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थाना मुखी समेत आठ पुलिस मुलाजिम मुअत्तल
अमर उजाला, मानसा
Updated Sat, 25 Jan 2014 09:35 PM IST
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एसएसपी ने भीखी के एक मेडिकल हाल मालिक पर झूठा मामला दर्ज करने को लेकर एसएचओ समेत आठ पुलिस मुलाजिमों को मुअत्तल कर दिया गया है। इस समय यह एसएचओ थाना बरेटा में तैनात है, जबकि बाकी पुलिस मुलाजिम भीखी, बुढलाडा व बरेटा के थाने में लगे हुए हैं।
इस संबंधी मेडिकल स्टोर मालिक अशोक कुमार ने हाईकोर्ट में पिटीशन डालकर अपना पक्ष पेश किया था, जिसकी जांच के बाद यह मामला झूठा पाया गया।
10 अगस्त, 2013 को थाना भीखी मुखी गुरदर्शन सिंह, एएसआई दलबीर सिंह, जसवंत सिंह व एएसआई भगवंत सिंह आदि ने जैन मेडिकल हाल भीखी के मालिक अशोक कुमार से नशीली गोलियां पकड़ने व उसको गांव मत्ती के बिजली ग्रिड के पास काबू करने का मामला दर्ज किया था।
इसके बाद मेडिकल स्टोर के मालिक अशोक कुमार ने हाईकोर्ट में एक पिटीशन दायर करके सीसीटीवी कैमरे की फुटेज व अपना पक्ष पेश किया। इसमें पाया गया कि ये पुलिस मुलाजिम 10 अगस्त को उसकी दुकान पर मौजूद थे। दुकान मालिक ने बताया कि उसके पास से दवाएं बरामद करने का झूठा मामला बनाया गया, जबकि सभी दवाओं के बिल व रिकार्ड मौजूद था। पुलिस ने कई दवाएं ऐसी भी डालीं जो उनके पास मौजूद नहीं थीं।
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हाईकोर्ट ने बीती 14 जनवरी को मानसा के एसएसपी को इस मामले में तलब किया था लेकिन पुलिस मुखी पेश नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने इस मामले में एक जांच टीम का गठन किया, जिसमें यह मामला झूठा पाया गया।
सीनियर पुलिस कप्तान भूपिंदर सिंह खटड़ा ने बताया कि मामला झूठा पाने के बाद इस मामले को रद्द करने के बाद उस समय के थाना मुखी गुरदर्शन सिंह, एएसआई दलबीर सिंह, एएसआई जसवंत सिंह, एएसआई भगवंत सिंह, हवलदार राम पाल सिंह, करनैल सिंह, सुखविंदर सिंह व सिपाही गुरदेव सिंह को मुअत्तल कर दिया गया है।
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इस संबंधी मेडिकल स्टोर मालिक अशोक कुमार ने हाईकोर्ट में पिटीशन डालकर अपना पक्ष पेश किया था, जिसकी जांच के बाद यह मामला झूठा पाया गया।
10 अगस्त, 2013 को थाना भीखी मुखी गुरदर्शन सिंह, एएसआई दलबीर सिंह, जसवंत सिंह व एएसआई भगवंत सिंह आदि ने जैन मेडिकल हाल भीखी के मालिक अशोक कुमार से नशीली गोलियां पकड़ने व उसको गांव मत्ती के बिजली ग्रिड के पास काबू करने का मामला दर्ज किया था।
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इसके बाद मेडिकल स्टोर के मालिक अशोक कुमार ने हाईकोर्ट में एक पिटीशन दायर करके सीसीटीवी कैमरे की फुटेज व अपना पक्ष पेश किया। इसमें पाया गया कि ये पुलिस मुलाजिम 10 अगस्त को उसकी दुकान पर मौजूद थे। दुकान मालिक ने बताया कि उसके पास से दवाएं बरामद करने का झूठा मामला बनाया गया, जबकि सभी दवाओं के बिल व रिकार्ड मौजूद था। पुलिस ने कई दवाएं ऐसी भी डालीं जो उनके पास मौजूद नहीं थीं।
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हाईकोर्ट ने बीती 14 जनवरी को मानसा के एसएसपी को इस मामले में तलब किया था लेकिन पुलिस मुखी पेश नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने इस मामले में एक जांच टीम का गठन किया, जिसमें यह मामला झूठा पाया गया।
सीनियर पुलिस कप्तान भूपिंदर सिंह खटड़ा ने बताया कि मामला झूठा पाने के बाद इस मामले को रद्द करने के बाद उस समय के थाना मुखी गुरदर्शन सिंह, एएसआई दलबीर सिंह, एएसआई जसवंत सिंह, एएसआई भगवंत सिंह, हवलदार राम पाल सिंह, करनैल सिंह, सुखविंदर सिंह व सिपाही गुरदेव सिंह को मुअत्तल कर दिया गया है।