{"_id":"6022c0d68ebc3e26cb0d29d9","slug":"ludhiana-businessman-government-wasting-crores-name-cleaning-budda-dariya-ludhiana-news-pkl4034395137","type":"story","status":"publish","title_hn":"लुधियाना के कारोबारी का आरोप- बुड्डा दरिया की सफाई के नाम पर 519 करोड़ बर्बाद कर रही सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लुधियाना के कारोबारी का आरोप- बुड्डा दरिया की सफाई के नाम पर 519 करोड़ बर्बाद कर रही सरकार
विज्ञापन
लुधियाना। महानगर के बुड्ढा दरिया को साफ करने की 519 करोड़ की योजना पर ग्रहण लगता नजर आ रहा है। लुधियाना के कारोबारी तरूण जैन बावा ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस कर दावा किया कि गुरुनानक देव इंजीनियरिंग कॉलेज लुधियाना (जीएनई) से उन्होंने अपने स्तर पर रिपोर्ट तैयार करवाई तो पता चला कि पंजाब सरकार के अधिकारी बुड्ढा दरिया में 700 एमएलडी पानी बहने की बात कर रहे हैं, वहां दो हजार एमएलडी पानी बहता है। इसलिए इस योजना का कोई औचित्य नहीं है। पंजाब सरकार से अगले 15 दिन में योजना को बंद न करवाया तो हाईकोर्ट की शरण में जाएंगे। इस मुद्दे को लेकर वे प्रधानमंत्री और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय को भी शिकायत भेज चुके हैं।
बावा ने बताया कि बुड्ढा दरिया की सफाई का काम पंजाब म्युनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी (पीएमआईडीसी) को सौंपा गया था। इसके अधिकारियों ने अपनी प्रोजेक्ट रिपोर्ट में बताया कि बुड्ढा दरिया में 700 एमएलडी पानी बहता है। उन्हें इस पर भरोसा नहीं था इसलिए अपने स्तर पर जीएनई कॉलेज से बुड्ढा दरिया में बहने वाले पानी का सर्वे करवाया। इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि बुड्ढा नाले में दो हजार एमएलडी पानी बहता है। साफ है कि पंजाब सरकार की योजना ही गलत तथ्यों के आधार पर बनी है। इससे 519 करोड़ रुपये बर्बाद भी हो जाएंगे और बुड्ढा दरिया साफ भी नहीं होगा।
325 करोड़ का काम 519 करोड़ में क्यों?
बावा ने बताया कि इस योजना पर 519 करोड़ रुपये का टेंडर हो चुका है, जबकि असल में यह काम 325 करोड़ रुपये का है। ऐसे में सरकार 200 करोड़ रुपये ज्यादा क्यों दे रही है। यह पैसा आम जनता का है, जिसे इस तरह बर्बाद नहीं किया जा सकता। वे इस मामले को कई बार अधिकारियों के सामने उठा चुके हैं, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं अब उन्होंने केंद्र जलशक्ति मंत्री से मिलने का समय मांगा है, ताकि वे पूरी जानकारी दे सकें। साथ ही उन्होंने हाईकोर्ट जाने की भी तैयारी कर ली है।
विज्ञापन
यह प्रोजेक्ट सही पैमाने पर चल रहा है। कुछ लोग इसे जानबूझकर प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं, अगर वे 325 करोड़ में प्रोजेक्ट को पूरा करने का दावा कर रहे हैं तो उन्होंने खुद टेंडर क्यों नहीं डाला। प्रोजेक्ट की देखरेख के लिए चार सदस्यीय टीम को बनाया गया है। इसमें लुधियाना के कारोबारी भी शामिल है। - मेयर बलकार संधू, लुधियाना
विज्ञापन
बावा ने बताया कि बुड्ढा दरिया की सफाई का काम पंजाब म्युनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी (पीएमआईडीसी) को सौंपा गया था। इसके अधिकारियों ने अपनी प्रोजेक्ट रिपोर्ट में बताया कि बुड्ढा दरिया में 700 एमएलडी पानी बहता है। उन्हें इस पर भरोसा नहीं था इसलिए अपने स्तर पर जीएनई कॉलेज से बुड्ढा दरिया में बहने वाले पानी का सर्वे करवाया। इस रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि बुड्ढा नाले में दो हजार एमएलडी पानी बहता है। साफ है कि पंजाब सरकार की योजना ही गलत तथ्यों के आधार पर बनी है। इससे 519 करोड़ रुपये बर्बाद भी हो जाएंगे और बुड्ढा दरिया साफ भी नहीं होगा।
विज्ञापन
325 करोड़ का काम 519 करोड़ में क्यों?
बावा ने बताया कि इस योजना पर 519 करोड़ रुपये का टेंडर हो चुका है, जबकि असल में यह काम 325 करोड़ रुपये का है। ऐसे में सरकार 200 करोड़ रुपये ज्यादा क्यों दे रही है। यह पैसा आम जनता का है, जिसे इस तरह बर्बाद नहीं किया जा सकता। वे इस मामले को कई बार अधिकारियों के सामने उठा चुके हैं, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं अब उन्होंने केंद्र जलशक्ति मंत्री से मिलने का समय मांगा है, ताकि वे पूरी जानकारी दे सकें। साथ ही उन्होंने हाईकोर्ट जाने की भी तैयारी कर ली है।
विज्ञापन
यह प्रोजेक्ट सही पैमाने पर चल रहा है। कुछ लोग इसे जानबूझकर प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं, अगर वे 325 करोड़ में प्रोजेक्ट को पूरा करने का दावा कर रहे हैं तो उन्होंने खुद टेंडर क्यों नहीं डाला। प्रोजेक्ट की देखरेख के लिए चार सदस्यीय टीम को बनाया गया है। इसमें लुधियाना के कारोबारी भी शामिल है। - मेयर बलकार संधू, लुधियाना