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नॉन टीचिंग स्टाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
अमर उजाला, मानसा
Updated Thu, 24 Oct 2013 10:49 PM IST
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सर्वशिक्षा अभियान के तहत काम करने वाला नॉन टीचिंग स्टाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चला गया है। इस वजह से सर्व शिक्षा अभियान का ज्यादातर काम ठप हो गया है।
आलम यही रहा तो सर्वशिक्षा अभियान के जारी होने ग्र्रांट का काम भी रुक सकता है। काम ठप होने की वजह से कोई रिपोर्ट तैयार नहीं हो रही है।
एसएसए और आरएमएसए दफ्तर कर्मचारी यूनियन प्रधान वरुण सिंगला के अनुसार सर्वशिक्षा अभियान के तहत दो स्टाफ काम करते है। एक स्कूल में जिन्हें टीचिंग स्टाफ कहा जाता है जबकि दफ्तर में काम करने वाले को नॉन टीचिंग स्टाफ कहा जाता है। प्रदेश सरकार ने हाल ही में टीचिंग स्टाफ को पे स्केल जारी कर दिया है लेकिन नॉन टीचिंग स्टाफ को यह जारी नहीं किया गया है।
सिंगला के अनुसार उन्हें पे स्केल जारी करने पर हर वर्ष 16 करोड़ रुपये खर्च आएगा। इसमें 11 करोड़ रुपये केंद्र सरकार व पांच करोड़ प्रदेश सरकार को देना होगा लेकिन प्रदेश सरकार के पास फंड नहीं होने के चलते आनाकानी की जा रही है। वे अपनी मांग को लेकर मुख्यमंत्री से लेकर हर नेता को मिल चुके हैं। उनकी मांग पर कोई गौर करने के लिए तैयार नहीं है इसलिए वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। जब तक सरकार उनकी मांग को पूरा नहीं करती, वे हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे।
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आलम यही रहा तो सर्वशिक्षा अभियान के जारी होने ग्र्रांट का काम भी रुक सकता है। काम ठप होने की वजह से कोई रिपोर्ट तैयार नहीं हो रही है।
एसएसए और आरएमएसए दफ्तर कर्मचारी यूनियन प्रधान वरुण सिंगला के अनुसार सर्वशिक्षा अभियान के तहत दो स्टाफ काम करते है। एक स्कूल में जिन्हें टीचिंग स्टाफ कहा जाता है जबकि दफ्तर में काम करने वाले को नॉन टीचिंग स्टाफ कहा जाता है। प्रदेश सरकार ने हाल ही में टीचिंग स्टाफ को पे स्केल जारी कर दिया है लेकिन नॉन टीचिंग स्टाफ को यह जारी नहीं किया गया है।
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सिंगला के अनुसार उन्हें पे स्केल जारी करने पर हर वर्ष 16 करोड़ रुपये खर्च आएगा। इसमें 11 करोड़ रुपये केंद्र सरकार व पांच करोड़ प्रदेश सरकार को देना होगा लेकिन प्रदेश सरकार के पास फंड नहीं होने के चलते आनाकानी की जा रही है। वे अपनी मांग को लेकर मुख्यमंत्री से लेकर हर नेता को मिल चुके हैं। उनकी मांग पर कोई गौर करने के लिए तैयार नहीं है इसलिए वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। जब तक सरकार उनकी मांग को पूरा नहीं करती, वे हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे।
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