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वार-पलटवार: गवर्नर के आरोपों पर भगवंत मान की दो टूक- थोड़ा इंतजार कीजिए राज्यपाल साहब, हर बात का जवाब मिलेगा

Sat, 26 Aug 2023 02:55 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 26 Aug 2023 02:55 PM IST
सार

शुक्रवार को राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सांविधानिक कार्रवाई के तहत राष्ट्रपति शासन लगाने की चेतावनी दी थी और कहा था कि राज्य सरकार राजभवन की ओर से मांगी गई जानकारी नहीं दे रही है। ये सांविधानिक कर्तव्य का अपमान है। अब इस पर सीएम ने जवाब दिया है। 

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Tussle between Punjab Governor Banwarilal Purohit and cm Bhagwant Mann increased
पत्रकारों से बात करते सीएम भगवंत मान - फोटो : twitter

विस्तार

पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित और मुख्यमंत्री भगवंत मान के बीच एक बार फिर तल्खी बढ़ गई है। शुक्रवार को राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सांविधानिक कार्रवाई के तहत राष्ट्रपति शासन लगाने की चेतावनी दी थी और कहा था कि राज्य सरकार राजभवन की ओर से मांगी गई जानकारी नहीं दे रही है। ये सांविधानिक कर्तव्य का अपमान है। 

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अब इस पर सीएम भगवंत मान ने पलटवार किया है। मान ने शनिवार को पंजाब भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राज्यपाल साहब इंतजार कीजिए, आपने जो जानकारी मांगी है, वो मुहैया करवाई जाएगी। सीएम ने कहा कि राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित के सभी पत्र जो मैंने पढ़े हैं, वे दर्शाते हैं कि राज्यपाल सत्ता के भूखे हैं। मैं उन्हें सुझाव देता हूं कि वे राजस्थान में विधानसभा चुनाव लड़ें और भाजपा से सीएम का चेहरा बनें।

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मान ने कहा कि सिर्फ अगस्त महीने में 41 किलो हेरोइन जब्त की गई। अब तक 753 गैंगस्टर गिरफ्तार हुए और 786 हथियार और वाहन जब्त किए गए हैं। पंजाब में कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।

नौ पत्रों का जवाब दिया
गवर्नर के पत्रों का जवाब न देने के आरोप पर मान ने दावा किया कि उन्होंने सात पत्रों को छोड़कर बाकी सभी का जवाब दे दिया है। राज्यपाल ने उन्हें 16 पत्र लिखे, जिनमें से नौ का जवाब दिया गया है। राज्यपाल को पत्र लिखने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और तत्काल जवाब की उम्मीद भी नहीं करनी चाहिए।

मणिपुर और हरियाणा में क्यों नहीं बोलते
मान ने कहा कि राज्यपाल पंजाब में राष्ट्रपति शासन लगाने की धमकी दे रहे हैं, जबकि मणिपुर और हरियाणा में उनके समकक्ष वहां कानून व्यवस्था की स्थिति पर चुप्पी साधे हुए हैं। मैं राज्यपाल साहब से पूछना चाहता हूं कि क्या हरियाणा के राज्यपाल ने नूंह में जो कुछ हुआ, सांप्रदायिक झड़पें और हिंसा हुई और कर्फ्यू लगाना पड़ा, उसके संबंध में हरियाणा के मुख्यमंत्री को कोई नोटिस जारी किया है? क्या हरियाणा के राज्यपाल ने कोई पत्र लिखा है? नहीं, क्योंकि उनकी सरकार केंद्र में भी शासन कर रही है।

उन्होंने कहा कि पंजाब के राज्यपाल पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं, लेकिन जातीय हिंसा से जूझ रहे मणिपुर पर उन्होंने कभी कोई बयान नहीं दिया। मान ने पूछा कि क्या संविधान मणिपुर में लागू नहीं है? उत्तर प्रदेश में पत्रकारों के सामने एक हत्या हो जाती है, लेकिन क्या यूपी के राज्यपाल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए योगी आदित्यनाथ को कोई पत्र जारी करने की हिम्मत करेंगे। मान ने दावा किया कि पंजाब, दिल्ली, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और तेलंगाना को छोड़कर ज्यादातर लोग अपने राज्यपालों के नाम नहीं जानते होंगे, क्योंकि इन सभी पर गैर-भाजपा सरकारों का शासन है।

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