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बिना फायर सेफ्टी के चल रहे होटलों व गेस्ट हाउसों को नोटिस
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जीरकपुर। शहरी क्षेत्र के अधिकतर होटल और गेस्ट हाउसों में अग्नि सुरक्षा के मानक पूरे नहीं हैैं। यहां बिना फायर सेफ्टी के होटलों और गेस्ट हाउसों का संचालन किया जा रहा है। गुजरात के सूरत स्थित कोचिंग सेंटर में आगजनी की घटना के बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर दमकल विभाग की टीम ने जीरकपुर के होटलों और गेस्ट हाउसों की चेकिंग की। टीम ने अंबाला-जीरकपुर रोड पर बने होटलों में डेराबस्सी दमकल विभाग के मुख्य फायर ऑफिसर मनजीत सिंह के नेतृत्व में जांच शुरू की। मनजीत सिंह ने बताया कि वीरवार को जहां अग्नि सुरक्षा मानकों की कमी दिखी, उन होटल और गेस्ट हाउस संचालकों को नियमों के प्रति जागरूक किया गया। कमियां पाए जाने पर करीब 20 होटल और गेस्ट हाउस संचालकों को नोटिस दिया गया है। संचालकों को एक सप्ताह के भीतर दमकल विभाग से एनओसी लेने के लिए कहा है। समय रहते एनओसी नहीं लेने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार को भी दमकल विभाग की टीम द्वारा होटलों और गेस्ट हाउसों की चेकिंग की जाएगी। फायर सेफ्टी ऑफिसर मनजीत सिंह ने बताया कि इसकी रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर जिला प्रशासन के पास दाखिल करने के आदेश दिए गए हैं, क्योंकि बिल्डिंग बायलॉज को ताक पर रख बनाए गए होटलों में सूरत जैसा हादसा कभी भी हो सकता है। यहां के ज्यादातर होटलों में फायर सेफ्टी के प्रबंध नहीं हैं। वहीं शहर के पास आज भी अपना अग्निशमन दस्ता नहीं है।
बताया जा रहा है कि होटलों में फायर सेफ्टी के प्रबंध नहीं हैं और न ही आपातकालीन दरवाजे हैं। गाइडलाइंस के मुताबिक किसी भी कामर्शियल या बहुमंजिला रिहायशी इमारत के निर्माण के समय आग और भूचाल से बचाव के प्रबंध होने अनिवार्य हैं। वहां फायर सेफ्टी उपकरण होने के साथ-साथ आपातकालीन दरवाजे होने भी जरूरी हैं।
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शुक्रवार को भी दमकल विभाग की टीम द्वारा होटलों और गेस्ट हाउसों की चेकिंग की जाएगी। फायर सेफ्टी ऑफिसर मनजीत सिंह ने बताया कि इसकी रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर जिला प्रशासन के पास दाखिल करने के आदेश दिए गए हैं, क्योंकि बिल्डिंग बायलॉज को ताक पर रख बनाए गए होटलों में सूरत जैसा हादसा कभी भी हो सकता है। यहां के ज्यादातर होटलों में फायर सेफ्टी के प्रबंध नहीं हैं। वहीं शहर के पास आज भी अपना अग्निशमन दस्ता नहीं है।
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बताया जा रहा है कि होटलों में फायर सेफ्टी के प्रबंध नहीं हैं और न ही आपातकालीन दरवाजे हैं। गाइडलाइंस के मुताबिक किसी भी कामर्शियल या बहुमंजिला रिहायशी इमारत के निर्माण के समय आग और भूचाल से बचाव के प्रबंध होने अनिवार्य हैं। वहां फायर सेफ्टी उपकरण होने के साथ-साथ आपातकालीन दरवाजे होने भी जरूरी हैं।
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