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  24 घंटे में खरीद 48 घंटे में भुगतान जैसा कुछ नहीं होता : तोता सिंह 

Thu, 06 Oct 2016 07:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, खन्ना (लुधियाना)
ब्यूरो/अमर उजाला, खन्ना (लुधियाना) Updated Thu, 06 Oct 2016 07:33 PM IST
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mandi, tota singh in khanna mandi, ludhiana minister
खन्ना में मंडी का दौरा करने पहुंचे कृषि मंत्री तोता सिंह। - फोटो : अमर उजाला
खेतीबाड़ी मंत्री तोता सिंह वीरवार को खन्ना मंडी पहुंचे। इस दौरान पत्रकारों ने उनसे पूछा कि किसान को मंडी में बैठे पांच दिन हो गए, फसल का भुगतान तक नहीं हुआ। जबकि मुख्यमंत्री ने आदेश दिए थे कि 24 घंटे में फसल का भुगतान हो जाना चाहिए 48 घंटे में फसल की खरीद और 72 घंटे में फसल मंडी से लिफ्ट हो जानी चाहिए।
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इस पर मंत्री तोता सिंह ने कहा कि ऐसा कोई आदेश नही होता। पेमेंट जब आएगी जब ही दी जाएगी। वहीं बारिश के कारण मंडी में पड़ा धान भीगने के सवाल पर खेतीबाड़ी मंत्री बोले कि यह काम हमारा नही बल्कि मंडी में बैठे आढ़ती का है। वही धान को बारिश से बचाएगा और वही किसानों को हर सुविधा देगा। 
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उन्होंने कहा कि इस बार फसल का भुगतान जल्द ही कर दिया जाएगा क्योंकि केंद्र से 22 हजार 500 करोड़ रुपये आ चुके है बाकी पैसे भी जल्द ही आ जाएंगे। उन्होंने सभी किसानों से अपील की कि वह फसल सुखाकर ही मंडी में लाएं।
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मंत्री तोता सिंह ने एडीसी अरविंद पाल को आदेश दिए कि सीजन के दौरान हर रोज सुबह नौ से लेकर 10 बजे तक मार्केट कमेटी के हॉल में सभी अधिकारियों संग बैठक करें और सीजन की रिपोर्ट हासिल करें।

इसके बाद मंडी में अधिकारियों भेजें। वह किसानों से मिलें ओर उनसे पूछें कि उन्हें किसी तरह की कोई समस्या तो नहीं। मंत्री ने खन्ना मंडी का दौरा किया लेकिन किसी भी किसान से कोई बात नहीं की। इस अवसर पर अकाली दल खन्ना के हलका इंचार्ज रणजीत सिंह तलवंडी, मार्केट कमेटी खन्ना के चेयरमैन गुरबख्श सिंह बीजा और वाइस चेयरमैन डॉ. अश्वनी बंसल मौजूद रहे। 

मंडी में बैठे किसान जसप्रीत सिंह और परमिंदर सिंह ने कहा कि तीन दिन पहले फसल लेकर मंडी में आए थे। फसल की बोली तक नहीं हुई जबकि वे फसल सुखाकर लाए थे। पिछली रात बारिश हुई जिससे उनकी फसल भीग गई। मार्केट कमेटी का किसी तरह का कोई इंतजाम नहीं है। मंडी में न तो सफाई है और न ही लाइट जाने पर कोई इंतजाम है। उन्हें पता चला था कि मंडी में खेतीबाड़ी मंत्री आए थे हमें लगा कि वह किसानों के पास आकर बात करेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।


मंडी फसल बेचने के लिए है, फसल सुखाने के लिए नहीं 
मंत्री तोता सिंह ने कहा कि मंडी में फसल बेची जाती है न कि सुखाई जाती है। उन्होंने एडीसी को कहा कि इलाके में जितने भी कंबाइन वाले हैं, उन सभी से मीटिंग कर अपील करें कि वे नमी वाली फसल को न काटें। अगर कंबाइन मालिक नहीं मानता तो उसकी कंबाइन 24 घंटे बंद करने के आदेश जारी करें, तभी मंडी में फसल रखने की जगह मिलेगी वरना तो किसान नमी वाली फसल काट मंडी में लाता है और फिर कई दिन मंडी में बैठकर अपनी फसल को सुखाता है। यह गलत है। इसी कारण मंडी में फसल रखने के लिए किसान को जगह नहीं मिलती।
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