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Ludhiana News: लोग व उद्यमी बोले- वापस लिया जाए पंजाब स्टेट डेवलपमेंट टैक्स

Sat, 30 Aug 2025 07:30 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 30 Aug 2025 07:30 PM IST
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People and entrepreneurs said- Punjab State Development Tax should be withdrawn
संवाद न्यूज एजेंसी
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लुधियाना। वर्ल्ड एमएसएमई फोरम ने पंजाब स्टेट डेवलपमेंट टैक्स वापस लेने की मांग की है। फोरम के प्रधान बदीश जिंदल ने कहा कि यह टैक्स वर्ष 2018 में कांग्रेस सरकार के समय लागू किया गया था लेकिन तब से ही जनता इसका विरोध करती रही है। विरोध के चलते लोग इस टैक्स को भरने से बचते रहे और विभाग को बार-बार नोटिस जारी करने के बावजूद उन्हें रद्द करना पड़ा।
नए आदेश के अनुसार अब हर वह व्यक्ति जिसकी सालाना आय चार लाख रुपये से अधिक है उसे हर महीने 200 रुपये टैक्स के रूप में जमा कराने होंगे। आम लोगों का कहना है कि चार लाख रुपये सालाना आय को बड़ी आमदनी नहीं माना जा सकता। केंद्र सरकार जहां आमदनी कर की छूट सीमा सात लाख से बढ़ाकर बारह लाख रुपये कर चुकी है, वहीं पंजाब सरकार का यह नया बोझ बिल्कुल अनुचित है।
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प्रदेश के लोग पहले ही जीएसटी, आयकर, कॉर्पोरेट टैक्स, सेस, टीडीएस, टीसीएस, प्रॉपर्टी टैक्स, पानी-सीवरेज शुल्क, बिजली पर 20 प्रतिशत टैक्स और ऋण पर 0.75 प्रतिशत टैक्स जैसे कई करों का बोझ उठा रहे हैं। ऐसे में विकास कर को लागू करना जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने जैसा है। यह कर पिछले आठ साल से अधिसूचित जरूर था लेकिन जनता के विरोध के चलते कभी लागू नहीं हो पाया। आम आदमी पार्टी को जनता-हितैषी सरकार कहा जाता है, ऐसे में लोगों का कहना है कि इस नए टैक्स को लागू करना उचित नहीं है। लोगों ने मांग की है कि सरकार तुरंत इस आदेश को वापस ले।
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