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जेएंडके टूरिज्म का फोकस पंजाबी पर्यटकों पर
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Sat, 20 Jun 2015 10:29 PM IST
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जम्मू एवं कश्मीर के पर्यटन विभाग ने अब पंजाबी टूरिस्टों पर फोकस किया है। पंजाबियों को लुभाने के लिए लुधियाना के फार्च्यून क्लासिक होटल में रोड शो करके लोगों को जम्मू एवं कश्मीर में पर्यटन स्थल की खूबियों और विभिन्न पैकेज के बारे में जानकारी दी गई। यह रोड शो लुधियाना के अलावा चंडीगढ़ और जालंधर में भी कराया जा रहा है।
पिछले साल सितंबर के दौरान जम्मू कश्मीर में आई भयंकर बाढ़ का सीधा असर वहां के टूरिज्म पर पड़ा, इंफ्रास्ट्रक्चर ध्वस्त हो गया और लोगों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अधिकारियों का मानना है कि बाढ़ के बाद से पर्यटकों की संख्या में कमी आई है।
साथ ही उनका दावा है कि जेएंडके फिर से पर्यटकों की आवभगत के लिए तैयार हो गया है। जेएंडके पर्यटन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर एसके अत्री का दावा है कि जम्मू कश्मीर में ज्यादातर पर्यटक गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल से आते है।
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अब विभाग ने पंजाब पर फोकस किया है, क्योंकि पंजाब उनका पड़ोसी राज्य है और दोनों राज्यों की भाषा और कल्चर में ज्यादा अंतर नहीं है। पटनीटॉप में सालाना चार से पांच लाख तक पर्यटक आते हैं।
वहां पर पर्यटकों को हर तरह की सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। इस अवसर पर विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।
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पिछले साल सितंबर के दौरान जम्मू कश्मीर में आई भयंकर बाढ़ का सीधा असर वहां के टूरिज्म पर पड़ा, इंफ्रास्ट्रक्चर ध्वस्त हो गया और लोगों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अधिकारियों का मानना है कि बाढ़ के बाद से पर्यटकों की संख्या में कमी आई है।
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साथ ही उनका दावा है कि जेएंडके फिर से पर्यटकों की आवभगत के लिए तैयार हो गया है। जेएंडके पर्यटन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर एसके अत्री का दावा है कि जम्मू कश्मीर में ज्यादातर पर्यटक गुजरात, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल से आते है।
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अब विभाग ने पंजाब पर फोकस किया है, क्योंकि पंजाब उनका पड़ोसी राज्य है और दोनों राज्यों की भाषा और कल्चर में ज्यादा अंतर नहीं है। पटनीटॉप में सालाना चार से पांच लाख तक पर्यटक आते हैं।
वहां पर पर्यटकों को हर तरह की सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। इस अवसर पर विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।