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Ludhiana News: अजनाला सहकारी चीनी मिल ने 21 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य निर्धारित किया
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अमृतसर।
ज़िले की एकमात्र सहकारी चीनी मिल भलापिंड अजनाला ने पेराई सीजन 2025-26 के लिए 21 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस सीजन का शुभारंभ 29 नवंबर 2025 को हुआ था, और अब तक मिल करीब 2.50 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है।
मिल के जनरल मैनेजर राजिंदर प्रताप सिंह ने बताया कि इस मिल की रोजाना गन्ने की पेराई क्षमता 25,000 क्विंटल है। मिल के इस सीजन की प्रगति से गन्ना किसानों में संतोष है, क्योंकि उन्हें गन्ना सप्लाई करने के बाद 4-6 घंटे में ही घर लौटने की सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि 1 दिसंबर 2025 तक गन्ना किसानों को उनके गन्ने की सप्लाई के बदले पूरी पेमेंट उनके अकाउंट में जमा कर दी गई है। आगे भी गन्ना किसानों के गन्ने की डिलीवरी के साथ पेमेंट जारी रहेगी।
गन्ने की आवक थोड़ी कम
मिल की प्रगति पर गन्ना किसानों ने कहा कि हालांकि कुछ स्थानों पर लेबर की कमी के कारण मिल में गन्ने की आवक थोड़ी कम है लेकिन अगले 3-4 दिनों में यह स्थिति बेहतर हो जाएगी। मिल प्रबंधन ने गन्ना किसानों से अपील की है कि वे गन्ना समय पर और साफ-सुथरा लाएं ताकि पेराई प्रक्रिया में कोई विघ्न न आए। मिल के अधिकारियों ने यह भी भरोसा दिलाया कि सहकारी चीनी मिल किसानों की भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
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ज़िले की एकमात्र सहकारी चीनी मिल भलापिंड अजनाला ने पेराई सीजन 2025-26 के लिए 21 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस सीजन का शुभारंभ 29 नवंबर 2025 को हुआ था, और अब तक मिल करीब 2.50 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है।
मिल के जनरल मैनेजर राजिंदर प्रताप सिंह ने बताया कि इस मिल की रोजाना गन्ने की पेराई क्षमता 25,000 क्विंटल है। मिल के इस सीजन की प्रगति से गन्ना किसानों में संतोष है, क्योंकि उन्हें गन्ना सप्लाई करने के बाद 4-6 घंटे में ही घर लौटने की सुविधा मिल रही है। उन्होंने बताया कि 1 दिसंबर 2025 तक गन्ना किसानों को उनके गन्ने की सप्लाई के बदले पूरी पेमेंट उनके अकाउंट में जमा कर दी गई है। आगे भी गन्ना किसानों के गन्ने की डिलीवरी के साथ पेमेंट जारी रहेगी।
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गन्ने की आवक थोड़ी कम
मिल की प्रगति पर गन्ना किसानों ने कहा कि हालांकि कुछ स्थानों पर लेबर की कमी के कारण मिल में गन्ने की आवक थोड़ी कम है लेकिन अगले 3-4 दिनों में यह स्थिति बेहतर हो जाएगी। मिल प्रबंधन ने गन्ना किसानों से अपील की है कि वे गन्ना समय पर और साफ-सुथरा लाएं ताकि पेराई प्रक्रिया में कोई विघ्न न आए। मिल के अधिकारियों ने यह भी भरोसा दिलाया कि सहकारी चीनी मिल किसानों की भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनकी समस्याओं का समाधान किया जा रहा है।
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