फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   punjab, ludhiana, new year, industry

पावर संकट से निजात मिलने की उद्योग जगत को उम्मीद

Wed, 01 Jan 2014 10:54 PM IST
अमर उजाला, लुधियाना
अमर उजाला, लुधियाना Updated Wed, 01 Jan 2014 10:54 PM IST
विज्ञापन
punjab, ludhiana, new year, industry
कई साल से बिजली संकट से जूझ रहे उद्योग जगत को नए साल में इससे निजात मिलने की उम्मीद है। सरकार सूबे को बिजली क्षेत्र में देश का पहला सरप्लस राज्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
विज्ञापन


इसी दम पर सरकार ने मोहाली में दो दिन का प्रोग्रेसिव पंजाब समिट कराकर 65 हजार करोड़ रुपये के नए निवेश क ो हरी झंडी दी। वहीं मौजूदा उद्योगों को भी उम्मीद है कि इस साल गर्मियों के मौसम में पावर कट नहीं झेलने होंगे। इसी के साथ ही उद्यमियों ने यह सलाह भी दी है कि बिजली वितरण सिस्टम को भी बेहतर बनाया जाए, ताकि बिजली की वेस्टेज को खत्म किया जा सके।
विज्ञापन


पंजाब में 2013 में 2630 मेगावाट बिजली पैदा की जा रही थी जबकि नवंबर में तलवंडी साबो के 660 मेगावाट और दिसंबर में राजपुरा थर्मल प्लांट की 700 मेगावाट की पहली इकाई का शुभारंभ करने के बाद बिजली उत्पादन क्षमता में 1360 मेगावाट का और इजाफा हो गया है। इस साल के दौरान इन दोनों प्लांटों पर अन्य इकाईयों में भी उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। तलवंडी साबो प्लांट की कुल क्षमता 1980 मेगावाट एवं राजपुरा प्लांट की कुल क्षमता 1400 मेगावाट है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दोनों प्लांट के चालू होने के बाद सूबे में बिजली की किल्लत को लगाम लग जाएगा। बिजली उत्पादन बढ़ाने के साथ साथ सरकार बिजली वितरण बेहतर बनाने के लिए राज्य के 47 शहरों एवं कस्बों में पूरी व्यवस्था बदलने जा रही है। इसके लिए 1600 करोड़ रुपये की लागत से नया वितरण सिस्टम लागू किया जा रहा है। अके ले लुधियाना में ही 413 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल अंडरटेकिंग्स के प्रधान अवतार सिंह का कहना है कि पिछले कई सालों से पंजाब बिजली संकट से जूझ रहा है। खास कर गर्मियों के दिनों में इंडस्ट्री कई दिनों के लंबे पावर कट से जूझती है। इससे उत्पादन पर असर आता है। मजबूरन उद्योगों को जेनरेटर से महंगी बिजली पैदा करके काम चलाना पड़ता है। बिजली की कमी पूरी होने से राज्य के उद्योगों में नई जान आएगी।

लगातार बिजली मिलने से इंडस्ट्री की लागत में कमी होगी।
उधर निटवियर क्लब के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट राािजंदर भूषण का कहना है कि बिजली की आपूर्ति बढ़ाने के साथ साथ इसकी कीमत में कमी आना भी जरूरी है। दूसरे पीक आवर समेत तमाम तरह की पाबंदियों को भी खत्म किया जाए। इससे उद्योगों को खुले माहौल में काम करने का मौका मिलेगा।


आल इंडिया इंड्क्शन फर्नेस एसोसिएशन के सीनियर वाइस प्रेेसिडेंट संदीप जैन का कहना है कि सरकार ने रात को बिजली लेने पर छह माह के लिए एक रुपये प्रति यूनिट की राहत दी है। इसे बढ़ा कर सारा साल किया जाए और यह सभी उद्योगों को दी जाए। इसके अलावा क्रास सब्सिडी को खत्म किया जाए। इससे भी इंडस्ट्री को लाभ होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed