{"_id":"66fbf220b4bcd772f8059201","slug":"ludhiana-businessman-son-kidnapping-case-life-imprisonment-to-seven-including-fashion-designer-2024-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"फैशन डिजाइनर समेत सात को उम्रकैद: कारोबारी के बेटे को किडनैप कर ली थी 5 करोड़ की फिरौती, मास्टरमाइंड थी दीपाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फैशन डिजाइनर समेत सात को उम्रकैद: कारोबारी के बेटे को किडनैप कर ली थी 5 करोड़ की फिरौती, मास्टरमाइंड थी दीपाली
Tue, 01 Oct 2024 06:29 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Tue, 01 Oct 2024 06:29 PM IST
सार
लुधियाना के कारोबारी के बेटे के अपहरण और फिरौती मामले में अदालत ने सात दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों में एक फैशन डिजाइनर दीपाली भी है, जो इस मामले की मास्टरमाइंड थी।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Freepik
विस्तार
लुधियाना की सेशन कोर्ट ने मंगलवार को सात दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामला अपहरण और फिरौती से जुड़ा है। दोषियों में फैशन डिजाइनर भी है। न्यूकॉन ट्रांसफार्मर कंपनी के मालिक व उद्योगपति के बेटे मुनीष बराड़ा को अगवा कर फिरौती मांगने के मामले में आखिरकार 10 साल बाद परिवार को इंसाफ मिला। लुधियाना अदालत ने इस अपहरण मामले में फैशन डिजाइनर समेत सात दोषियों को उम्रकैद की सजा व दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह सजा एडिशनल सेशन जज हरबंस सिंह लेखी की अदालत ने बचाव पक्ष के वकील सुभाष गुप्ता की दलीलें सुनने के बाद सुनाई।
अदालत ने इस मामले में पक्खोवाल रोड स्थित न्यू लाजपत नगर इलाके में रहने वाली फैशन डिजाइनर दीपाली बस्सी, गिल रोड निवासी गुरअर्पण चौहान, अंबेदकर नगर निवासी सोनू चौरसिया, साहिल चंदेल, टोनी, हिम्मत सिंह और अमित कुमार को सजा सुनाई है, जबकि इस मामले में नामजद आरोपी धर्मा और सरबजीत की मौत हो चुकी है। जबकि इस मामले में अदालत ने अमनदीप सिंह, बाला जी, परमिंदर सिंह और गोपाल कृष्ण को बरी कर दिया है।
पांच करोड़ लेकर छोड़ा
बता दें कि दोराहा स्थित न्यूकॉन ट्रांसफार्मर कंपनी के मालिक मनीष बराड़ा 13 जुलाई, 2013 की शाम अपने ड्राइवर हेमराज के साथ कार में फैक्ट्री से घर जा रहे थे कि रास्ते में मल्लीपुर फ्लाईओवर के पास उनकी कार के आगे दो बदमाश कार में आकर रुके। बदमाशों ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। कार रोकने के बाद आरोपियों ने कार में अफीम के पैकेट रखे और उसे अगवा कर लिया। अपहरणकर्ता उन्हें खन्ना के एक फार्म हाऊस पर ले गए जिसके बाद अपहरणकर्ताओं ने मनीष के पिता को फोन कर उनसे 5 करोड़ की फिरौती मांगी। परिवार ने दूसरे ही दिन आरोपियों को दुगरी इलाके में पैसे दे दिए थे। इसके बाद मनीष व उसके ड्राइवर हेमराज को आरोपियों ने फिरोजपुर रोड के पास छोड़ दिया। बाद में पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई गई।
विज्ञापन
फैशन डिजाइनर दीपाली थी मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में पता चला कि इस वारदात के पीछे लुधियाना के गिल रोड पर स्थित एक ऑयल कंपनी के मालिक का बेटा गुरअर्पण सिंह और जालंधर बाईपास के पास स्थित एगरो कंपनी के मालिक की बेटी दीपाली बस्सी मास्टरमाइंड थे, जिन्होंने जल्द अमीर बनने के चक्कर में मनीष का अपहरण कर फिरौती वसूली। दोषी दीपाली बस्सी काफी समय से मनीष की रेकी कर रही थी। दीपाली व गुरअर्पण दोनों दोस्त हैं। दीपाली की मनीष के बड़े भाई के साथ रिश्ते की बात चली थी, लेकिन बात नहीं बनी तो उसने परिवार को सबक सिखाने के लिए पूरी प्लानिंग को अंजाम दिया।
हिमाचल के हमीरपुर भाग गए थे दोषी
बचाव पक्ष के वकील सुभाष गुप्ता ने बताया कि वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए। 16 जुलाई 2013 को हिमाचल के हमीरपुर के पास पुलिस ने दोषियों की आल्टो कार बरामद की थी, जिसमें 4 करोड़ 71 लाख, तीन पिस्टल, नकली एके 47 राइफल, पुलिस की पांच वर्दी भी बरामद की थी। बाद में पुलिस ने फरार दोषी साहिल को भी काबू कर बाकी रहती फिरौती की रकम भी बरामद कर ली थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपी गुरअर्पण और दीपाली समेत हिम्मत सिंह, अमित, साहिल चंडेल, सोनी चौरसिया और टोनी को उम्रकैद की सजा के साथ-साथ दो लाख का जुर्माना भी लगाया है।
विज्ञापन
अदालत ने इस मामले में पक्खोवाल रोड स्थित न्यू लाजपत नगर इलाके में रहने वाली फैशन डिजाइनर दीपाली बस्सी, गिल रोड निवासी गुरअर्पण चौहान, अंबेदकर नगर निवासी सोनू चौरसिया, साहिल चंदेल, टोनी, हिम्मत सिंह और अमित कुमार को सजा सुनाई है, जबकि इस मामले में नामजद आरोपी धर्मा और सरबजीत की मौत हो चुकी है। जबकि इस मामले में अदालत ने अमनदीप सिंह, बाला जी, परमिंदर सिंह और गोपाल कृष्ण को बरी कर दिया है।
विज्ञापन
पांच करोड़ लेकर छोड़ा
बता दें कि दोराहा स्थित न्यूकॉन ट्रांसफार्मर कंपनी के मालिक मनीष बराड़ा 13 जुलाई, 2013 की शाम अपने ड्राइवर हेमराज के साथ कार में फैक्ट्री से घर जा रहे थे कि रास्ते में मल्लीपुर फ्लाईओवर के पास उनकी कार के आगे दो बदमाश कार में आकर रुके। बदमाशों ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। कार रोकने के बाद आरोपियों ने कार में अफीम के पैकेट रखे और उसे अगवा कर लिया। अपहरणकर्ता उन्हें खन्ना के एक फार्म हाऊस पर ले गए जिसके बाद अपहरणकर्ताओं ने मनीष के पिता को फोन कर उनसे 5 करोड़ की फिरौती मांगी। परिवार ने दूसरे ही दिन आरोपियों को दुगरी इलाके में पैसे दे दिए थे। इसके बाद मनीष व उसके ड्राइवर हेमराज को आरोपियों ने फिरोजपुर रोड के पास छोड़ दिया। बाद में पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई गई।
विज्ञापन
फैशन डिजाइनर दीपाली थी मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में पता चला कि इस वारदात के पीछे लुधियाना के गिल रोड पर स्थित एक ऑयल कंपनी के मालिक का बेटा गुरअर्पण सिंह और जालंधर बाईपास के पास स्थित एगरो कंपनी के मालिक की बेटी दीपाली बस्सी मास्टरमाइंड थे, जिन्होंने जल्द अमीर बनने के चक्कर में मनीष का अपहरण कर फिरौती वसूली। दोषी दीपाली बस्सी काफी समय से मनीष की रेकी कर रही थी। दीपाली व गुरअर्पण दोनों दोस्त हैं। दीपाली की मनीष के बड़े भाई के साथ रिश्ते की बात चली थी, लेकिन बात नहीं बनी तो उसने परिवार को सबक सिखाने के लिए पूरी प्लानिंग को अंजाम दिया।
हिमाचल के हमीरपुर भाग गए थे दोषी
बचाव पक्ष के वकील सुभाष गुप्ता ने बताया कि वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए। 16 जुलाई 2013 को हिमाचल के हमीरपुर के पास पुलिस ने दोषियों की आल्टो कार बरामद की थी, जिसमें 4 करोड़ 71 लाख, तीन पिस्टल, नकली एके 47 राइफल, पुलिस की पांच वर्दी भी बरामद की थी। बाद में पुलिस ने फरार दोषी साहिल को भी काबू कर बाकी रहती फिरौती की रकम भी बरामद कर ली थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपी गुरअर्पण और दीपाली समेत हिम्मत सिंह, अमित, साहिल चंडेल, सोनी चौरसिया और टोनी को उम्रकैद की सजा के साथ-साथ दो लाख का जुर्माना भी लगाया है।