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फरमान से किसान परेशान: 11 नवंबर के बाद पंजाब की अनाज मंडियों में नहीं होगी धान की खरीद

Wed, 10 Nov 2021 01:22 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 10 Nov 2021 01:22 AM IST
सार

पंजाब में अभी 20 फीसदी धान की फसल मंडियों में नहीं पहुंची है। उससे पहले ही सरकार ने खरीद प्रक्रिया को बंद करने का फैसला ले लिया है। 11 नवंबर के बाद अनाज मंडियों में धान की खरीद नहीं होगी। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। 

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There will be no paddy procurement in the grain markets of Punjab after November 11
धान

विस्तार

पंजाब सरकार ने मंडियों में धान की खरीद का समय 11 नवंबर शाम तक तय कर दिया है, इसके बाद किसी मंडी में खरीद नहीं होगी। वहीं छोटी मंडियों में यह खरीद 10 नवंबर तक होगी। सरकार के अचानक फैसले से केवल किसान नहीं बल्कि आढ़ती भी परेशान हो गए है। क्योंकि ज्यादा तक एरिया में अभी 20 फीसदी फसल का आना बाकी है, ऐेसे में अगर सरकार ने अनाज मंडियों को बंद कर दिया तो किसान कहां जाएंगे। 

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जगरांव मंडी की बात करें तो यहां पर बीते साल 28 लाख गट्टा धान आया था, अभी सोमवार तक मंडी में 22.50 लाख गट्टा ही पहुंचा है। इससे खुद अंदाजा लगाया जा सकता है कि धान की फसल कितनी अभी आना बाकी है। सरकार के इस फैसले को लेकर किसान यूनियन भी किसी समय अपना मोर्चा खोल सकती है।
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मार्केट कमेटी सचिव जगरांव की तरफ से मंगलवार को आढ़तियों को एक पत्र भेजा गया है। इस पत्र में कहा गया है कि ग्रामीण स्तर पर बनी मंडियों में 10 नवंबर तक धान लिया जाए, इन्हें 11 नवंबर को बंद कर दिया जाएगा। बड़ी अनाज मंडियों में 11 नवंबर तक धान आएगा उन्हें 12 नवंबर से बंद कर दिया जाए। यह फैसला मंगलवार को डीसी वरिन्दर शर्मा की बैठक में लिया जाएगा। इसलिए सभी आढ़ती किसानों को यह सूचना व्हाट्सएप से देंगे, ताकि इसके बाद कोई विवाद न हो। वही जिले के सभी बीडीपीओज भी गांव में एनाउंसमेंट करवा किसानों को सूचित करेंगे कि इस दिन के बाद धान की खरीद मंडियों में नहीं होगी। इसलिए सभी आढ़ती अपने स्तर पर गांव-गांव किसानों को सूचना दे, ताकी वह समय रहते अपनी फसल को लेकर पहुंच सके। 
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अभी तक मंडियों में लगभग बीस फीसदी फसल का आना बाकी है। मात्र दो दिन के अंदर सभी किसान अपनी फसल लेकर कैसे पहुंच सकते है। छोटी मंडियों में हालात यह है कि जो फसल बिक चुकी है उसकी भराई का काम चल रहा है। ऐसे में दो दिन के अंदर पूरी फसल की खरीद कर उसकी भराई कैसे हो सकती है। सरकार को चाहिए कि वह कम से कम 17 नवंबर का समय किसानों दें। अन्यथा कई किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, वहीं आढ़ती भी परेशान होंगे। घनईया गुप्ता, प्रधान आढ़ती एसोसिएशन जगरांव

यह फैसला मंडी बोर्ड की तरफ से लिया गया है, छोटे खरीद सेंटर पर 10 नवंबर की रात को जितना धान आएगा उसे खरीदा जाएगा। जबकि 19 खरीद सेंटर पर 11 नवंबर की रात तक खरीद होगी। इसके बाद धान की खरीद नहीं होगी। क्योंकि यह फैसला मंडी बोर्ड की तरफ से लिया गया है, इसलिए हम इसमें कुछ नहीं कह सकते है। सुरेंद्र बेरी, डीएफएससी लुधियाना 


सरकार ने यह फैसला बड़ी जल्दबाजी में लिया है, इस मामले को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में भी रखा गया है। किसानों की समस्या को देखते सरकार से बातचीत के लिए कुछ किसान नेताओं को लगाया गया है। अगर सरकार फैसला नहीं बदलेगी तो 13 नवंबर को मुख्यमंत्री के साथ बैठक करेंगे। इसमें धान की खरीद कम से कम 25 नवंबर तक करने के लिए कहा जाएगा। हरिंदर सिंह लखोवाल, सचिव बीकेयू लखोवाल

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