जेल में मर गया तस्करी का आरोपी, परिजन बोले हत्या हुई

अमर उजाला, लुधियाना Updated Tue, 21 Jan 2014 10:05 PM IST
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ढाई महीने पहले इमोरल एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किए गए न्यू शक्ति नगर निवासी दीपक शर्मा की सोमवार देर रात जेल में ही संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।


जेल अधिकारियों का कहना है कि दीपक की मौत का कारण उसकी बीमारी या फिर नशे की लत हो सकता है वहीं दीपक के परिजनों का आरोप है कि उसकी हत्या की गई है। सिविल अस्पताल में पांच डाक्टरों पर आधारित एक बोर्ड ने दीपक के शव का पोस्टमार्टम किया। जहां से उसकी मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। रिपोर्ट आने के बाद ही उसकी मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।


दीपक के बेटे शिवम ने कहा कि ढाई महीने पहले उसके पिता को बस्ती जोधेवाल की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दीपक की पत्नी ने कहा कि एक दिन पहले दीपक से जेल में मुलाकात कर आई थी। उस समय दीपक ठीक था। उन्होंने आरोप लगाया कि दीपक का कुछ लोगों के साथ झगड़ा हुआ था।


उनके खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ था। सभी आरोपी जेल से जमानत पर छूट कर आ चुके हैं। जबकि उनका एक साथी अभी जेल में है। उन्होंने शक जाहिर किया है कि जहरीला पदार्थ खिला कर दीपक की हत्या की गई है।


उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर उन्हें इंसाफ दिलाया जाए। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सिविल अस्पताल में पांच डाक्टरों के एक बोर्ड ने दीपक के शव का पोस्टमार्टम किया है। जिन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पेंडिंग रखा गया है।


जेल सुपरिंटेंडेंट एसपी खन्ना ने कहा कि आरोपी दीपक इमोरल एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत जेल में बंद था। उसे अस्थमा और शूगर जैसी बीमारियां थीं। आरोपी दीपक चूरापोस्त का नशा भी करने का आदी था। जिस वजह से उसकी सेहत खराब रहती थी।


वह कुछ दिनों से जेल के अस्पताल में इलाज करवा रहा था। सोमवार को अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे जेल के अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डाक्टरों ने उसकी हालत को देखते हुए उसे सिविल अस्पताल रेफर कर दिया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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