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भारतीय सेनाएं हर चुनौती का मुकाबला करने में सक्षम : राष्ट्रपति
अमर उजाला, लुधियाना
Updated Wed, 20 Nov 2013 10:44 PM IST
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एयरफोर्स स्टेशन हलवारा में बुधवार को प्रभावशाली समारोह के दौरान राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने 220 और 32 स्कवाड्रन को सेना के प्रतिष्ठित राष्ट्रपति ध्वज से सम्मानित किया।
इस दौरान एयरफोर्स के माहिरों ने हवा में लड़ाकू जहाजों से एरोबिक शो करके सभी को चकित कर दिया। इस अवसर पर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने कहा कि भारतीय सेनाएं हर तरह की चुनौतियों का मुकाबला करने में सक्षम हैं। शांति बनाने, युद्ध के वक्त शत्रुओं से लोहा लेने और प्राकृतिक आपदा के वक्त जोखिम उठा कर लोगों की जान बचाने के कई अभियानों में सेना ने अपनी महारत बार-बार साबित की है।
जून में उत्तराखंड में आई भयंकर प्राकृतिक आपदा के दौरान वायु सेना का काम सराहनीय रहा और सेना के जांबाज जवानों ने कई दिन तक दुर्गम इलाकों में फंसे हजारों लोगों को बचाया। देश ही नहीं बल्कि विदेशों अमेरिका एवं चीन में भी वायु सेना ने प्राकृतिक आपदा के वक्त सहयोग किया है।
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राष्ट्रपति ने कहा कि एक जिम्मेदार देश होने के नाते भारत क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए वचनबद्ध है। आर्थिक विकास और लोगों के सामाजिक उत्थान की दिशा में देश आगे बढ़ रहा है। इसी के साथ ही सेना की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। चुनौतियों के वक्त सेना के जवानों ने जोरदार साहस का परिचय देकर अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है।
समारोह में पंजाब के राज्यपाल शिव राज पाटिल, पंजाब के उद्योग मंत्री मदन मोहन मित्तल, लोक निर्माण मंत्री शरण जीत सिंह ढिल्लों, एयर चीफ मार्शल एनएके ब्राउन समेत एयर फोर्स, जिला प्रशासन एवं पुलिस के कई अधिकारी मौजूद रहे।
1965, 1971 युद्धों में उम्दा प्रदर्शन किया था
राष्ट्रपति ने कहा कि 32 स्कवाड्रन का गौरवमयी इतिहास रहा है। 1965 एवं 1971 के युद्ध में इस स्कवाड्रन की अहम भूमिका रही। इन स्कवाड्रन ने शत्रुओं के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को नष्ट किया, जबकि 220 स्कवाड्रन भी 1963 में अपनी स्थापना के बाद लगातार जिम्मेदारियाें को निभा रही है। 1965 एवं 1971 के युद्धों में इस स्कवाड्रन ने भी उम्दा प्रदर्शन किया था।
लड़ाकू विमानों ने हैरतअंगेज कारनामे दिखाए
इससे पहले कमांडर मनोज कुमार के नेतृत्व में आयोजित प्रभावशाली परेड का राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने निरीक्षण किया और सलामी ली। इस परेड में एयरफोर्स के 426 जवानों एवं 56 अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा तीन हेलिकाप्टरों ने राष्ट्रपति को हवा में उड़ते हुए मंच के सामने से सलामी दी। इसके बाद मंच के आगे से लड़ाकू विमानों ने हवा में हैरतअंगेज कारनामे करके अपनी महारत को साबित किया।
ब्राशर का विमोचन किया
राष्ट्रपति ने 220 और 32 स्कवाड्रन के ब्राशर एवं कवर का भी विमोचन किया। इनमें दोनों यूनिट के गौरव का विवरण दिया गया है। समारोह के दौरान एयरफोर्स के जवानों ने जबरदस्त राइफल शो भी पेश करके सभी को मुग्ध किया।
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इस दौरान एयरफोर्स के माहिरों ने हवा में लड़ाकू जहाजों से एरोबिक शो करके सभी को चकित कर दिया। इस अवसर पर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने कहा कि भारतीय सेनाएं हर तरह की चुनौतियों का मुकाबला करने में सक्षम हैं। शांति बनाने, युद्ध के वक्त शत्रुओं से लोहा लेने और प्राकृतिक आपदा के वक्त जोखिम उठा कर लोगों की जान बचाने के कई अभियानों में सेना ने अपनी महारत बार-बार साबित की है।
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जून में उत्तराखंड में आई भयंकर प्राकृतिक आपदा के दौरान वायु सेना का काम सराहनीय रहा और सेना के जांबाज जवानों ने कई दिन तक दुर्गम इलाकों में फंसे हजारों लोगों को बचाया। देश ही नहीं बल्कि विदेशों अमेरिका एवं चीन में भी वायु सेना ने प्राकृतिक आपदा के वक्त सहयोग किया है।
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राष्ट्रपति ने कहा कि एक जिम्मेदार देश होने के नाते भारत क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए वचनबद्ध है। आर्थिक विकास और लोगों के सामाजिक उत्थान की दिशा में देश आगे बढ़ रहा है। इसी के साथ ही सेना की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। चुनौतियों के वक्त सेना के जवानों ने जोरदार साहस का परिचय देकर अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है।
समारोह में पंजाब के राज्यपाल शिव राज पाटिल, पंजाब के उद्योग मंत्री मदन मोहन मित्तल, लोक निर्माण मंत्री शरण जीत सिंह ढिल्लों, एयर चीफ मार्शल एनएके ब्राउन समेत एयर फोर्स, जिला प्रशासन एवं पुलिस के कई अधिकारी मौजूद रहे।
1965, 1971 युद्धों में उम्दा प्रदर्शन किया था
राष्ट्रपति ने कहा कि 32 स्कवाड्रन का गौरवमयी इतिहास रहा है। 1965 एवं 1971 के युद्ध में इस स्कवाड्रन की अहम भूमिका रही। इन स्कवाड्रन ने शत्रुओं के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को नष्ट किया, जबकि 220 स्कवाड्रन भी 1963 में अपनी स्थापना के बाद लगातार जिम्मेदारियाें को निभा रही है। 1965 एवं 1971 के युद्धों में इस स्कवाड्रन ने भी उम्दा प्रदर्शन किया था।
लड़ाकू विमानों ने हैरतअंगेज कारनामे दिखाए
इससे पहले कमांडर मनोज कुमार के नेतृत्व में आयोजित प्रभावशाली परेड का राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने निरीक्षण किया और सलामी ली। इस परेड में एयरफोर्स के 426 जवानों एवं 56 अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा तीन हेलिकाप्टरों ने राष्ट्रपति को हवा में उड़ते हुए मंच के सामने से सलामी दी। इसके बाद मंच के आगे से लड़ाकू विमानों ने हवा में हैरतअंगेज कारनामे करके अपनी महारत को साबित किया।
ब्राशर का विमोचन किया
राष्ट्रपति ने 220 और 32 स्कवाड्रन के ब्राशर एवं कवर का भी विमोचन किया। इनमें दोनों यूनिट के गौरव का विवरण दिया गया है। समारोह के दौरान एयरफोर्स के जवानों ने जबरदस्त राइफल शो भी पेश करके सभी को मुग्ध किया।