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10वीं के परिणाम में संगरूर की दो बेटियां छाई, पहले व दूसरे स्थान पर आई

Tue, 05 Jul 2022 10:24 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Tue, 05 Jul 2022 10:24 PM IST
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Sangrur's two daughters emerged in the 10th result, came in first and second place
संगरूर। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की तरफ से घोषित किए गए दसवीं कक्षा के परिणाम में जिला संगरूर का दबदबा रहा। जिले की दो छात्राओं ने पहला व दूसरा स्थान हासिल करके अपने अभिभावकों, स्कूल तथा क्षेत्र का नाम चमकाया है। दोनों होनहार बेटियों का लक्ष्य डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना है।
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गांव कांझला के गुरु तेग बहादर सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा दिलप्रीत कौर ने राज्यभर में दूसरा स्थान हासिल किया है। उसने 650 अंकों में से 644 अंक हासिल किए हैं, जिसकी प्रतिशतता 99.8 बनती है। जैसे ही दिलप्रीत कौर के दूसरे स्थान पर आने की सूचना उनके घर पहुंची तो पूरा परिवार खुशी से झूम उठा और उनके घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। दिलप्रीत कौर ने कहा कि इससे पहले उसका आठवीं कक्षा में मेरिट में आने का लक्ष्य था, लेकिन लॉकडाउन लगने की वजह से उसका सपना अधूरा रह गया था। उसने बताया कि इस बार उसने सोचा था कि वह मेरिट में स्थान हासिल करके ही दम लेगी। इसके लिए उसने कड़ी मेहनत की। रोजाना चार से पांच घंटे लगातार पढ़ाई की और अपना लक्ष्य हासिल किया। उसने बताया कि वह भविष्य में डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती है। उसने अपनी इस प्राप्ति का श्रेय अपने स्कूल स्टाफ तथा अभिभावकों को दिया। दिलप्रीत कौर के पिता रब्बी सिंह किसान हैं और उसकी माता सरबजीत कौर गृहणी हैं। बातचीत दौरान दोनों की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर नाज है, जिसने यह प्राप्ति हासिल करके उनका सिर ऊंचा करके यह साबित कर दिया है कि आज की बेटियां बेटों से कम नहीं है।
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इसी तरह गांवभुटाल कलां स्थित भुटाल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा कोमलप्रीत कौर ने पूरे राज्य में तीसरा स्थान हासिल किया है। उसने इस परिणाम में 650 अंकों में से 642 अंक हासिल किए हैं। जिसकी प्रतिशतता 98.77 बनती है। फोन पर कोमलप्रीत कौर ने बताया कि वह रोजाना 7 से 8 घंटे पढ़ाई करती थी। उसने कभी ट्यूशन भी नहीं रखी। मेरिट में स्थान हासिल करना उसका सपना था, जिसके लिए उसने दिन रात कड़ी मेहनत करके यह प्राप्ति अपने नाम की। उसके पिता तरसेम सिंह पेशे से किसान हैं और माता गृहणी हैं। वह भविष्य में डॉक्टर बनना चाहती है। कोमलप्रीत कौर के पिता तरसेम सिंह ने बातचीत करते कहा कि उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है, जिसने मेरिट में आकर उनका सीना चौड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि कोमलप्रीत बहुत होनहार है और उन्होंने भी हमेशा उसका हौसला बढ़ाया है। इसकी बदौलत आज कोमलप्रीत यह मुकाम हासिल कर पाई।
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फोटो : 05एसजीआरपी 01 ए : दिलप्रीत कौर का मुंह मीठा करवाते स्कूल स्टाफ व अभिभावक।
फोटो : 05एसजीआरपी 01 बी : कोमलप्रीत कौर का मुंह मीठा करवाते हुए।
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