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नाबालिग से जीरकपुर के होटल में गैंगरेप : पीड़िता की मां, दलाल, होटल कर्मी समेत छह अज्ञात पर दुष्कर्म का केस दर्ज
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बठिंडा। नाबालिग से जीरकपुर के एक होटल में हुए गैंगरेप के मामले में थाना सिविल लाइन पुलिस ने पीड़िता के बयान पर पीड़िता की मां, दलाल नवि, होटल कर्मी राहुल और छह अज्ञात लोगों पर 16 सितंबर को दुष्कर्म का केस दर्ज किया था। बठिंडा के एसएसपी अजय मलूजा ने बताया था कि एफआईआर दर्ज करने के बाद मामला अगली कार्रवाई के लिए जीरकपुर पुलिस को भेज दिया था। रविवार को थाना जीरकपुर के एसएचओ इंस्पेक्टर ओंकार सिंह बराड़ ने कहा कि अब तक उन्हें ऐसी कोई एफआईआर नहीं मिली। वह एफआईआर मिलने का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस को दर्ज करवाए बयान में नाबालिग ने बताया कि 14 सितंबर को जब वह अपने घर में मां के साथ थी तो मां ने उसे जीरकपुर जाने के लिए कहा और वॉल्वो बस में उसे जीरकपुर के लिए बिठा दिया। पीड़िता ने बताया कि जब वह शाम चार बजे के करीब जीरकपुर पहुंची तो बस स्टैंड पर नवी नामक लड़का मिला। जो उसे अपनी कार में बिठाकर अपने घर सवित्री टाउन जीरकपुर में ले गया। जिस के बाद लड़का उसे रात करीब नौ बजे जीरकपुर के एक होटल में ले गया, जहां होटल कर्मी राहुल उन्हें मिला। पीड़िता ने बयान में बताया कि नवि ने राहुल से पैसे लेने के बाद उसे होटल के एक कमरे में छोड़ दिया। जहां कुछ समय बाद छह लोग शराब के नशे में आए और आते ही सभी ने बारी-बारी उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता ने बताया कि वह रात करीब ढाई बजे किसी तरह होटल से निकली और बड़ी मुश्किल से चंडीगढ़ के सेक्टर-43 स्थित बस स्टैंड पर पहुंची। यहां से वह बठिंडा पहुंची और अपने साथ हुई गैंगरेप की घटना के बारे में पिता को बताया। पीड़िता के बयान पर 16 सितंबर को थाना सिविल लाइन पुलिस ने पीड़िता की मां, युवक नवि, होटल कर्मी राहुल और छह अज्ञात लोगों के खिलाफ दुष्कर्म करने एवं साजिश रचने के आरोप में केस दर्ज कर लिया।
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एसएसपी अजय मलूजा ने 16 सितंबर को फोन पर हुई बातचीत के दौरान बताया था कि उन्होंने पीड़िता के बयान पर तुरंत थाना सिविल लाइन में पीड़िता की मां, दलाल नवि, होटल कर्मी राहुल और छह अज्ञात लोगों के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कर कार्रवाई के लिए जीरकपुर पुलिस को जीरो एफआईआर भेज दी है। रविवार को जब थाना जीरकपुर के एसएचओ इंस्पेक्टर ओंकार सिंह बराड़ से बात की तो उन्होंने कहा कि मामला उनके ध्यान में है। लेकिन अभी तक बठिंडा पुलिस से कोई एफआईआर नहीं पहुंची। उन्होंने कहा कि वह एफआईआर का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही एफआईआर मिलेगी, कार्रवाई की जाएगी। वारदात को पांच दिन बीतके बाद भी जीरकपुर पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न होने से सवाल उठ रहे हैं। एसएचओ का कहना है कि मामला ध्यान में है। लेकिन एसएचओ ने ऐसी कोई पुष्टि नहीं की है कि मामला ध्यान में आते ही कोई कार्रवाई की हो।
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पुलिस को दर्ज करवाए बयान में नाबालिग ने बताया कि 14 सितंबर को जब वह अपने घर में मां के साथ थी तो मां ने उसे जीरकपुर जाने के लिए कहा और वॉल्वो बस में उसे जीरकपुर के लिए बिठा दिया। पीड़िता ने बताया कि जब वह शाम चार बजे के करीब जीरकपुर पहुंची तो बस स्टैंड पर नवी नामक लड़का मिला। जो उसे अपनी कार में बिठाकर अपने घर सवित्री टाउन जीरकपुर में ले गया। जिस के बाद लड़का उसे रात करीब नौ बजे जीरकपुर के एक होटल में ले गया, जहां होटल कर्मी राहुल उन्हें मिला। पीड़िता ने बयान में बताया कि नवि ने राहुल से पैसे लेने के बाद उसे होटल के एक कमरे में छोड़ दिया। जहां कुछ समय बाद छह लोग शराब के नशे में आए और आते ही सभी ने बारी-बारी उसके साथ दुष्कर्म किया।
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पीड़िता ने बताया कि वह रात करीब ढाई बजे किसी तरह होटल से निकली और बड़ी मुश्किल से चंडीगढ़ के सेक्टर-43 स्थित बस स्टैंड पर पहुंची। यहां से वह बठिंडा पहुंची और अपने साथ हुई गैंगरेप की घटना के बारे में पिता को बताया। पीड़िता के बयान पर 16 सितंबर को थाना सिविल लाइन पुलिस ने पीड़िता की मां, युवक नवि, होटल कर्मी राहुल और छह अज्ञात लोगों के खिलाफ दुष्कर्म करने एवं साजिश रचने के आरोप में केस दर्ज कर लिया।
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एसएसपी अजय मलूजा ने 16 सितंबर को फोन पर हुई बातचीत के दौरान बताया था कि उन्होंने पीड़िता के बयान पर तुरंत थाना सिविल लाइन में पीड़िता की मां, दलाल नवि, होटल कर्मी राहुल और छह अज्ञात लोगों के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कर कार्रवाई के लिए जीरकपुर पुलिस को जीरो एफआईआर भेज दी है। रविवार को जब थाना जीरकपुर के एसएचओ इंस्पेक्टर ओंकार सिंह बराड़ से बात की तो उन्होंने कहा कि मामला उनके ध्यान में है। लेकिन अभी तक बठिंडा पुलिस से कोई एफआईआर नहीं पहुंची। उन्होंने कहा कि वह एफआईआर का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही एफआईआर मिलेगी, कार्रवाई की जाएगी। वारदात को पांच दिन बीतके बाद भी जीरकपुर पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न होने से सवाल उठ रहे हैं। एसएचओ का कहना है कि मामला ध्यान में है। लेकिन एसएचओ ने ऐसी कोई पुष्टि नहीं की है कि मामला ध्यान में आते ही कोई कार्रवाई की हो।