फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   Shahi Imam lashes out at Dhirendra Shastri statement ludhiana hate speech won't be tolerated

धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर बिफरे शाही इमाम: कहा-नफरती बातें बर्दाश्त नहीं, शब्द वापस न लिए तो केस करेंगे

Tue, 29 Sep 2026 01:18 PM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना Published by: Nivedita Updated Tue, 29 Sep 2026 01:18 PM IST
सार

शाही इमाम ने कहा कि देश की आजादी और औद्योगिक इतिहास में लुधियाना का विशेष योगदान रहा है। धार्मिक कथाओं या धर्म प्रचार से किसी को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मंच से नफरती बातें करना और इस्लाम धर्म पर आपत्तिजनक व नापाक टिप्पणियां करना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 

विज्ञापन
Shahi Imam lashes out at Dhirendra Shastri statement ludhiana hate speech won't be tolerated
धीरेंद्र शास्त्री और शाही इमाम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लुधियाना में चल रही 'श्री हनुमंत कथा' के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयानों पर विवाद खड़ा हो गया है। पंजाब के शाही इमाम मौलाना उस्मान रहमानी लुधियानवी सानी ने उनके बयानों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे आपसी सौहार्द और भाईचारे को नुकसान पहुंचाने की नाकाम कोशिश करार दिया है। 

विज्ञापन


उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री से अपनी विवादित टिप्पणियां तुरंत वापस लेने की मांग की है और चेतावनी दी है कि ऐसा न करने पर उनके व कथा आयोजकों के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराया जाएगा।
विज्ञापन




शाही इमाम ने कहा कि देश की आजादी और औद्योगिक इतिहास में लुधियाना का विशेष योगदान रहा है। धार्मिक कथाओं या धर्म प्रचार से किसी को कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन मंच से नफरती बातें करना और इस्लाम धर्म पर आपत्तिजनक व नापाक टिप्पणियां करना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि चाहे मैं हूं या कोई और धर्म प्रचारक, सभी की यह प्राथमिक जिम्मेदारी है कि वे समाज में आपसी सांझ, मोहब्बत और भाईचारे का संदेश दें।

'गुरुओं और सूफियों की धरती पर नफरत का स्थान नहीं'
शाही इमाम ने पंजाब की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि यह पहली पातशाही श्री गुरु नानक देव  की धरती है, जिन्होंने हमेशा संवाद और सांझ की बात की। यही बाबा फरीद शकरगंज की भूमि है, जिनकी वाणी आज भी फिजाओं में मिठास घोलती है। ऐसी पवित्र धरती पर आकर नफरत फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है।

लुधियाना के लोग सूझवान हैं, पागल नहीं'
धीरेंद्र शास्त्री द्वारा कथा के दौरान लोगों को 'लुधियाना के पागलों' कहकर संबोधित करने पर शाही इमाम ने कहा कि लुधियाना के लोग बेहद सूझवान, सम्मान देने वाले और मिलनसार हैं। उन्हें पागल समझने की गलतफहमी न पालें। लुधियाना के लोग हर धर्म का सत्कार करते हैं और 1947 के बंटवारे का दौर भी यहां के आपसी प्रेम को खत्म नहीं कर पाया था।

चीन पर टिप्पणी और दोहरे मापदंड पर सवाल
शाही इमाम ने धीरेंद्र शास्त्री द्वारा चीन को लेकर की गई टिप्पणी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस कैमरे और डिजिटल माध्यमों से उनकी बात करोड़ों लोगों तक पहुंच रही है, वे भी चीन की तकनीक हैं। भारत और विशेष रूप से लुधियाना का चीन के साथ बड़ा कारोबार है, ऐसे में एक पड़ोसी देश के खिलाफ गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी करना अनुचित है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि धीरेंद्र शास्त्री को 'दुबई के अब्दुल्ला' से खुशबू आती है, लेकिन 'पंजाब के अब्दुल्ला' को लेकर वे नफरत का संदेश देते हैं, यह दोहरा मापदंड क्यों है?


शाही इमाम ने कहा कि यदि ये विवादित शब्द वापस नहीं लिए गए, तो पंजाब और लुधियाना के भाईचारे को बचाने के लिए जो संभव होगा, करेंगे। इसके साथ ही, धीरेंद्र शास्त्री व आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पंजाब में भाईचारक सांझ को मजबूत करने के लिए जल्द ही सर्वधर्म के प्रतिनिधियों की एक विशेष बैठक बुलाई जाएगी।
  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed