{"_id":"697c867a768daf6e3d0dc8d4","slug":"man-from-moga-dies-in-canada-2026-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोगा के युवक की कनाडा में माैत: तीन दिन पहले मिला था वर्क परमिट, पांच फरवरी को तीन साल बाद आना था घर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोगा के युवक की कनाडा में माैत: तीन दिन पहले मिला था वर्क परमिट, पांच फरवरी को तीन साल बाद आना था घर
Fri, 30 Jan 2026 03:53 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, मोगा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, मोगा (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 30 Jan 2026 03:53 PM IST
सार
सुखजिंदर ने तीन साल पहले स्टडी वीजा पर कनाडा गया था। तीन दिन पहले ही उसे वर्क परमिट मिला था।
विज्ञापन
सुखजिंदर सिंह
- फोटो : फाइल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मोगा के गांव तखनबध निवासी 25 वर्षीय नौजवान सुखजिंदर सिंह की कनाडा में हार्ट अटैक से मौत हो गई। सुखजिंदर सिंह तीन साल पहले स्टडी वीजा पर कनाडा गया था। तीन दिन पहले ही उसे वर्क परमिट मिला था और पांच फरवरी को वह घर लौटने वाला था।
विज्ञापन
वर्क परमिट मिलने की खुशी में परिवार में जश्न का माहौल था। सुखजिंदर ने फोन पर अपनी माता को बताया था कि वह 5 फरवरी को भारत आकर परिवार को सरप्राइज देंगे, लेकिन इससे पहले ही अचानक आई इस दुखद खबर ने खुशियों को मातम में बदल दिया।
विज्ञापन
परिजनों के अनुसार सुखजिंदर के पिता पूर्व फौजी हैं। उन्होंने अपने दोनों बच्चों को अच्छी पढ़ाई करवाया। नौकरी न मिलने पर सुखजिंदर और उनके बड़े भाई ने डेयरी फॉर्म का काम शुरू किया था। सुखजिंदर ने भविष्य के लिए विदेश जाने का फैसला किया। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। इस घटना से न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।
विज्ञापन
सुखजिंदर सिंह के पिता ने बताया कि उन्होंने देश की सेवा करते हुए अपने दोनों बच्चों को पढ़ाया-लिखाया। छोटे बेटे सुखजिंदर ने विदेश जाने का फैसला किया। वह तीन साल पहले स्टडी वीजा पर कनाडा गया था। तीन दिन पहले ही उसे वर्क परमिट मिला था और उसने अपनी माता को फोन पर बताया था कि 5 फरवरी को वह घर लौटेगा, जिसकी टिकट भी बुक कर ली गई थी। घर में बेटे के आने की खुशी का माहौल था, लेकिन किसे पता था कि यह खुशी पल भर में गहरे दुख में बदल जाएगी।