही सबसे वरिष्ठ थे, जिन्हें मैकेनाइज्ड इंफैंट्री में कमीशन दिया गया है। इन 15 ऑफिसर्स में से दो आर्म्ड कोर, एक मैकेनाइज्ड इंफैंट्री, चार इंफैंट्री, चार आर्टिलरी, दो सिग्नल व दो आर्मी आर्डनेंस कॉर्प्स में शामिल हुए।
अब तक सेना को दिए 50 ऑफिसर
संस्थान के मुताबिक अब तक उनके संस्थान से सेना को कुल 50 ऑफिसर मिले हैं, जबकि पांच कैडेट अभी एयरफोर्स एकेडमी में ट्रेनिंग कर रहे हैं। उम्मीद है कि पंद्रह जून तक वे एयरफोर्स में कमीशन हासिल करेंगे।
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जिन कैडेट्स ने कमीशन पास किया है, वह साल 2013 से 2015 तक संस्थान में रहकर पढ़े थे। इसके बाद उनकी एनडीए में सिलेक्शन हुई, जहां पर तीन साल रहे। इसके बाद उन्होंने एक साल अपना इंडियन मिलिट्री एकेडमी में गुजारा। संस्थान के कैडेट्स में से हर्षदीप सिंह सोही सबसे वरिष्ठ थे, जिन्हें मैकेनाइज्ड इंफैंट्री में कमीशन दिया गया है। इन 15 ऑफिसर्स में से दो आर्म्ड कोर, एक मैकेनाइज्ड इंफैंट्री, चार इंफैंट्री, चार आर्टिलरी, दो सिग्नल व दो आर्मी आर्डनेंस कॉर्प्स में शामिल हुए।
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अब तक सेना को दिए 50 ऑफिसर
संस्थान के मुताबिक अब तक उनके संस्थान से सेना को कुल 50 ऑफिसर मिले हैं, जबकि पांच कैडेट अभी एयरफोर्स एकेडमी में ट्रेनिंग कर रहे हैं। उम्मीद है कि पंद्रह जून तक वे एयरफोर्स में कमीशन हासिल करेंगे।
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एनडीएम में चुने गए 20 छात्र
हाल ही में घोषित किए गए एनडीए आईएमए की मेरिट लिस्ट में संस्थान के बीस छात्रों को चुना गया है। इनमें से एक छात्र ने आल इंडिया मेरिट में पूरे देश में चौथा स्थान हासिल किया था, जबकि एक छात्र ने 11वां। इन छात्रों को अभी ज्वाइनिंग लैटरों का इंतजार है।
ऐसे मिला शहर को यह संस्थान
मोहाली स्थित महाराजा रनजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रीपरेटरी इंस्टीट्यूट पंजाब सरकार ने 2011 में उस समय स्थापित किया था, जब एनडीए में पूरे पंजाब से मात्र 5 से 6 छात्र ही जा पा रहे थे। वहीं, सेना के तीनों अंगों में पंजाबियों की संख्या कम हो रही थी। इसके बाद संस्थान बना।
अब हर साल 25 से 30 छात्र एनडीए में केवल मोहाली से ही सिलेक्ट होते हैं। जबकि अन्य युवाओं की गिनती अलग है। यहां पर मेरिट के आधार पर पंजाब से संबंधित युवाओं को चुना जाता है। सिलेक्शन दसवीं के बाद एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर होती है। फिर विद्यार्थी को दो साल ट्रेनिंग दी जाती है। साथ ही पढ़ाई शहर के एक नामी कान्वेंट स्कूल से करवाई जाती है।
पूरे पंजाब से 33 चुने गए
आईएमए में कमीशन हासिल करने वालों में पंजाब से कुल युवाओं की संख्या 33 है। इनमें से पंद्रह मोहाली के संस्थान के ही पूर्व छात्र हैं, जोकि पंजाब के विभिन्न हिस्सों में रहते हैं।
ऐसे मिला शहर को यह संस्थान
मोहाली स्थित महाराजा रनजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रीपरेटरी इंस्टीट्यूट पंजाब सरकार ने 2011 में उस समय स्थापित किया था, जब एनडीए में पूरे पंजाब से मात्र 5 से 6 छात्र ही जा पा रहे थे। वहीं, सेना के तीनों अंगों में पंजाबियों की संख्या कम हो रही थी। इसके बाद संस्थान बना।
अब हर साल 25 से 30 छात्र एनडीए में केवल मोहाली से ही सिलेक्ट होते हैं। जबकि अन्य युवाओं की गिनती अलग है। यहां पर मेरिट के आधार पर पंजाब से संबंधित युवाओं को चुना जाता है। सिलेक्शन दसवीं के बाद एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर होती है। फिर विद्यार्थी को दो साल ट्रेनिंग दी जाती है। साथ ही पढ़ाई शहर के एक नामी कान्वेंट स्कूल से करवाई जाती है।
पूरे पंजाब से 33 चुने गए
आईएमए में कमीशन हासिल करने वालों में पंजाब से कुल युवाओं की संख्या 33 है। इनमें से पंद्रह मोहाली के संस्थान के ही पूर्व छात्र हैं, जोकि पंजाब के विभिन्न हिस्सों में रहते हैं।