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Ludhiana News: पंजाब रोडवेज कर्मचारियों ने दी हड़ताल की चेतावनी
Thu, 15 Oct 2026 05:54 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Updated Thu, 15 Oct 2026 05:54 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगरांव। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के ठेका कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदेश के सभी डिपो पर प्रदर्शन किया। यूनियन ने 21 अक्तूबर से पूर्ण हड़ताल, विधानसभा सत्र का घेराव और मुख्यमंत्री आवास के बाहर पक्का धरना देने की चेतावनी दी है।
प्रदेश संयुक्त सचिव जलौर सिंह गिल ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार अपने वादों को विफल रही है। सरकार कर्मचारियों की मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। गिल ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में परिवहन विभाग में किसी कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया। इसके बजाय आउटसोर्सिंग और किलोमीटर स्कीम से कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। यूनियन की सरकार के साथ 70 से 75 बैठकें हुईं लेकिन ठोस समाधान नहीं निकला। डिपो सचिव हरमिंदर सिंह सिद्धू ने 2026 के विधेयक को लागू करने में देरी पर चिंता जताई। यह विधेयक आउटसोर्स कर्मचारियों को ठेके पर लाने से संबंधित है। उन्होंने 11 वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों को सेवा नियमों के अनुसार नियमित करने की मांग की।
कर्मचारियों ने विभागों के निजीकरण को रोकने की मांग की है। उन्होंने संघर्ष के दौरान दर्ज कथित नाजायज पुलिस मामले रद करने की भी मांग की। डिपो प्रधान दविंदर सिंह भीम ने ठेकेदारी प्रथा खत्म करने के वादे से पीछे हटने का आरोप लगाया। उन्होंने आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण बंद कर उन्हें ठेके पर लाने की मांग की। नियमित करने की प्रक्रिया तय समय में पूरी की जाए।
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जगरांव। पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के ठेका कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदेश के सभी डिपो पर प्रदर्शन किया। यूनियन ने 21 अक्तूबर से पूर्ण हड़ताल, विधानसभा सत्र का घेराव और मुख्यमंत्री आवास के बाहर पक्का धरना देने की चेतावनी दी है।
प्रदेश संयुक्त सचिव जलौर सिंह गिल ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार अपने वादों को विफल रही है। सरकार कर्मचारियों की मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। गिल ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में परिवहन विभाग में किसी कर्मचारी को नियमित नहीं किया गया। इसके बजाय आउटसोर्सिंग और किलोमीटर स्कीम से कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। यूनियन की सरकार के साथ 70 से 75 बैठकें हुईं लेकिन ठोस समाधान नहीं निकला। डिपो सचिव हरमिंदर सिंह सिद्धू ने 2026 के विधेयक को लागू करने में देरी पर चिंता जताई। यह विधेयक आउटसोर्स कर्मचारियों को ठेके पर लाने से संबंधित है। उन्होंने 11 वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों को सेवा नियमों के अनुसार नियमित करने की मांग की।
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कर्मचारियों ने विभागों के निजीकरण को रोकने की मांग की है। उन्होंने संघर्ष के दौरान दर्ज कथित नाजायज पुलिस मामले रद करने की भी मांग की। डिपो प्रधान दविंदर सिंह भीम ने ठेकेदारी प्रथा खत्म करने के वादे से पीछे हटने का आरोप लगाया। उन्होंने आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण बंद कर उन्हें ठेके पर लाने की मांग की। नियमित करने की प्रक्रिया तय समय में पूरी की जाए।
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