Ludhiana: 15वीं मंजिल पर बिना सेफ्टी बेल्ट रेलिंग लगा रहा मजदूर गिरा, शरीर में सरिए घुसने से मौत
मजदूरों के मुताबिक सभी साथियों के साथ मिल सुहैब भी अपने काम पर लगा था, लेकिन वह बिना सेफ्टी बेल्ट के ही 15वीं मंजिल पर रेलिंग लगाने का काम कर रहा था। उसे कुछ मजदूरों ने मना भी किया था और कुछ ने ध्यान से काम करने की बात की। इसी दौरान उसका पैर स्लिप कर गया और वह सीधे नीचे जा गिरा।
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लुधियाना के फिरोजपुर-मुल्लापुर रोड पर निजी कंपनी द्वारा बनाए जा रहे फ्लैट्स की 15वीं मंजिल पर काम करते हुए शुक्रवार देर शाम एक मजदूर नीचे गिर गया। मजदूर 15वीं मंजिल पर बिना सेफ्टी बेल्ट के ही रेलिंग लगाने का काम कर रहा था लेकिन उसे ठेकेदार या फिर किसी अन्य मुलाजिम और अधिकारी ने नहीं रोका।
वह नीचे गिरा और उसके शरीर के कई हिस्सों में सरिए घुस गए। कटर मशीन से सरिए काट कर साथी मजदूरों ने शव बाहर निकाला। मजदूर की मौत की खबर मिलते ही पुलिस के आलाधिकारी और थाना दाखा की पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने जांच के बाद मजदूर सुहैब (20) का शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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मृतक सुहैब मूल रुप से उत्तरप्रदेश के जिला शामली स्थित गांव दरबार खुर्द कैराना का रहने वाला था और यहां पर वह मजदूरी करता था। वह अंबेरा नाम की कंपनी की तरफ से बनाए जा रहे फ्लैट्स में काम करता था और साथी मजदूरों के साथ वहां रहता था।
मजदूरों ने किया प्रदर्शन
मजदूरों के मुताबिक सभी साथियों के साथ मिल सुहैब भी अपने काम पर लगा था, लेकिन वह बिना सेफ्टी बेल्ट के ही 15वीं मंजिल पर रेलिंग लगाने का काम कर रहा था। उसे कुछ मजदूरों ने मना भी किया था और कुछ ने ध्यान से काम करने की बात की। इसी दौरान उसका पैर स्लिप कर गया और वह सीधे नीचे जा गिरा। उसके सिर के साथ साथ शरीर के कई हिस्सों में चोटे लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। साथी मजदूर की मौत के बाद वहां मजदूरों ने प्रदर्शन भी किया और मृतक के परिवार के लिए मुआवजे की मांग की। मुल्लांपुर दाखा के डीएसपी अमनदीप सिंह के समझाने के बाद मामला शांत हुआ। पुलिस ने मृतक सुहैब के परिजनों को घटना के बारे सूचित किया। देर रात शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल सुधार के शवगृह में रखवाया।
600 मजदूर कर रहे हैं काम
मजदूर उमेश यादव ने बताया कि फ्लैट्स में करीब 600 लोग काम करते हैं। किसी भी मजदूर को कंपनी किसी तरह की सेफ्टी किट वगैरह नहीं दे रही। मजदूर जान खतरे में डाल कर काम कर रहे हैं। हादसे के समय सुहैब ने कोई सेफ्टी बेल्ट नहीं लगाई थी। वहीं फ्लैट्स के नीचे किसी तरह का कोई सुरक्षा जाल आदि भी नहीं लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।