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अभिभावकों के प्रदर्शन के खिलाफ आए निजी स्कूल
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Mon, 28 Mar 2016 09:59 PM IST
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लुधियाना में डीसी से मिलने पहुंचे निजी स्कूलों के प्रिंसिपल
- फोटो : अमर उजाला
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निजी स्कूलों की ओर से ली जा रही रि-एडमिशन फीस, बिल्डिंग फंड और अन्य चार्ज के खिलाफ पेरेंट्स की ओर से स्कूलों के बाहर लगातार प्रदर्शन जारी है। इससे परेशान निजी स्कूलों के प्रिंसिपलों ने पंजाब अनएडेड स्कूल एसोसिएशन के बैनर तले डीसी के साथ मीटिंग की। इसमें एसोसिएशन के चेयरमैन राजेश रुद्रा, कैशियर वीके स्याल, सदस्य नवीता पुरी और पूनम शर्मा मौजूद रहे। उन्होंने डीसी को मांग पत्र भी सौंपा।
प्रिंसिपल ने कहा कि पेरेंट्स की ओर से आए दिन स्कूलों के बाहर रोष प्रदर्शन किया जा रहा है। इसमें पेरेंट्स के साथ साथ नेता भी शामिल होते हैं। इनसे स्कूल के अध्यापकों को भी खतरा है। अगर अध्यापकों को कुछ हो जाए तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है। इसलिए स्कूलों को सिक्योरिटी दी जाए। पेरेंट्स की ओर से इस प्रदर्शन को न रोका गया तो निजी स्कूलों को भी रोष व्यक्त करने के लिए मजबूर होना पडे़गा। इससे निकलने वाले परिणामों के लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
इस समस्या के समाधान के लिए डीसी रवि भगत ने कमेटी बनाई है। इसमें पांच व्यक्ति एडमिनिस्ट्रेशन, पांच व्यक्ति स्कूल प्रिंसिपल और पांच पेरेंट्स की तरफ से व्यक्ति शामिल होंगे। डीसी ने कमेटी को तीन दिन का समय दिया है ताकि सीबीएसई स्कूल और पीएसईबी स्कूलों की गाइड लाइन, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन को पढ़े। इसके बाद निर्णय लें और उसे के आधार पर ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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प्रिंसिपल ने कहा कि पेरेंट्स की ओर से आए दिन स्कूलों के बाहर रोष प्रदर्शन किया जा रहा है। इसमें पेरेंट्स के साथ साथ नेता भी शामिल होते हैं। इनसे स्कूल के अध्यापकों को भी खतरा है। अगर अध्यापकों को कुछ हो जाए तो उसके लिए कौन जिम्मेदार है। इसलिए स्कूलों को सिक्योरिटी दी जाए। पेरेंट्स की ओर से इस प्रदर्शन को न रोका गया तो निजी स्कूलों को भी रोष व्यक्त करने के लिए मजबूर होना पडे़गा। इससे निकलने वाले परिणामों के लिए सरकार जिम्मेदार होगी।
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इस समस्या के समाधान के लिए डीसी रवि भगत ने कमेटी बनाई है। इसमें पांच व्यक्ति एडमिनिस्ट्रेशन, पांच व्यक्ति स्कूल प्रिंसिपल और पांच पेरेंट्स की तरफ से व्यक्ति शामिल होंगे। डीसी ने कमेटी को तीन दिन का समय दिया है ताकि सीबीएसई स्कूल और पीएसईबी स्कूलों की गाइड लाइन, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन को पढ़े। इसके बाद निर्णय लें और उसे के आधार पर ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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