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श्मशान घाट पर लकड़ी का संकट गहराया
Updated Fri, 23 Feb 2018 01:48 AM IST
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शहर के श्मशान घाट पर लकड़ी का संकट गहराया
नगर निगम द्वारा पारित प्रस्ताव पर निकाय विभाग ने लगा रखी है रोक
लकड़ी कभी भी हो सकती है खत्म, लोग बोले-विभाग ध्यान दे
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
शहर के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार में प्रयोग होने वाली लकड़ी का संकट गहरा गया है। नगर निगम की ओर से लकड़ी खरीदने के लिए पारित प्रस्ताव पर स्थानीय निकाय विभाग ने रोक लगा दी है, इस कारण समस्या गहरा सकती है। इलाके के पार्षद और समाजसेवी संस्थाओं का कहना है कि इस मामले में निगम व विधायक को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
निगम की हाउस मीटिंग में तीन महीने पहले लकड़ी खरीद संबंधी प्रस्ताव पास किए गए थे। मेयर कुलवंत सिंह ने विभाग के सचिव को पत्र लिखकर इस प्रस्ताव को सरकारी मंजूरी देने की मांग कर चुके हैं। इसके बावजूद विभाग की तरफ से इसे पास नहीं किया गया। मेयर द्वारा इसी महीने विभाग के प्रमुख सचिव वेणु प्रसाद को लिखे पत्र में कहा गया है कि नगर निगम हाउस की ओर से 27 नवंबर 2017 को प्रस्ताव नंबर 303(4) को पास किया गया था, जिसमें श्मशान घाट के लिए लकड़ी खरीद के लिए अनुमानित राशि 33.66 लाख रुपये का प्रस्ताव पास करके विभाग को भेजा गया था। उधर, विभाग द्वारा इसको मंजूरी देने के बजाय निगम को 18 जनवरी 2018 को पत्र लिखकर यह सूचित किया गया कि इस प्रस्ताव की कॉपी मुख्य इंजीनियर को टिप्पणी के लिए भेजी गई है। इस प्रस्ताव को अब तक पास नहीं किया गया। जबकि सरकार की हिदायतों के अनुसार, निगम की तरफ से पास किए गए प्रस्तावों को अधिकारियों की तरफ से 21 दिन के अंदर मंजूरी देनी होती है।
पत्र में लिखा गया है कि श्मशान घाट पर निगम के स्टॉक में सिर्फ 6-7 दिनों की ही लकड़ी बची है। जबकि श्मशान घाट में रोजाना पांच से दस मृतकों का अंतिम संस्कार किया जाता है। आने वाले दिनों में यदि लकड़ी खत्म हो गई तो इससे निगम की छवि खराब होगी, साथ में आम जनता को भी परेशानी उठानी पड़ेगी। इसलिए इस प्रस्ताव को तुरंत पास किया जाए। इस पत्र के भेजने के बाद भी विभाग की ओर से मंजूरी नहीं दी गई है, जिससे हालात गंभीर बने हुए हैं।
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जिक्रयोग है कि नगर निगम की ओर से अंतिम संस्कार के लिए करीब चार क्विंटल लकड़ी मुहैया करवाई जाती है। इसके बदले निगम को 600 रुपये की अदायगी भी की जाती है।
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नगर निगम द्वारा पारित प्रस्ताव पर निकाय विभाग ने लगा रखी है रोक
लकड़ी कभी भी हो सकती है खत्म, लोग बोले-विभाग ध्यान दे
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
शहर के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार में प्रयोग होने वाली लकड़ी का संकट गहरा गया है। नगर निगम की ओर से लकड़ी खरीदने के लिए पारित प्रस्ताव पर स्थानीय निकाय विभाग ने रोक लगा दी है, इस कारण समस्या गहरा सकती है। इलाके के पार्षद और समाजसेवी संस्थाओं का कहना है कि इस मामले में निगम व विधायक को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
निगम की हाउस मीटिंग में तीन महीने पहले लकड़ी खरीद संबंधी प्रस्ताव पास किए गए थे। मेयर कुलवंत सिंह ने विभाग के सचिव को पत्र लिखकर इस प्रस्ताव को सरकारी मंजूरी देने की मांग कर चुके हैं। इसके बावजूद विभाग की तरफ से इसे पास नहीं किया गया। मेयर द्वारा इसी महीने विभाग के प्रमुख सचिव वेणु प्रसाद को लिखे पत्र में कहा गया है कि नगर निगम हाउस की ओर से 27 नवंबर 2017 को प्रस्ताव नंबर 303(4) को पास किया गया था, जिसमें श्मशान घाट के लिए लकड़ी खरीद के लिए अनुमानित राशि 33.66 लाख रुपये का प्रस्ताव पास करके विभाग को भेजा गया था। उधर, विभाग द्वारा इसको मंजूरी देने के बजाय निगम को 18 जनवरी 2018 को पत्र लिखकर यह सूचित किया गया कि इस प्रस्ताव की कॉपी मुख्य इंजीनियर को टिप्पणी के लिए भेजी गई है। इस प्रस्ताव को अब तक पास नहीं किया गया। जबकि सरकार की हिदायतों के अनुसार, निगम की तरफ से पास किए गए प्रस्तावों को अधिकारियों की तरफ से 21 दिन के अंदर मंजूरी देनी होती है।
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पत्र में लिखा गया है कि श्मशान घाट पर निगम के स्टॉक में सिर्फ 6-7 दिनों की ही लकड़ी बची है। जबकि श्मशान घाट में रोजाना पांच से दस मृतकों का अंतिम संस्कार किया जाता है। आने वाले दिनों में यदि लकड़ी खत्म हो गई तो इससे निगम की छवि खराब होगी, साथ में आम जनता को भी परेशानी उठानी पड़ेगी। इसलिए इस प्रस्ताव को तुरंत पास किया जाए। इस पत्र के भेजने के बाद भी विभाग की ओर से मंजूरी नहीं दी गई है, जिससे हालात गंभीर बने हुए हैं।
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जिक्रयोग है कि नगर निगम की ओर से अंतिम संस्कार के लिए करीब चार क्विंटल लकड़ी मुहैया करवाई जाती है। इसके बदले निगम को 600 रुपये की अदायगी भी की जाती है।