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सिबिल एंड सिडबी रैकिंग में पंजाब सातवें से फिसलकर 18 वें स्थान पर
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लुधियाना। आल इंडस्ट्री एवं ट्रेड फोरम प्रधान बदीश जिंदल ने सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के नाम पर पत्र लिखकर पंजाब की सिबल और सिडबी रैकिंग में लगातार गिरावट पर ध्यान देने का अनुरोध किया है।
हाल में आई सिबिल एवं सिडबी रैकिंग में पंजाब 2016-17 में सातवें स्थान से फिसलकर वर्ष 2019-20 में 18वें स्थान पर पहुंचने का खुलासा करते पंजाब सरकार को तुरंत ध्यान देने को कहा है। इस रैंकिंग में छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, झारखंड पंजाब से पीछे हैं। इसका मुख्य कारण सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को नजरंदाज किया जाना है। इसका सीधा प्रभाव पंजाब में रोजगार के साधनों पर भी पड़ा है।
बदीश जिंदल ने कहा कि पंजाब में 99.5 फीसदी एमएसई और सिर्फ प्वाइंट 5 प्रतिशत स्माल एवं लार्ज कारपोरेट्स हैं। बजट में सब्सिडी देने की बात आती है तो सरकार 98 प्रतिशत सब्सिडी का बजट मध्यम और बड़ी कंपनियों के लिए रहता है। एमएसएमई इंडस्ट्री खासकर माइक्रो और स्माल यूनिट्स को लेकर सरकार कोई अच्छी योजना तैयार करें तो पंजाब की आर्थिक स्थिति मजबूत की जा सकती है। वहीं पंजाब में बेरोजगार युवाओं को रोजगार मुहैया करवाया जा सकता है। यदि सरकार ने पंजाब को खुशहाली की ओर लेकर जाना है तो इसके लिए छोटी इंडस्ट्री के लिए योजनाओं पर काम करना होगा। छोटी इंडस्ट्री के लिए क्लस्टर प्रोग्राम के साथ सरकारी डिपो के माध्यम से रॉ मैटेरियल वाजिब दाम में मुहैया करवाने पर काम किया जाए। इससे पंजाब के उद्योग को बेहतर रफ्तार मिल सकती है।
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हाल में आई सिबिल एवं सिडबी रैकिंग में पंजाब 2016-17 में सातवें स्थान से फिसलकर वर्ष 2019-20 में 18वें स्थान पर पहुंचने का खुलासा करते पंजाब सरकार को तुरंत ध्यान देने को कहा है। इस रैंकिंग में छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, झारखंड पंजाब से पीछे हैं। इसका मुख्य कारण सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को नजरंदाज किया जाना है। इसका सीधा प्रभाव पंजाब में रोजगार के साधनों पर भी पड़ा है।
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बदीश जिंदल ने कहा कि पंजाब में 99.5 फीसदी एमएसई और सिर्फ प्वाइंट 5 प्रतिशत स्माल एवं लार्ज कारपोरेट्स हैं। बजट में सब्सिडी देने की बात आती है तो सरकार 98 प्रतिशत सब्सिडी का बजट मध्यम और बड़ी कंपनियों के लिए रहता है। एमएसएमई इंडस्ट्री खासकर माइक्रो और स्माल यूनिट्स को लेकर सरकार कोई अच्छी योजना तैयार करें तो पंजाब की आर्थिक स्थिति मजबूत की जा सकती है। वहीं पंजाब में बेरोजगार युवाओं को रोजगार मुहैया करवाया जा सकता है। यदि सरकार ने पंजाब को खुशहाली की ओर लेकर जाना है तो इसके लिए छोटी इंडस्ट्री के लिए योजनाओं पर काम करना होगा। छोटी इंडस्ट्री के लिए क्लस्टर प्रोग्राम के साथ सरकारी डिपो के माध्यम से रॉ मैटेरियल वाजिब दाम में मुहैया करवाने पर काम किया जाए। इससे पंजाब के उद्योग को बेहतर रफ्तार मिल सकती है।
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