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विजिलेंस रेड के बाद अब ठेकेदार पार्क में मिट्टी डाल मामले को दबाने में जुटा
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जगरांव। भद्रकाली मंदिर के नजदीक बने कूड़े के डंप पर आलीशान पार्क बनाने के चल रहे काम पर चंडीगढ़ विजिलेंस टीम ने लगभग 15 दिन रेड की। यहां जांच करने के बाद टीम ने खुलासा किया था कि ठेकेदार ने पार्क निर्माण के दौरान मिट्टी को कम डाला है। आखिरकार रविवार को ठेकेदार हरविंदर सिंह चावला की और से जगह पर 15 ट्राली मिट्टी डाल कर मामला दबाने की कोशिश की गई। डंप वाली जगह पर मिट्टी के ढेर लगाने के बाद जगह को ताला लगा दिया गया है।
जांच को आए विजिलेंस अधिकारी एसडीओ इशान गोयल व सुधीर कुमार ने साफ कहा कि ठेकेदार ने नियमों के तहत मिट्टी नहीं डाली, बल्कि कूडे़ के ऊपर एक फुट मिट्टी ही डाली है। विजिलेंस टीम इस पार्क के संबंध में सभी दस्तावेज लेकर वापस लौट गई है।
विभाग से जुड़े सूत्रों की माने तो अब इस मामले को दबाने के लिए एक जूनियर इंजीनियर बिचौलिए की भूमिका निभा रहा है। जेई ने ही विजिलेंस अधिकारियों को मामले को आगे ना बढ़ाने की गुजारिश की है। इस संबंध में रविवार को जेई को कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
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इस संबंध में ठेकेदार हरविंदर सिंह चावला का कहना है कि पार्क बनाने का कुल ठेका 48.25 लाख रुपये का है जिसमें 27 लाख लागत की मिट्टी डाली जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका जो 15 लाख का बिल पास हुआ है वो फाइनल बिल नही बल्कि रनिंग बिल है। ठेकेदार के मुताबिक जब उनका फाइनल बिल बनेगा तो ही उसमें साफ होगा कि उन्होंने नियमों के हिसाब से काम किया है या नही। ठेकेदार के मुताबिक जितना उन्होंने बिल के अनुसार 15 लाख का काम का पास करवाया है, उस हिसाब से वहां पर मिट्टी डाली गई है क्योंकि पार्क में मिट्टी चार परतों में डाली जानी है। इसलिए आने वाले दिनों में और भी मिट्टी पार्क में डाली जाएगी।
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जांच को आए विजिलेंस अधिकारी एसडीओ इशान गोयल व सुधीर कुमार ने साफ कहा कि ठेकेदार ने नियमों के तहत मिट्टी नहीं डाली, बल्कि कूडे़ के ऊपर एक फुट मिट्टी ही डाली है। विजिलेंस टीम इस पार्क के संबंध में सभी दस्तावेज लेकर वापस लौट गई है।
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विभाग से जुड़े सूत्रों की माने तो अब इस मामले को दबाने के लिए एक जूनियर इंजीनियर बिचौलिए की भूमिका निभा रहा है। जेई ने ही विजिलेंस अधिकारियों को मामले को आगे ना बढ़ाने की गुजारिश की है। इस संबंध में रविवार को जेई को कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
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इस संबंध में ठेकेदार हरविंदर सिंह चावला का कहना है कि पार्क बनाने का कुल ठेका 48.25 लाख रुपये का है जिसमें 27 लाख लागत की मिट्टी डाली जाएगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका जो 15 लाख का बिल पास हुआ है वो फाइनल बिल नही बल्कि रनिंग बिल है। ठेकेदार के मुताबिक जब उनका फाइनल बिल बनेगा तो ही उसमें साफ होगा कि उन्होंने नियमों के हिसाब से काम किया है या नही। ठेकेदार के मुताबिक जितना उन्होंने बिल के अनुसार 15 लाख का काम का पास करवाया है, उस हिसाब से वहां पर मिट्टी डाली गई है क्योंकि पार्क में मिट्टी चार परतों में डाली जानी है। इसलिए आने वाले दिनों में और भी मिट्टी पार्क में डाली जाएगी।