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लुधियाना : शहीद सुखदेव को भूली सरकार... नहीं दिया परिवार को कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता
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लुधियाना। पंजाब में आप की सरकार आने के बाद नवनियुक्त मुख्यमंत्री भगवंत मान शहीद भगत सिंह के सपनों का पंजाब बनाने की बात कर रहे हैं। शहीद भगत सिंह के साथ फांसी का फंदा चूमने वाले राजगुरु और सुखदेव थापर को लगातार अनदेखा किया जा रहा है। इस बार कार्यक्रम में सुखदेव सिंह के परिवार न्योता नहीं दिया गया है। इससे उनके वंशज काफी नाराज हैं।
नौघरा मोहल्ला में स्थित शहीद सुखदेव के पैतृक घर में समागम के दौरान उनके वंशज अशोक थापर और संदीप थापर गोरा ने कहा कि वे सरकार के किसी भी समारोह का हिस्सा नहीं बनेंगे। खटकड़कलां में हर साल शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए कार्यक्रम करवाया जाता है।
अशोक थापर और संदीप थापर ने कहा कि सरकार की तरफ से यह एलान किया गया है कि सरकारी दफ्तरों में शहीद भगत सिंह की फोटो लगाई जाएगी। यह फैसला सही है, लेकिन सरकार शहीद भगत सिंह के दोनों नजदीकी साथियों को दरकिनार कर रही है।
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पिछली सरकार के समय से शहीद के पैतृक घर को सीधा रास्ता दिलाने की बात की जा रही है। सरकार के ढीलेपन के कारण अभी तक रास्ता नहीं मिला है। अब 15 मई को शहीद सुखदेव थापर का जन्मदिन है, उस दिन देखते हैं कि आम आदमी पार्टी कितना शहीद को याद करती है। भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव तीन शरीर और एक जान थे। तीनों ने इकट्ठे फांसी का फंदा चूमा था, लेकिन सरकार इन तीनों शहीदों को वोट के लिए अलग कर रही है।
पहली बार नहीं मिला सरकारी कार्यक्रम का निमंत्रण
अशोक थापर और संदीप थापर गोरा ने बताया कि हर बार शहीद सुखदेव थापर के घर के बाहर हवन यज्ञ करवाया जाता है। जो अकेले सुखदेव थापर के नहीं, बल्कि तीनों शहीदों के लिए होता है। वह हवन के बाद खटकड़कलां में होने वाले सरकारी समारोह में जाते हैं, लेकिन इस बार उन्हें सरकार की तरफ से निमंत्रण ही नहीं दिया गया। चाहे पंजाब में अकाली दल की सरकार रही हो या फिर कांग्रेस की हर बार शहीद सुखदेव थापर के वंशजों को सरकारी कार्यक्रम का निमंत्रण जरूर आता है। पहली बार सरकारी कार्यक्रम से निमंत्रण नहीं मिला है।
इधर चार विधायक पहुंचे शहीद सुखदेव के घर
लुधियाना। देश को आजाद कराने के लिए फांसी का फंदा चूमने वाले शहीद भगत सिंह, सुखदेव थापर और राजगुरु को सभी लोगों ने याद किया। बुधवार को शहीद सुखदेव थापर के पैतृक घर में महानगर के चार नवनियुक्त विधायक उन्हें श्रद्धांजली देने के लिए पहुंचे।
हलका सेंट्रल, पूर्वी, साउथ और आत्म नगर से आप विधायकों ने शहीद सुखदेव थापर को श्रद्धांजली भेंट कर उनके पैतृक घर को देखा और उनके परिवार वालों से बात की।
हलका सेंट्रल से विधायक अशोक पराशर पप्पी ने कहा कि शहीद हमारे देश का गौरव हैं। शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव एक माला के तीन मोती हैं। इन्हें अगर अलग किया जाएगा तो माला टूट जाएगी। इसलिए इन्हें कोई अलग नहीं कर सकता। शहीद सुखदेव के पैतृक घर को सरकार से बात कर ठीक कराया जाएगा।
हलका पूर्वी से विधायक दलजीत सिंह गरेवाल भोला ने कहा कि यह उनकी बदकिस्मती है कि उन्हें यहां पहले आने का मौका नहीं मिला। हलका आत्म नगर के विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू और साउथ की विधायक राजिंदरपाल कौर छीना ने भी शहीद को श्रद्धांजली भेंट की।
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नौघरा मोहल्ला में स्थित शहीद सुखदेव के पैतृक घर में समागम के दौरान उनके वंशज अशोक थापर और संदीप थापर गोरा ने कहा कि वे सरकार के किसी भी समारोह का हिस्सा नहीं बनेंगे। खटकड़कलां में हर साल शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए कार्यक्रम करवाया जाता है।
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अशोक थापर और संदीप थापर ने कहा कि सरकार की तरफ से यह एलान किया गया है कि सरकारी दफ्तरों में शहीद भगत सिंह की फोटो लगाई जाएगी। यह फैसला सही है, लेकिन सरकार शहीद भगत सिंह के दोनों नजदीकी साथियों को दरकिनार कर रही है।
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पिछली सरकार के समय से शहीद के पैतृक घर को सीधा रास्ता दिलाने की बात की जा रही है। सरकार के ढीलेपन के कारण अभी तक रास्ता नहीं मिला है। अब 15 मई को शहीद सुखदेव थापर का जन्मदिन है, उस दिन देखते हैं कि आम आदमी पार्टी कितना शहीद को याद करती है। भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव तीन शरीर और एक जान थे। तीनों ने इकट्ठे फांसी का फंदा चूमा था, लेकिन सरकार इन तीनों शहीदों को वोट के लिए अलग कर रही है।
पहली बार नहीं मिला सरकारी कार्यक्रम का निमंत्रण
अशोक थापर और संदीप थापर गोरा ने बताया कि हर बार शहीद सुखदेव थापर के घर के बाहर हवन यज्ञ करवाया जाता है। जो अकेले सुखदेव थापर के नहीं, बल्कि तीनों शहीदों के लिए होता है। वह हवन के बाद खटकड़कलां में होने वाले सरकारी समारोह में जाते हैं, लेकिन इस बार उन्हें सरकार की तरफ से निमंत्रण ही नहीं दिया गया। चाहे पंजाब में अकाली दल की सरकार रही हो या फिर कांग्रेस की हर बार शहीद सुखदेव थापर के वंशजों को सरकारी कार्यक्रम का निमंत्रण जरूर आता है। पहली बार सरकारी कार्यक्रम से निमंत्रण नहीं मिला है।
इधर चार विधायक पहुंचे शहीद सुखदेव के घर
लुधियाना। देश को आजाद कराने के लिए फांसी का फंदा चूमने वाले शहीद भगत सिंह, सुखदेव थापर और राजगुरु को सभी लोगों ने याद किया। बुधवार को शहीद सुखदेव थापर के पैतृक घर में महानगर के चार नवनियुक्त विधायक उन्हें श्रद्धांजली देने के लिए पहुंचे।
हलका सेंट्रल, पूर्वी, साउथ और आत्म नगर से आप विधायकों ने शहीद सुखदेव थापर को श्रद्धांजली भेंट कर उनके पैतृक घर को देखा और उनके परिवार वालों से बात की।
हलका सेंट्रल से विधायक अशोक पराशर पप्पी ने कहा कि शहीद हमारे देश का गौरव हैं। शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव एक माला के तीन मोती हैं। इन्हें अगर अलग किया जाएगा तो माला टूट जाएगी। इसलिए इन्हें कोई अलग नहीं कर सकता। शहीद सुखदेव के पैतृक घर को सरकार से बात कर ठीक कराया जाएगा।
हलका पूर्वी से विधायक दलजीत सिंह गरेवाल भोला ने कहा कि यह उनकी बदकिस्मती है कि उन्हें यहां पहले आने का मौका नहीं मिला। हलका आत्म नगर के विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू और साउथ की विधायक राजिंदरपाल कौर छीना ने भी शहीद को श्रद्धांजली भेंट की।