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फेसबुक पर फिर लाइव हुआ लक्खा सिधाना, आंदोलन में पंजाबियों की घटती संख्या पर है चिंतित
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लुधियाना। गणतंत्र दिवस के दिन लाल किले पर तिरंगे के अपमान के मामले में आरोपी बनाए गए लक्खा सिधाना ने शनिवार को शाम फेसबुक पर लाइव होकर आंदोलन में पंजाबियों की कम हुई संख्या पर चिंता जताई है। लक्खा हाथ में मिट्टी लेकर सभी पंजाबियों से अपनी धरती मां को बचाने के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में आंदोलन में पहुंचने की अपील कर रहा है। यही नहीं लक्खा ने साफ कहा कि आंदोलन में अब चारों तरफ हरियाणा ही हरियाणा दिख रहा है। पहले तो सिर्फ मेला था संघर्ष का, असली समय अब शुरू हुआ है।
गौरतलब है कि लक्खा सिधाना शनिवार को शाम 6:30 बजे फेसबुक पेज पर लाइव हुआ और 19 मिनट 18 सेकेंड तक पंजाबियों को संबोधित किया। उसने कहा कि इस समय लोगों को डराने के लिए प्रचार चल रहा है। कोई डरने की जरूरत नहीं है। यहां पर सब कुछ सामान्य है। आंदोलन पहले एक मेला था, असली संघर्ष तो अब शुरू हुआ है, पंजाबी घरों में जाकर कैसे बैठ सकते हैं। पंजाब की मिट्टी आपको इसके लिए माफ नहीं करेगी। किसान यूनियन के नेता भी एकजुटता दिखाएं, क्योंकि यह समय एक दूसरे के खिलाफ बोलने का नहीं है।
लक्खा सिधाना ने बताया कि बीते दिन जब वह आंदोलन में थे तो चार लड़कियों ने उसके खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए और गद्दार कहा। उससे रंजिश बाद में निकाल लेना, यह समय एकजुटता दिखाने का है।
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भाजपा जिस तरह आंदोलन में लोगों को भेजकर डरा रही है, उससे कुछ नहीं होगा। किसी आंदोलन को खत्म करवाने के लिए ऐसे हत्थकंडे अपनाए जाते हैं। आने वाले दिनों में यह और होगा। लेकिन हमें अपने आंदोलन को किसी कीमत पर कामयाब बनाना है। यह पंजाब का आंदोलन है, इसलिए कांग्रेसी और अकाली दल के नेता भी ज्यादा से ज्यादा लोगों को यहां भेजें। गांव-गांव जाकर लोगों को आंदोलन में आने के लिए कहा जाए, ताकी इस संघर्ष को जीता जा सके।
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गौरतलब है कि लक्खा सिधाना शनिवार को शाम 6:30 बजे फेसबुक पेज पर लाइव हुआ और 19 मिनट 18 सेकेंड तक पंजाबियों को संबोधित किया। उसने कहा कि इस समय लोगों को डराने के लिए प्रचार चल रहा है। कोई डरने की जरूरत नहीं है। यहां पर सब कुछ सामान्य है। आंदोलन पहले एक मेला था, असली संघर्ष तो अब शुरू हुआ है, पंजाबी घरों में जाकर कैसे बैठ सकते हैं। पंजाब की मिट्टी आपको इसके लिए माफ नहीं करेगी। किसान यूनियन के नेता भी एकजुटता दिखाएं, क्योंकि यह समय एक दूसरे के खिलाफ बोलने का नहीं है।
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लक्खा सिधाना ने बताया कि बीते दिन जब वह आंदोलन में थे तो चार लड़कियों ने उसके खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए और गद्दार कहा। उससे रंजिश बाद में निकाल लेना, यह समय एकजुटता दिखाने का है।
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भाजपा जिस तरह आंदोलन में लोगों को भेजकर डरा रही है, उससे कुछ नहीं होगा। किसी आंदोलन को खत्म करवाने के लिए ऐसे हत्थकंडे अपनाए जाते हैं। आने वाले दिनों में यह और होगा। लेकिन हमें अपने आंदोलन को किसी कीमत पर कामयाब बनाना है। यह पंजाब का आंदोलन है, इसलिए कांग्रेसी और अकाली दल के नेता भी ज्यादा से ज्यादा लोगों को यहां भेजें। गांव-गांव जाकर लोगों को आंदोलन में आने के लिए कहा जाए, ताकी इस संघर्ष को जीता जा सके।