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मारपीट में घायल हुई गर्भवति महिला सिविल अस्पताल में काफी समय तड़पती रही, नहीं किया इलाज

Fri, 08 Apr 2022 10:15 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Fri, 08 Apr 2022 10:15 PM IST
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The pregnant woman, who was injured in the assault, suffered for a long time in the civil hospital, did not get treatment
लुधियाना। मेहरबान के गांव सुजातवाल इलाके में कुछ युवकों द्वारा घर में घुसकर एक गर्भवती महिला को पीट डाला। इससे वह काफी घायल हो गई। लेकिन जब इस महिला को सिविल अस्पताल ले जाया गया तो वहां उसका इलाज नहीं किया गया। महिला के परिजनों ने यह आरोप लगाए हैँ।
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परिजनों के अनुसार देर रात से सुबह तक पीड़ित नैंनसी तड़पती रही। उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और दाखिल तक नहीं किया गया। सुबह परिवार ने अस्पताल में शोर मचाया तो सारा मीडिया इकट्ठा हो गया। इसके बाद पीड़िता को अस्पताल में दाखिल किया गया। सिविल अस्पताल की एसएमओ डॉ. अमरजीत कौर ने फोन नहीं उठाया। सिविल सर्जन डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है। जांच कराई जाएगी। पुलिस का कहना है कि अभी मामले की कोई शिकायत नहीं आई है। मेहरबान के गांव सुजातवाल की रहने वाली नानकी ने बताया कि वीरवार की रात को उसका मामा गुरनाम सिंह घर पर आया था। इस दौरान रंजिशन कुछ युवकों ने उसके मामा पर हमला कर दिया था।
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जब वह और उसकी दूसरी बहन नैंनसी बीच-बचाव में गई तो आरोपी युवकों ने उनसे मारपीट की। नानकी ने आरोप लगाया कि उसकी बहन नैंनसी दो माह की गर्भवती है। आरोपी युवकों ने उसके पेट पर लातें मारी, जिस कारण वहीं गिर पड़ी। नानकी का आरोप है कि इसके बाद उसकी बहन को सिर्फ ड्रिप लगाकर छोड़ दिया गया था। वह दर्द से तड़प रही थी। कोई दवा नहीं दी गई। सारी रात वह ऐसे ही तड़पती रही। सुबह स्टाफ कहने लगा कि उनकी ड्यूटी नहीं है। इसके बाद उन्हें स्कैन करवाने को कहा गया था। सिविल अस्पताल में छुट्टी के चलते स्कैन विभाग बंद था।
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जब वह बाहर से स्कैन कराने गए तो बाहरी डॉक्टर ने मना कर दिया था, क्योंकि, सिविल अस्पताल के डॉक्टर ने पर्ची पर स्कैन के बारे में लिख कर नहीं दिया गया था। वह दोबारा अस्पताल पहुंचे तो उन्हें अंदर दाखिल नहीं किया गया। वह इमरजेंसी गए, वहां पर भी डॉक्टर एंव स्टाफ ने उनसे सही ढंग से बात ना करते हुए बाहर निकाल दिया था। नानकी का कहना है कि उसकी बहन दर्द सहन ना करती हुई इमरजैंसी के सामने रास्ते में ही गिर पड़ी थी। वह काफी समय तक वहा रास्ते में चिखते चिल्लाते रहे।
क्या कहते सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि उनके ध्यान में मामला नहीं है। अगर ऐसा किया गया है तो जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि आगे से ज्यादा स्टाफ है और ऐसा किया गया है तो स्टाफ की नालायकी है। जिसकी वह जांच जरुर करवाएंगे।

क्या कहते है पुलिस अधिकारी
थाना मेहरबान के कार्यकारी एसएचओ इंस्पेक्टर राजनपाल ने बताया कि एक रुका सिविल अस्पताल से आया है। वह बाहर थे जिस कारण देख नहीं पाए। उनके पास कोई शिकायत भी नहीं आई है। शिकायत मिलने के बाद जांच की जाएगी।
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