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मिर्गी : जनरल मेडिसन से ठीक हो जाते 70 परसेंट केस
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Wed, 18 Nov 2015 05:08 PM IST
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vधियाना। मिर्गी को लेकर लोगों में आज भी कई तरह की भ्रांतियां हैं। इसी
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कारण लोग इस बीमारी को लाइलाज मानते हुए इसे छिपाते हैं, जबकि 70 परसेंट
केस जनरल मेडिसन से ठीक हो सकते हैं।
यह कहना है सतगुरु प्रताप सिंह (एसपीएस) हास्पिटल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. आरएस भाटिया का। डॉ. भाटिया ने बताया मिर्गी लंबे समय तक चलने वाली बीमारी है। इस कारण इसे ज्यादा समय तक छुपाकर नहीं रखा जा सकता। लोगों को चाहिए वे तत्काल इसके बारे में डाक्टर से सलाह लेकर इलाज कराएं।
सही समय पर इलाज मिलने से व्यक्ति दवा खाने के बाद 2 से 4 साल तक दौरे से मुक्त हो सकता है। डॉ. भाटिया बुधवार को विश्व मिरगी (एपिलिप्सी) दिवस पर आयोजित बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने बताया मिर्गी का कारण ब्रेन सेल से पैदा हुए करंट के ज्यादा मात्रा में दिमाग की नाड़ी आना भी हो सकता है। ब्रेन स्ट्रोक, जन्मजात, ब्रेन ट्यूमर और अटैक भी मिर्गी का कारण बनते हैं। पूरी नींद नहीं लेनाऔर लंबे समय तक उपवास रखने से भी व्यक्ति इस बीमारी की चपेट में आ सकता है।
ईईजी और एमआरआई जैसे टेस्टों से इसकी पुष्टि होती है। हालांकि मिरगी के 70 परसेंट केस जनरल मेडिसन से ठीक हो जाते हैं, लेकिन ब्रेन से जुड़ी कुछ जटिलताओं के कारण सर्जरी भी करनी पड़ती है। डॉ. भाटिया ने बताया कि मिर्गी संक्रामक रोग नहीं है। मिर्गी के मरीज हर तरह का काम कर सकते हैं।
यह कहना है सतगुरु प्रताप सिंह (एसपीएस) हास्पिटल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. आरएस भाटिया का। डॉ. भाटिया ने बताया मिर्गी लंबे समय तक चलने वाली बीमारी है। इस कारण इसे ज्यादा समय तक छुपाकर नहीं रखा जा सकता। लोगों को चाहिए वे तत्काल इसके बारे में डाक्टर से सलाह लेकर इलाज कराएं।
सही समय पर इलाज मिलने से व्यक्ति दवा खाने के बाद 2 से 4 साल तक दौरे से मुक्त हो सकता है। डॉ. भाटिया बुधवार को विश्व मिरगी (एपिलिप्सी) दिवस पर आयोजित बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने बताया मिर्गी का कारण ब्रेन सेल से पैदा हुए करंट के ज्यादा मात्रा में दिमाग की नाड़ी आना भी हो सकता है। ब्रेन स्ट्रोक, जन्मजात, ब्रेन ट्यूमर और अटैक भी मिर्गी का कारण बनते हैं। पूरी नींद नहीं लेनाऔर लंबे समय तक उपवास रखने से भी व्यक्ति इस बीमारी की चपेट में आ सकता है।
ईईजी और एमआरआई जैसे टेस्टों से इसकी पुष्टि होती है। हालांकि मिरगी के 70 परसेंट केस जनरल मेडिसन से ठीक हो जाते हैं, लेकिन ब्रेन से जुड़ी कुछ जटिलताओं के कारण सर्जरी भी करनी पड़ती है। डॉ. भाटिया ने बताया कि मिर्गी संक्रामक रोग नहीं है। मिर्गी के मरीज हर तरह का काम कर सकते हैं।