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Ludhiana News: पंजाब में रुकी रियल एस्टेट परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार

Mon, 12 Jan 2026 07:15 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jan 2026 07:15 PM IST
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Real estate projects stalled in Punjab will gain momentum.
-सरकार ने एनओसी में दो साल किया विस्तार-ओटीसी भी स्कीम जारी
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-राज्यपाल की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर में लंबित परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी की गई है जिसके तहत एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) की वैधता समाप्त हो चुकी परियोजनाओं के लिए अब दो साल का विस्तार दिया जाएगा। यह सुविधा विशेष रूप से वर्ष 2014 के बाद मंजूर परियोजनाओं पर लागू होगी।
वर्ष 2014 से पहले मंजूर परियोजनाओं के लिए जिनकी एनओसी की वैधता समाप्त हो गई थी और जिनमें डेवलपर ने एनओसी और संशोधित एनओसी का पालन नहीं किया, सरकार ने वन टाइम सेटलमेंट (ओटीसी) स्कीम पेश की है। इसके तहत कनेक्टिविटी शुल्क बिजली कोड 2014 और उसके बाद किए गए संशोधनों के अनुसार लागू होंगे, जबकि सिस्टम लोडिंग शुल्क में छूट दी जाएगी।
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शर्तें और पात्रता
एनओसी विस्तार केवल उन्हीं परियोजनाओं पर लागू होगा जहां सक्षम प्राधिकारी ने कॉलोनी विकसित करने के लाइसेंस की वैधता अधिकतम दो साल तक बढ़ाई हो और परियोजना के स्वीकृत लेआउट प्लान में कोई बदलाव न किया गया हो।
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कनेक्टिविटी शुल्क और भुगतान प्रक्रिया
ओटीसी योजना के तहत, कॉलोनी के भीतर रहने वाले निवासियों को बिजली कनेक्शन तभी मिलेगा जब डेवलपर द्वारा कनेक्टिविटी शुल्क का 50% भुगतान किया गया हो। शेष 50% राशि दो साल की अवधि में, एसबीआई ब्याज दर के अनुसार किस्तों में वसूली जाएगी। यदि डेवलपर पूरी राशि एकमुश्त जमा करता है, तो कुल राशि पर 5% की अतिरिक्त छूट दी जाएगी।

डेवलपर्स के लिए अवसर
इस पहल से लंबित परियोजनाओं को पूरा करने में तेजी आएगी और रियल एस्टेट डेवलपर्स तथा बिल्डरों को निवेश की सुविधा भी मिलेगी। विभाग का कहना है कि अधिकतर कॉलोनियों के मूल लाइसेंस समाप्त हो चुके हैं, इसलिए एनओसी में संशोधन की अनुमति दी जा रही है, ताकि परियोजनाओं की पूर्णता सुनिश्चित हो सके। यह कदम राज्य में रियल एस्टेट सेक्टर को स्थिरता और निवेश के लिए सकारात्मक वातावरण प्रदान करेगा।
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