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लुधियाना : नया इनकम टैक्स पोर्टल बना परेशानी, टैक्सेशन बार एसोसिएशन ने पीएम और वित्तमंत्री को भेजा ज्ञापन
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लुधियाना। टैक्स प्रोफेशनल के लिए नया इनकम टैक्स पोर्टल परेशानी का सबब बन गया है। एक जून से लागू हुए नए पोर्टल को टैक्स प्रोफेशनलों ने सिरे से नकार दिया है। उनका कहा कि पोर्टल पर रिटर्न फाइल करने के दौरान कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
पोर्टल में न तो डाटा सेव हो पा रहा है और न ही रिटर्न फाइल हो पा रही है। इस मुद्दे को लेकर शुक्रवार डिस्ट्रिक्ट टैक्ससेशन बार एसोसिएशन ने मंथन किया। एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं वित्तमंत्री मनप्रीत बादल को 22 बिंदुओं का ज्ञापन भेजा है।
सीए राजीव शर्मा ने बताया कि पहले से चल रहा पोर्टल आसान था। नया पोर्टल 30 साल के अनुभव रखने वाले प्रोफेशनल के लिए भी समझ से परे है। अभी तक वित्तीय वर्ष 2021-22 की इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भरी जा पा रही है। इससे एक तरफ तो सीए और प्रोफेशनल का काम प्रभावित हो रहा है, वहीं करदाताओं को न तो रिफंड जारी हो पा रहा है और न ही वे बैंक लोन, वीजा लेने के लिए आवेदन कर पा रहे हैं।
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विभाग की ओर से अभी तक टैक्स ऑडिट संबंधी फॉर्म भी पोर्टल पर उपलब्ध नहीं कराया गया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए भरी गई रिटर्नों की आनलाइन पोर्टल पर प्रोसेसिंग न होने के कारण करदाताओं को उनके बनते रिफंड भी जारी नहीं किए जा रहे। कई केसों में तो आवेदन करने के छह महीने बीत जाने पर भी रिफंड नहीं मिल पाया है। करदाताओं को जारी हुए इनकम टैक्स के नोटिसाें संबंधी जो जवाब आनलाइन पोर्टल पर डाला किया जाता है, उसकी प्रोसेसिंग भी बहुत धीमी है। इसके अलावा कई बार अपलोड किया गया जवाब भी पोर्टल पर दिखाई नहीं देता है।
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पोर्टल में न तो डाटा सेव हो पा रहा है और न ही रिटर्न फाइल हो पा रही है। इस मुद्दे को लेकर शुक्रवार डिस्ट्रिक्ट टैक्ससेशन बार एसोसिएशन ने मंथन किया। एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं वित्तमंत्री मनप्रीत बादल को 22 बिंदुओं का ज्ञापन भेजा है।
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सीए राजीव शर्मा ने बताया कि पहले से चल रहा पोर्टल आसान था। नया पोर्टल 30 साल के अनुभव रखने वाले प्रोफेशनल के लिए भी समझ से परे है। अभी तक वित्तीय वर्ष 2021-22 की इनकम टैक्स रिटर्न नहीं भरी जा पा रही है। इससे एक तरफ तो सीए और प्रोफेशनल का काम प्रभावित हो रहा है, वहीं करदाताओं को न तो रिफंड जारी हो पा रहा है और न ही वे बैंक लोन, वीजा लेने के लिए आवेदन कर पा रहे हैं।
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विभाग की ओर से अभी तक टैक्स ऑडिट संबंधी फॉर्म भी पोर्टल पर उपलब्ध नहीं कराया गया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए भरी गई रिटर्नों की आनलाइन पोर्टल पर प्रोसेसिंग न होने के कारण करदाताओं को उनके बनते रिफंड भी जारी नहीं किए जा रहे। कई केसों में तो आवेदन करने के छह महीने बीत जाने पर भी रिफंड नहीं मिल पाया है। करदाताओं को जारी हुए इनकम टैक्स के नोटिसाें संबंधी जो जवाब आनलाइन पोर्टल पर डाला किया जाता है, उसकी प्रोसेसिंग भी बहुत धीमी है। इसके अलावा कई बार अपलोड किया गया जवाब भी पोर्टल पर दिखाई नहीं देता है।