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प्रधानमंत्री को की विजिलेंस कार्यालय की शिकायत
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लुधियाना। निकाय विभाग के विजिलेंस कार्यालय पर भ्रष्टाचार व लापरवाही का आरोप लगाते हुये प्रधानमंत्री कार्यालय को शिकायत की गई है। शिकायत में बताया गया है कि तीन सालों के दौरान हुई 1336 शिकायतों का अभी तक निवारण नहीं किया गया है।
इनमें भी सबसे अधिक 401 शिकायतें विभाग के विजिलेंस अधिकारी के पास लंबित हैं। हालांकि विभाग इन लंबित शिकायतों के लिये अजीब सा तर्क देते हुये, इसके लिये अधिकारियों के तबादलों को जिम्मेदार बता रहा है।
निकाय विभाग द्वारा महानगर की सड़कों की मरम्मत पर 212 करोड़ रुपये खर्च किये जाने के मामले ने काफी तूल पकड़ा था। इसी मुद्दे को लेकर लुधियाना के एक आरटीआई एक्टिविस्ट रोहित सभ्रवाल ने मुख्य विजिलेंस अधिकारी कार्यालय में शिकायत दी थी।
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रोहित के मुताबिक सीवीओ दफ्तर द्वारा कई बार रिकार्ड मांगे जाने के बावजूद लुधियाना नगर निगम अधिकारियों ने मरम्मत के खर्च का हिसाब नहीं दिया। जब रोहित ने आरटीआई के जरिये रिकार्ड की मांग की तो सीवीओ दफ्तर की तरफ से आये जवाब में बताया कि विभाग के पास वर्ष 2017 से 2019 के बीच की 1336 शिकायतें लंबित हैं।
जिनके निपटान का जिम्मा 15 अधिकारियों को सौंपा गया है। सबसे अधिक 401 शिकायतें महिंदरपाल सिंह नामक विजिलेंस अधिकारी के पास लंबित हैं। आरटीआई के तहत दी गई सूचना में सीवीओ दफ्तर ने अजीब तर्क देते हुये लंबित शिकायतों का कारण अधिकारियों के तबादले को बताया।
कहा गया कि कई बार अधिकारी तबादला होने के बाद नये अधिकारी को चार्ज नहीं देकर गये। इस कारण से 1336 शिकायतें लंबित हो गईं। अब इन शिकायतों को अन्य अधिकारियों को जांच के लिये सौंपा जा रहा है। आरटीआई एक्टिविस्ट रोहित सभ्रवाल ने सीवीओ दफ्तर पर भ्रष्टाचार व जानबूझ कर जांच प्रक्रिया लंबित करने का आरोप लगाया है। इसी आरोप के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय को शिकायत भेज कार्रवाई की मांग उठाई है।
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इनमें भी सबसे अधिक 401 शिकायतें विभाग के विजिलेंस अधिकारी के पास लंबित हैं। हालांकि विभाग इन लंबित शिकायतों के लिये अजीब सा तर्क देते हुये, इसके लिये अधिकारियों के तबादलों को जिम्मेदार बता रहा है।
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निकाय विभाग द्वारा महानगर की सड़कों की मरम्मत पर 212 करोड़ रुपये खर्च किये जाने के मामले ने काफी तूल पकड़ा था। इसी मुद्दे को लेकर लुधियाना के एक आरटीआई एक्टिविस्ट रोहित सभ्रवाल ने मुख्य विजिलेंस अधिकारी कार्यालय में शिकायत दी थी।
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रोहित के मुताबिक सीवीओ दफ्तर द्वारा कई बार रिकार्ड मांगे जाने के बावजूद लुधियाना नगर निगम अधिकारियों ने मरम्मत के खर्च का हिसाब नहीं दिया। जब रोहित ने आरटीआई के जरिये रिकार्ड की मांग की तो सीवीओ दफ्तर की तरफ से आये जवाब में बताया कि विभाग के पास वर्ष 2017 से 2019 के बीच की 1336 शिकायतें लंबित हैं।
जिनके निपटान का जिम्मा 15 अधिकारियों को सौंपा गया है। सबसे अधिक 401 शिकायतें महिंदरपाल सिंह नामक विजिलेंस अधिकारी के पास लंबित हैं। आरटीआई के तहत दी गई सूचना में सीवीओ दफ्तर ने अजीब तर्क देते हुये लंबित शिकायतों का कारण अधिकारियों के तबादले को बताया।
कहा गया कि कई बार अधिकारी तबादला होने के बाद नये अधिकारी को चार्ज नहीं देकर गये। इस कारण से 1336 शिकायतें लंबित हो गईं। अब इन शिकायतों को अन्य अधिकारियों को जांच के लिये सौंपा जा रहा है। आरटीआई एक्टिविस्ट रोहित सभ्रवाल ने सीवीओ दफ्तर पर भ्रष्टाचार व जानबूझ कर जांच प्रक्रिया लंबित करने का आरोप लगाया है। इसी आरोप के साथ उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय को शिकायत भेज कार्रवाई की मांग उठाई है।