मोहाली ब्लास्ट: स्कूल प्रिंसिपलों से बैठक करने लुधियाना पहुंचे सीएम मान, सुरक्षा में महिला अध्यापकों के बैग तक रखवाए बाहर
पुलिस कमिश्नर डॉ. कैस्तभ शर्मा खुद सड़कों पर उतरे और सुरक्षा व्यवस्था चेक की। मंगलवार को समारोह में जैसे ही महिला प्रिंसिपल वहां पहुंचीं तो उन्हें रास्ते में रोक लिया गया। गहन चेकिंग की गई और उन्हें अपने बैग बाहर रखकर आने को कहा गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मोहाली में इंटेलीजेंस हेड क्वार्टर में सोमवार रात को हुए ब्लास्ट के बाद पूरे पंजाब में हाईअलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार को लुधियाना के फिरोजपुर रोड स्थित एक पैलेस में सीएम भगवंत मान ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों के साथ बैठक लेनी थी। इस दौरान कड़ी सुरक्षा रही। सुरक्षा के इंतजाम इस कदर थे कि सामने स्कूल में बनाए गए हैलीपैड से पैलेस तक आने के दौरान जहां दोनों तरफ से ट्रैफिक रोक दिया गया, वहीं महिला अध्यापकों के पर्स तक रखवा दिए गए।
सीएम भगवंत मान को भी जान से मारने की धमकी मिल चुकी है। जिसके बाद हरियाणा के करनाल में विस्फोटक के साथ चार आतंकी पकड़े गए और सोमवार रात मोहाली में ब्लास्ट हो गया। ऐसे में सीएम भगवंत मान की सुरक्षा अचानक और बढ़ा दी गई है। सोमवार देर शाम से ही पंजाब के डीजीपी वीके भावरा लुधियाना में मौजूद थे। उन्होंने अपनी निगरानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। मोहाली में ब्लास्ट के बाद अचानक अधिकारी चौकस हो गए।
पुलिस कमिश्नर डॉ. कैस्तभ शर्मा खुद सड़कों पर उतरे और सुरक्षा व्यवस्था चेक की। मंगलवार को समारोह में जैसे ही महिला प्रिंसिपल वहां पहुंचीं तो उन्हें रास्ते में रोक लिया गया। गहन चेकिंग की गई और उन्हें अपने बैग बाहर रखकर आने को कहा गया। उन्होंने रोष जाहिर किया है और कहा कि वह कैसे अपना पर्सनल सामान बाहर रख सकती हैं। महिला अध्यापकों का कहना था कि उन्हें कहा गया कि वह पर्स या तो बस में रखकर आएं या फिर ढाबे पर ही छोड़ आएं। जिसके बाद अध्यापकों को अपने पैसे हाथ में पकड़कर पर्स बाहर रखने पड़े।
फिर सीएम से मिलने पहुंची दुष्कर्म पीड़ित महिला
पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस के खिलाफ दुष्कर्म का आपराधिक मामला दर्ज करवाने वाली महिला फिर सीएम से मिलने के लिए रिजॉर्ट के बाहर पहुंच गई। मुख्यमंत्री इससे पहले पांच मई को भी लुधियाना पहुंचे थे और इस दौरान भी महिला उनसे मिलने के लिए गई थी, मगर मुख्यमंत्री नहीं मिले थे। पीड़िता का कहना है कि कांग्रेस की सरकार के दौरान पूर्व विधायक को शरण मिलती रही और अब आम आदमी पार्टी की सरकार में भी सिमरजीत सिंह बैंस की गिरफ्तारी नहीं हो रही है। जबकि उसे भगोड़ा और अब वांटेड करार दिया जा चुका है। जिसके बाद अधिकारियों ने पीड़िता को समझा कर वहां से भेजा।