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Ludhiana: लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख सिमरजीत बैंस ने साथियों के साथ किया आत्मसमर्पण, अदालत ने घोषित किया था भगोड़ा

Mon, 11 Jul 2022 10:55 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 11 Jul 2022 10:55 AM IST
सार

दुष्कर्म मामले में भगौड़े पूर्व विधायक और लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख सिमरजीत सिंह बैंस ने सोमवार को अपने चार साथियों के साथ लुधियाना कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया।  

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Ludhiana: Lok Insaaf Party chief former MLA Simarjit singh Bains surrenders in Court
पंजाब - फोटो : एएनआई

विस्तार

दुष्कर्म मामले में तीन महीने से फरार चल रहे लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख और पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस सहित पांच आरोपियों ने एक सप्ताह की लुक्का-छिपी के बाद अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। हैरानी की बात यह है कि कमिश्नरेट पुलिस ने पूरी योजना बना रखी थी कि जब भी पूर्व विधायक साथियों के साथ अदालत में पहुंचेंगे तो उन्हें बाहर से ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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सोमवार को पुलिस को चकमा देकर बैंस अदालत परिसर पहुंचे और दुष्कर्म मामले में आत्मसमर्पण कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस के आलाधिकारी भी पहुंचे। पुलिस ने अदालत में सारे कागजात दिए और पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस समेत सभी आरोपियों का पांच दिन का रिमांड मांगा। 
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अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद पूर्व विधायक बैंस सहित सभी आरोपियों को तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया। महिला से दुष्कर्म मामले में तीन महीने से पूर्व विधायक और लोक इंसाफ पार्टी के प्रमुख सिमरजीत सिंह बैंस, उनके भाई कर्मजीत सिंह बैंस, परमजीत सिंह बैंस, सुखचैन सिंह, प्रदीप शर्मा गोगी, बलजिंदर कौर भाभी और जसबीर कौर भगोड़ा करार थे। कुछ दिन पहले पुलिस ने सिमरजीत सिंह बैंस के भाई कर्मजीत को गिरफ्तार कर लिया था, उसकी निशानदेही पर सुखचैन सिंह को मलेरकोटला से काबू किया गया और इसके बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि सिमरजीत सिंह बैंस बाकी साथियों सहित आत्मसमर्पण करेंगे। 
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किरकिरी से नहीं बच सकी कमिश्नरेट पुलिस
दुष्कर्म मामले में करीब एक साल से महिला पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर धरने पर बैठी थी। विधानसभा चुनाव के बाद जैसे ही सिमरजीत सिंह बैंस और उनके भाई बलविंदर सिंह बैंस हारे तो यह तय हो गया कि आने वाले समय में उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पुलिस भी लगातार कोशिश में थी कि सिमरजीत सिंह बैंस को गिरफ्तार किया जाए। बैंस के गिरफ्तार न होने की वजह से कमिश्नरेट पुलिस की काफी किरकिरी हो रही थी। पुलिस ने किरकिरी से बचने के लिए तैयारी की थी लेकिन आरोपियों के अदालत में आत्मसमर्पण करने के बाद सारी योजना धरी रह गई।  


संपत्ति कुर्क होने के आदेश पहले ही हो चुके हैं जारी
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से भी पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस को झटका लगा है। इसके बाद से लगातार मुश्किलें बढ़ती गईं। उनकी संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी किया जा चुका है। बैंस के दफ्तर और अन्य जगहों पर पोस्टर भी चिपका दिए गए थे। बैंस की गिरफ्तारी के बाद महिला ने भी धरना खत्म कर दिया है।

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