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झुग्गी में आग लगने से सात लोगों की मौत के मामले में एनजीटी ने लिया नोटिस
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लुधियाना। ताजपुर रोड स्थित कचरा डंप के पास एक झोपड़ी में आग लगने से एक परिवार के 7 लोगों की मौत का नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने नोटिस ले लिया है। एनजीटी चेयरमैन आदर्श गोयल ने कमेटी को जांच के आदेश देते 15 दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा है। जांच कमेटी सदस्य संत बलवीर सिंह सींचेवाल ने इस मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि 27 अप्रैल को घटनास्थल पर पहुंच पूरे मामले की जांच की जाएगी।
इस कमेटी की अगुवाई जस्टिस जसवीर सिंह करेंगे। सीचेवाल ने कहा कि एनजीटी ने अपने आदेश में कहा है कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कचरे का प्रबंधन करते समय पर्यावरण नियमों को अनदेखा किया जा रहा है। एनजीटी ने 15 दिन के अंदर पूरी रिपोर्ट को मेल करने के लिए कहा है, वहीं एनजीटी ने बड़े शहरों में जहां कचरा डंप किया जाता है, वहां की जानकारी एकत्र करने के आदेश दिए है। गौरतलब है कि ताजपुर रोड स्थित कचरा डंप के पास एक झोपड़ी में एक परिवार काफी समय से रहता आ रहा था।
पूरा परिवार कचरा बीनने का काम करता था। मंगलवार की रात को परिवार का बड़ा बेटा राजेश कुमार अपने दोस्त के घर रहने के लिए चला गया था। रात के समय झोपड़ी में उसका पिता सुरेश साहनी (55), मां अरुणा देवी, बड़ी बहन राखी कुमारी (15) मुनीषा कुमारी (10), चंदा कुमारी (8), गीता कुमारी (6) और छोटा भाई सन्नी (2) सो रहे थे। देर रात को अचानक झोपड़ी में आग लग गई। झोपड़ी को अंदर से लॉक होने के चलते कोई बाहर निकल नहीं सका। इस आगजनी में पूरा परिवार जिंदा जल गया था। यह परिवार मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला था।
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इस कमेटी की अगुवाई जस्टिस जसवीर सिंह करेंगे। सीचेवाल ने कहा कि एनजीटी ने अपने आदेश में कहा है कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कचरे का प्रबंधन करते समय पर्यावरण नियमों को अनदेखा किया जा रहा है। एनजीटी ने 15 दिन के अंदर पूरी रिपोर्ट को मेल करने के लिए कहा है, वहीं एनजीटी ने बड़े शहरों में जहां कचरा डंप किया जाता है, वहां की जानकारी एकत्र करने के आदेश दिए है। गौरतलब है कि ताजपुर रोड स्थित कचरा डंप के पास एक झोपड़ी में एक परिवार काफी समय से रहता आ रहा था।
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पूरा परिवार कचरा बीनने का काम करता था। मंगलवार की रात को परिवार का बड़ा बेटा राजेश कुमार अपने दोस्त के घर रहने के लिए चला गया था। रात के समय झोपड़ी में उसका पिता सुरेश साहनी (55), मां अरुणा देवी, बड़ी बहन राखी कुमारी (15) मुनीषा कुमारी (10), चंदा कुमारी (8), गीता कुमारी (6) और छोटा भाई सन्नी (2) सो रहे थे। देर रात को अचानक झोपड़ी में आग लग गई। झोपड़ी को अंदर से लॉक होने के चलते कोई बाहर निकल नहीं सका। इस आगजनी में पूरा परिवार जिंदा जल गया था। यह परिवार मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर का रहने वाला था।
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