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दो साल से इंसाफ के लिए ठोकरें खा रहा एनआरआई
ब्यूरो/अमर उजाला, बरनाला
Updated Sat, 30 May 2015 10:19 PM IST
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अपने साथ हुआ ठगी के लिए दो साल से इंसाफ के लिए भटक रहे एनआरआई जोधा सिंह ने फिर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
उसने हाईकोर्ट में पंजाब पुलिस के डीजीपी सुमेध सैनी, जिला पुलिस मुखी उपिंदरजीत सिंह घुम्मन, जिले के एसपीडी स्वर्ण सिंह खन्ना एवं आरोपियों को छोड़ने वाले थानेदार राजिंदर सिंह को पार्टी बनाया है। शनिवार को एनआरआई जोधा सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि वह अपने साथ हुई ठगी के दर्ज हुए मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मुख्यमंत्री, डीजीपी और एनआरआई विंग में गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
एनआरआई जोधासिंह ने बताया कि उसने कनाडा से रुपये गांव फरवाही में अपने पिता बाबू सिंह और भाई मंगजीत सिंह को जमीन खरीदने के लिए भेजे, लेकिन उसे न तो रुपये मिले और न ही जमीन। 17 जुलाई, 2013 को दोनों आरोपियों पर ठगी का मामला दर्ज हो चुका है, लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तार नहीं हुई। वहीं, दूसरी तरफ दोनों ने आरोप बेबुनियाद बताते हैं।
जिला पुलिस मुखी उपिंदरजीत सिंह घुम्मन के मुताबिक आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सीआईए स्टाफ के इंचार्ज बलजीत सिंह की ड्यूटी लगाई गई है।
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उसने हाईकोर्ट में पंजाब पुलिस के डीजीपी सुमेध सैनी, जिला पुलिस मुखी उपिंदरजीत सिंह घुम्मन, जिले के एसपीडी स्वर्ण सिंह खन्ना एवं आरोपियों को छोड़ने वाले थानेदार राजिंदर सिंह को पार्टी बनाया है। शनिवार को एनआरआई जोधा सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि वह अपने साथ हुई ठगी के दर्ज हुए मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मुख्यमंत्री, डीजीपी और एनआरआई विंग में गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
एनआरआई जोधासिंह ने बताया कि उसने कनाडा से रुपये गांव फरवाही में अपने पिता बाबू सिंह और भाई मंगजीत सिंह को जमीन खरीदने के लिए भेजे, लेकिन उसे न तो रुपये मिले और न ही जमीन। 17 जुलाई, 2013 को दोनों आरोपियों पर ठगी का मामला दर्ज हो चुका है, लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तार नहीं हुई। वहीं, दूसरी तरफ दोनों ने आरोप बेबुनियाद बताते हैं।
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जिला पुलिस मुखी उपिंदरजीत सिंह घुम्मन के मुताबिक आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सीआईए स्टाफ के इंचार्ज बलजीत सिंह की ड्यूटी लगाई गई है।