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कर्ज और बिल अदा न करनेे से आहत किसान ने दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा
Updated Sun, 07 Aug 2016 10:01 PM IST
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मौत
- फोटो : file
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जिले के एक किसान ने रविवार सुबह कर्ज और बिजली का बिल अदा न किए जाने से परेशान होकर फंदा लगा खुदकुशी कर ली। किसान एचआईवी पीड़ित था। थाना तलवंडी पुलिस ने शव को परिजनों के हवाले कर दिया है।
मृतक के पिता ने बताया कि उनके बेटे के पास डेढ़ एकड़ जमीन थी। उस पर लगाई फसल सफेद मक्खी के हमले से बर्बाद हो गई थी। इस वजह से वह सरकारी और गैर सरकारी दो लाख रुपये का कर्जदार हो गया। उन्होंने बताया कि कर्ज चढ़ने से वह अकसर परेशान रहता था। उन्होंने बताया कि उनके बेटे की जमीन में लगी पानी की मोटर का बिल बहुत ज्यादा आ गया था। इसको भरने में वह असमर्थ था।
उन्होंने बताया कि गांव में फास्टवे केवल चला रहे ऑपरेटर की ओर से उनके बेटे की पानी की मोटर को आने वाली बिजली की तार पर कुंडी लगा ली थी। इस वजह से बिल ज्यादा आया। उनके बेटे ने इस बाबत केवल ऑपरेटर से बात भी की थी, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। उसने परेशान होकर फंदा लगा खुदकुशी करने का रास्ता अपना लिया।
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मृतक किसान की पत्नी के अनुसार उनके परिवार ने केवल ऑपरेटर के खिलाफ पुलिस के पास शिकायत भी की थी, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। पत्नी ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उसके पति की मौत के लिए जिम्मेवार लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें इंसाफ दिया जाए। गांव वालों ने बताया कि किसान एचआईवी से भी पीड़ित था। वह इसे लेकर भी काफी परेशान रहता था।
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मृतक के पिता ने बताया कि उनके बेटे के पास डेढ़ एकड़ जमीन थी। उस पर लगाई फसल सफेद मक्खी के हमले से बर्बाद हो गई थी। इस वजह से वह सरकारी और गैर सरकारी दो लाख रुपये का कर्जदार हो गया। उन्होंने बताया कि कर्ज चढ़ने से वह अकसर परेशान रहता था। उन्होंने बताया कि उनके बेटे की जमीन में लगी पानी की मोटर का बिल बहुत ज्यादा आ गया था। इसको भरने में वह असमर्थ था।
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उन्होंने बताया कि गांव में फास्टवे केवल चला रहे ऑपरेटर की ओर से उनके बेटे की पानी की मोटर को आने वाली बिजली की तार पर कुंडी लगा ली थी। इस वजह से बिल ज्यादा आया। उनके बेटे ने इस बाबत केवल ऑपरेटर से बात भी की थी, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। उसने परेशान होकर फंदा लगा खुदकुशी करने का रास्ता अपना लिया।
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मृतक किसान की पत्नी के अनुसार उनके परिवार ने केवल ऑपरेटर के खिलाफ पुलिस के पास शिकायत भी की थी, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। पत्नी ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उसके पति की मौत के लिए जिम्मेवार लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें इंसाफ दिया जाए। गांव वालों ने बताया कि किसान एचआईवी से भी पीड़ित था। वह इसे लेकर भी काफी परेशान रहता था।