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26 साल दुश्मन के साथ और अब जगरांव प्रशासन के खिलाफ लड़ेंगे कैप्टन बलौर
अमर उजाला (जगरांव/लुधियाना)
Updated Fri, 31 Jan 2014 09:57 PM IST
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26 साल की सेना की सेवा के दौरान देश की शान के खिलाफ खराब नियत डालने वालों के दांत खट्टे करने वाले रिटायर्ड कैप्टन एवं गांव भमीपुर कलां के सरपंच बलौर सिंह अब जगरांव प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे।
बलौर सिंह की देश सेवा को देखते हुए गांव के लोगों ने वोट डाल कर सरपंच बना दिया, लेकिन जगरांव प्रशासन ने आज तक सरपंच का चार्ज नहीं दिया। अफसरों से सात माह तक बातचीत करने के बाद कुछ हाथ नहीं लगने से परेशान कैप्टन ने अब तीन फरवरी से बीडीपीओ दफ्तर के सामने भूखहड़ताल पर बैठने का ऐलान कर दिया है।
शुक्रवार को संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कैप्टन एवं सरपंच बेलौर सिंह ने कहा कि वह 42 साल पहले सेना में भरती हुए थे, 26 साल की सेवा के दौरान जहां उनको सेनाध्यक्ष विक्रम सिंह के साथ भी काम करने का अवसर मिला, वहीं वे बाक्सिंग के खिलाड़ी भी हैं। उन्होंने बाक्सिंग में कई मुकाबले जीत कर सेना में अपना नाम ऊंचा किया।
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1998 में क ैप्टन के पद से रिटायर होने के बाद अपने पुश्तैनी गांव भम्मीपुर कलां में समाज सेवा का काम शुरू कर दिया। 2013 में हुए पंचायत चुनाव में वह सरपंच के तौर पर चुन लिए गए लेकिन प्रशासन ने उनको सरपंच का चार्ज नहीं लेने दिया। इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों से भी कई बार बातचीत की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अब वे 3 फरवरी से भूखहड़ताल पर बैठेंगे।
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बलौर सिंह की देश सेवा को देखते हुए गांव के लोगों ने वोट डाल कर सरपंच बना दिया, लेकिन जगरांव प्रशासन ने आज तक सरपंच का चार्ज नहीं दिया। अफसरों से सात माह तक बातचीत करने के बाद कुछ हाथ नहीं लगने से परेशान कैप्टन ने अब तीन फरवरी से बीडीपीओ दफ्तर के सामने भूखहड़ताल पर बैठने का ऐलान कर दिया है।
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शुक्रवार को संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कैप्टन एवं सरपंच बेलौर सिंह ने कहा कि वह 42 साल पहले सेना में भरती हुए थे, 26 साल की सेवा के दौरान जहां उनको सेनाध्यक्ष विक्रम सिंह के साथ भी काम करने का अवसर मिला, वहीं वे बाक्सिंग के खिलाड़ी भी हैं। उन्होंने बाक्सिंग में कई मुकाबले जीत कर सेना में अपना नाम ऊंचा किया।
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1998 में क ैप्टन के पद से रिटायर होने के बाद अपने पुश्तैनी गांव भम्मीपुर कलां में समाज सेवा का काम शुरू कर दिया। 2013 में हुए पंचायत चुनाव में वह सरपंच के तौर पर चुन लिए गए लेकिन प्रशासन ने उनको सरपंच का चार्ज नहीं लेने दिया। इस संबंध में उन्होंने अधिकारियों से भी कई बार बातचीत की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अब वे 3 फरवरी से भूखहड़ताल पर बैठेंगे।