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Ludhiana News: लुधियाना में तिब्बती युवाओं का चीन विरोधी मार्च
Sat, 22 Aug 2026 06:19 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Updated Sat, 22 Aug 2026 06:19 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। चीन की कम्युनिस्ट सरकार की नीतियों के विरोध में शनिवार को लुधियाना में तिब्बती युवाओं ने शांतिपूर्ण रोष मार्च निकाला। तिब्बती युवा कांग्रेस के नेतृत्व में 500 से अधिक तिब्बती नागरिकों ने इसमें भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने तिब्बत की स्वतंत्रता की मांग की और चीन की नीतियों को तिब्बती संस्कृति के लिए खतरा बताया।
मार्च डिवीजन नंबर-3 से शुरू होकर सुंदर नगर तक पहुंचा। इस दौरान तिब्बत एक राष्ट्र था, तिब्बत एक राष्ट्र है और जल्द ही तिब्बत आजाद होगा जैसे नारे लगाए गए। लुधियाना के स्थानीय होजरी व्यापारियों ने भी मार्च का समर्थन किया। तिब्बती युवा कांग्रेस के अनुसार, यह प्रदर्शन उसके अंतरराष्ट्रीय चेन प्रोटेस्ट अभियान का हिस्सा है। यह मुहिम शहीद लोबगा रांगजेन के बलिदान की याद में शुरू की गई है, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के सामने आत्मदाह किया था। संगठन ने कहा कि चीन के खिलाफ ठोस कार्रवाई होने तक यह अभियान जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों ने चीन के एथनिक यूनिटी लॉ और कॉलोनियल बोर्डिंग स्कूलों का विरोध किया। उनका आरोप है कि ये नीतियां तिब्बती सांस्कृतिक पहचान को कमजोर कर रही हैं। तिब्बती युवा कांग्रेस ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक के उस बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें तिब्बत को चीन की अल्पसंख्यक आबादी का हिस्सा बताया गया था। संगठन ने संयुक्त राष्ट्र से ऐसी भाषा से बचने की अपील की, जिसे वह चीन के कब्जे को वैधता देने वाला मानता है।
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लुधियाना। चीन की कम्युनिस्ट सरकार की नीतियों के विरोध में शनिवार को लुधियाना में तिब्बती युवाओं ने शांतिपूर्ण रोष मार्च निकाला। तिब्बती युवा कांग्रेस के नेतृत्व में 500 से अधिक तिब्बती नागरिकों ने इसमें भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने तिब्बत की स्वतंत्रता की मांग की और चीन की नीतियों को तिब्बती संस्कृति के लिए खतरा बताया।
मार्च डिवीजन नंबर-3 से शुरू होकर सुंदर नगर तक पहुंचा। इस दौरान तिब्बत एक राष्ट्र था, तिब्बत एक राष्ट्र है और जल्द ही तिब्बत आजाद होगा जैसे नारे लगाए गए। लुधियाना के स्थानीय होजरी व्यापारियों ने भी मार्च का समर्थन किया। तिब्बती युवा कांग्रेस के अनुसार, यह प्रदर्शन उसके अंतरराष्ट्रीय चेन प्रोटेस्ट अभियान का हिस्सा है। यह मुहिम शहीद लोबगा रांगजेन के बलिदान की याद में शुरू की गई है, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के सामने आत्मदाह किया था। संगठन ने कहा कि चीन के खिलाफ ठोस कार्रवाई होने तक यह अभियान जारी रहेगा।
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प्रदर्शनकारियों ने चीन के एथनिक यूनिटी लॉ और कॉलोनियल बोर्डिंग स्कूलों का विरोध किया। उनका आरोप है कि ये नीतियां तिब्बती सांस्कृतिक पहचान को कमजोर कर रही हैं। तिब्बती युवा कांग्रेस ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक के उस बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें तिब्बत को चीन की अल्पसंख्यक आबादी का हिस्सा बताया गया था। संगठन ने संयुक्त राष्ट्र से ऐसी भाषा से बचने की अपील की, जिसे वह चीन के कब्जे को वैधता देने वाला मानता है।
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