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मांगें न मानीं तो हरियाणा जैसे हालात हो सकते हैं : खालसा
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
Updated Tue, 23 Feb 2016 09:56 PM IST
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सजा पूरी कर चुके कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर चल रहे सूरत सिंह खालसा ने पंजाब सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें न मानी गई तो पंजाब के हालात भी हरियाणा की तरह हो सकते हैं।
उन्होंने कहा जैसे हरियाणा के जाट आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, कहीं उन्हें भी अपनी मांगें मनवाने के लिए वैसे ही हालात न पैदा करने पड़े। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनकी मांगें जल्द मानी जाए।
खालसा ने कहा कि वह पिछले काफी दिनों से सजा पूरी कर चुके कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर चल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कैदी रिहा न किए गए तो सरकार बिगड़े हालात के लिए तैयार रहे।
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उन्होंने हरियाणा के जाट आरक्षण की मांग को लेकर पैदा हालातों पर दुख जताया और कहा कि वह नहीं चाहते कि उन्हें भी अपने हक लेने के लिए पड़ोसी जाटों की तरह प्रदर्शन करना पड़े।
खालसा ने कहा कि अगर पंजाब के हालात बिगड़े तो इसकी जिम्मेदारी अकाली भाजपा सरकार की होगी। खालसा ने पंजाब सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्होंने अपने तौर पर अगली रणनीति बना दी है। नौजवानों को हाल ही में शांत रहने की अपील की गई है।
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उन्होंने कहा जैसे हरियाणा के जाट आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, कहीं उन्हें भी अपनी मांगें मनवाने के लिए वैसे ही हालात न पैदा करने पड़े। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनकी मांगें जल्द मानी जाए।
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खालसा ने कहा कि वह पिछले काफी दिनों से सजा पूरी कर चुके कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर चल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कैदी रिहा न किए गए तो सरकार बिगड़े हालात के लिए तैयार रहे।
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उन्होंने हरियाणा के जाट आरक्षण की मांग को लेकर पैदा हालातों पर दुख जताया और कहा कि वह नहीं चाहते कि उन्हें भी अपने हक लेने के लिए पड़ोसी जाटों की तरह प्रदर्शन करना पड़े।
खालसा ने कहा कि अगर पंजाब के हालात बिगड़े तो इसकी जिम्मेदारी अकाली भाजपा सरकार की होगी। खालसा ने पंजाब सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्होंने अपने तौर पर अगली रणनीति बना दी है। नौजवानों को हाल ही में शांत रहने की अपील की गई है।