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वेतन न मिलने पर काली दिवाली मनाएंगे मुलाजिम
अमर उजाला, लुधियाना
Updated Thu, 31 Oct 2013 10:49 PM IST
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लुधियाना में पंजाब कृषि विश्वविद्यालय इंप्लाइज यूनियन की कार्यकारिणी की बैठक वीरवार को विश्वविद्यालय परिसर में हुई। इसमें साफ किया गया कि यदि सरकार ने वक्त पर वेतन एवं पेंशन न दी तो मुलाजिम काली दिवाली मनाएंगे।
मुलाजिमों का कहना है कि पिछले माह का वेतन भी संघर्ष करने के बाद 17 अक्तूबर को मिला था। सदस्यों का तर्क है कि वेतन लेट मिलने से सारा बजट गड़बड़ा जाता है।
सरकार यह सुनिश्चित करे कि सरकारी मुलाजिमों की तर्ज पर पीएयू मुलाजिमों को भी हर माह वक्त पर वेतन एवं पेंशन की अदायगी हो सके।
यूनियन के प्रधान परमजीत सिंह एवं महासचिव डॉ. गुलजार सिंह पंधेर ने कहा कि सरकार पीएयू मुलाजिमों की लगातार अनदेखी कर रही है।
पहले संशोधित वेतनमान का बकाया नहीं दिया। बजट में वित्त मंत्री परमिंदर ढींढसा ने कहा था कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बकाया की अदायगी कर दी जाएगी, लेकिन अभी तक मुलाजिम इंतजार ही कर रहे हैं।
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इस साल केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते की दो किश्तें अपने मुलाजिमों को दे दी हैं, लेकिन पीएयू मुलाजिमों को कोई किश्त नहीं मिली।
भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड ने अपनी गोल्डन जुबली पर मुलाजिमों को दो अतिरिक्त वेतन देने की घोषणा की है, लेकिन पीएयू मुलाजिमों को पिछले साल हुई गोल्डन जुबली पर कुछ नहीं मिला। यूनियन ने प्रबंधन को पत्र लिखकर मांग की है कि मुलाजिमों का वेतन वक्त पर दिया जाए।
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मुलाजिमों का कहना है कि पिछले माह का वेतन भी संघर्ष करने के बाद 17 अक्तूबर को मिला था। सदस्यों का तर्क है कि वेतन लेट मिलने से सारा बजट गड़बड़ा जाता है।
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सरकार यह सुनिश्चित करे कि सरकारी मुलाजिमों की तर्ज पर पीएयू मुलाजिमों को भी हर माह वक्त पर वेतन एवं पेंशन की अदायगी हो सके।
यूनियन के प्रधान परमजीत सिंह एवं महासचिव डॉ. गुलजार सिंह पंधेर ने कहा कि सरकार पीएयू मुलाजिमों की लगातार अनदेखी कर रही है।
पहले संशोधित वेतनमान का बकाया नहीं दिया। बजट में वित्त मंत्री परमिंदर ढींढसा ने कहा था कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में बकाया की अदायगी कर दी जाएगी, लेकिन अभी तक मुलाजिम इंतजार ही कर रहे हैं।
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इस साल केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते की दो किश्तें अपने मुलाजिमों को दे दी हैं, लेकिन पीएयू मुलाजिमों को कोई किश्त नहीं मिली।
भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड ने अपनी गोल्डन जुबली पर मुलाजिमों को दो अतिरिक्त वेतन देने की घोषणा की है, लेकिन पीएयू मुलाजिमों को पिछले साल हुई गोल्डन जुबली पर कुछ नहीं मिला। यूनियन ने प्रबंधन को पत्र लिखकर मांग की है कि मुलाजिमों का वेतन वक्त पर दिया जाए।