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नवजात की मौत की जांच एसएमओ खन्ना करेंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, खन्ना (लुधियाना)
Updated Sat, 06 Aug 2016 10:03 PM IST
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जांच
- फोटो : demopic
सिविल अस्पताल में शुक्रवार को डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत के बाद डॉक्टरों के ओटी से जाने की घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं। सिविल सर्जन लुधियाना रेनू छतवाल के आदेश पर एसएमओ रजिंदर गुलाटी मामले की जांच करेंगे।
सिविल सर्जन ने कहा कि अगर किसी की गलती पाई गई तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। एसएमओ डॉ. रजिंदर गुलाटी ने जांच शुरू कर दी है। एसएमओ ने कहा कि पता किया जाएगा कि किस डॉक्टर ने महिलाओं को रेफर किया और क्या-क्या लापरवाही हुई। अगर किसी डॉक्टर की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करते हुए पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।
वहीं शिव सेना पंजाब ने सिविल अस्पताल में मरीजों की जान से खिलवाड़ का विरोध करते हुए मांग की है कि अगर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई न की, तो वे सड़कों पर उतरेंगे। पार्टी के मजदूर सेना प्रमुख चंद्र देव सिंह और प्रदेश सचिव अमित सागर ने कहा कि वे कई बार स्थानीय प्रशासन को अस्पताल की खामियों से अवगत करवा चुके हैं, लेकिन किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। इस अवसर पर जिला चेयरमैन राम चंद्र सिंह, फूल सिंह, उपेंद्र सिंह और विक्की थापर मौजूद थे।
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बच्चा जन्म के बाद एक बार रोया था। उसके बाद चुप कर गया। करीब एक घंटे तक उसका इलाज किया गया, लेकिन बच्चा नहीं रोया। किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं की गई। इसके बाद एनेस्थीसिया डॉक्टर ने कहा कि अब और आपरेशन करने का दिल नहीं कर रहा। जिस कारण आपरेशन नहीं हो सके। मैं दो बजे ड्यूटी पूरी करके आया था। कोई इमरजेंसी केस नहीं था। मरीजों से कहा गया था कि अगर कोई आज ही डिलीवरी करवाना चाहता है, तो वो रेफर हो सकता है।
- डॉ. मनजीत सिंह बाजवा, गायनोकोलोजिस्ट
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सिविल सर्जन ने कहा कि अगर किसी की गलती पाई गई तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। एसएमओ डॉ. रजिंदर गुलाटी ने जांच शुरू कर दी है। एसएमओ ने कहा कि पता किया जाएगा कि किस डॉक्टर ने महिलाओं को रेफर किया और क्या-क्या लापरवाही हुई। अगर किसी डॉक्टर की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश करते हुए पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।
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वहीं शिव सेना पंजाब ने सिविल अस्पताल में मरीजों की जान से खिलवाड़ का विरोध करते हुए मांग की है कि अगर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई न की, तो वे सड़कों पर उतरेंगे। पार्टी के मजदूर सेना प्रमुख चंद्र देव सिंह और प्रदेश सचिव अमित सागर ने कहा कि वे कई बार स्थानीय प्रशासन को अस्पताल की खामियों से अवगत करवा चुके हैं, लेकिन किसी ने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। इस अवसर पर जिला चेयरमैन राम चंद्र सिंह, फूल सिंह, उपेंद्र सिंह और विक्की थापर मौजूद थे।
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बच्चा जन्म के बाद एक बार रोया था। उसके बाद चुप कर गया। करीब एक घंटे तक उसका इलाज किया गया, लेकिन बच्चा नहीं रोया। किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं की गई। इसके बाद एनेस्थीसिया डॉक्टर ने कहा कि अब और आपरेशन करने का दिल नहीं कर रहा। जिस कारण आपरेशन नहीं हो सके। मैं दो बजे ड्यूटी पूरी करके आया था। कोई इमरजेंसी केस नहीं था। मरीजों से कहा गया था कि अगर कोई आज ही डिलीवरी करवाना चाहता है, तो वो रेफर हो सकता है।
- डॉ. मनजीत सिंह बाजवा, गायनोकोलोजिस्ट