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साथी की मौत से भड़के मजदूरों का प्रदर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, श्री माछीवाड़ा साहिब (लुधियाना)
Updated Fri, 22 Apr 2016 10:00 PM IST
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श्री माछीवाड़ा साहिब में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते मजदूर
- फोटो : अमर उजाला
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मालवा मिल के मजदूरों को ले जा रही गाड़ी के हादसाग्रस्त हो जाने के बाद शुक्रवार को मिल के मजदूरों ने काम छोड़कर मिल के गेट के बाहर धरना लगा दिया। इस दौरान कुछ समय के लिए कोहाड़ा मार्ग को जाम भी किया गया।
धरने की खबर मिलते ही माछीवाड़ा और कूमकलां पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाकर जाम खुलवाया। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने किसी को भी मिल के अंदर नहीं जाने दिया। हादसे में मरने वाली एक लड़की को मुआवजा दिए जाने के एलान के बाद ही धरना समाप्त किया गया। धरने के दौरान मजदूरों ने मिल प्रबंधन पर तानाशाही करने, ओवरटाइम न देने और मजदूरों को ले जाने वाली गाड़ियों के चालकों के नशा करके गाड़ी चलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए।
जानकारी के मुताबिक पिछले दिनों मिल की मजदूर औरतों को ले जा रही बस समराला के पास हादसाग्रस्त हो गई थी। इसमें मोरिंडा निवासी हेमा रानी (20) गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसकी वीरवार रात मौत हो गई। मिल में हेमा की मौत की खबर पहुंचते ही मजदूर भड़क गए और धरने पर बैठ गए।
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मजदूरों ने बताया कि मिल के अंदर से मजदूरों की गाड़ी ले जाने वाला चालक अक्सर मिल के बाहर जाते ही दूसरे चालक को गाड़ी दे देता है। पहले भी गाड़ियों के एक्सीडेंट हो चुके हैं, लेकिन मिल प्रबंधन को इसकी कोई चिंता नहीं है। मरने वालों के लिए कोई दो मिनट का मौन तक नहीं रखा जाता और न ही मिल कोई मुआवजा देती है। महिला मजदूरों को ओवरटाइम के सही पैसे नहीं दिए जाते।
धरने को खत्म करवाने पहुंचे मिल प्रबंधकों डॉ. विनीत, एचएस कलसी, केएस वर्मा ने मजदूरों के आरोपों को निराधार करार दिया। उन्होंने कहा कि महिला मजदूर हेमा के उपचार का पूरा खर्चा मिल प्रबंधन ने ही उठाया है। अब इसकी मौत के बाद पांच लाख का मुआवजा और मजदूर फंड भी दिए जाएंगे।
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धरने की खबर मिलते ही माछीवाड़ा और कूमकलां पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाकर जाम खुलवाया। करीब तीन घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने किसी को भी मिल के अंदर नहीं जाने दिया। हादसे में मरने वाली एक लड़की को मुआवजा दिए जाने के एलान के बाद ही धरना समाप्त किया गया। धरने के दौरान मजदूरों ने मिल प्रबंधन पर तानाशाही करने, ओवरटाइम न देने और मजदूरों को ले जाने वाली गाड़ियों के चालकों के नशा करके गाड़ी चलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए।
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जानकारी के मुताबिक पिछले दिनों मिल की मजदूर औरतों को ले जा रही बस समराला के पास हादसाग्रस्त हो गई थी। इसमें मोरिंडा निवासी हेमा रानी (20) गंभीर रूप से घायल हो गई थी। उसकी वीरवार रात मौत हो गई। मिल में हेमा की मौत की खबर पहुंचते ही मजदूर भड़क गए और धरने पर बैठ गए।
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मजदूरों ने बताया कि मिल के अंदर से मजदूरों की गाड़ी ले जाने वाला चालक अक्सर मिल के बाहर जाते ही दूसरे चालक को गाड़ी दे देता है। पहले भी गाड़ियों के एक्सीडेंट हो चुके हैं, लेकिन मिल प्रबंधन को इसकी कोई चिंता नहीं है। मरने वालों के लिए कोई दो मिनट का मौन तक नहीं रखा जाता और न ही मिल कोई मुआवजा देती है। महिला मजदूरों को ओवरटाइम के सही पैसे नहीं दिए जाते।
धरने को खत्म करवाने पहुंचे मिल प्रबंधकों डॉ. विनीत, एचएस कलसी, केएस वर्मा ने मजदूरों के आरोपों को निराधार करार दिया। उन्होंने कहा कि महिला मजदूर हेमा के उपचार का पूरा खर्चा मिल प्रबंधन ने ही उठाया है। अब इसकी मौत के बाद पांच लाख का मुआवजा और मजदूर फंड भी दिए जाएंगे।