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मत्तेवाड़ा में औद्योगिक पार्क : एनजीटी का बड़ा फैसला, जिला मजिस्ट्रेट को नोडल अफसर किया नियुक्त

Mon, 11 Apr 2022 09:36 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Mon, 11 Apr 2022 09:36 PM IST
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Industrial Park in Mattewada: NGT's big decision, District Magistrate appointed as Nodal Officer
लुधियाना। पंजाब सरकार द्वारा मत्तेवाड़ा जंगल के साथ लगते औद्योगिक पार्क के खिलाफ दायर एक पटीशन में मानयोग नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पीपीसीबी, ग्लाडा, जिला मजिस्ट्रेट और डिविजनल जंगलात अफसर की एक कमेटी का गठन किया है। जिसे दो महीने के अंदर तथ्यों की रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है। इंजीनियर कपिल अरोड़ा और इंजीनियर गगनीश खुराना ने बताया कि एनजीटी की उनकी तरफ से सतलुज के बाढ़ ग्रस्त इलाके और मत्तेथवाड़ा में सुरक्षित जंगलों की सुरक्षा के लिए उनकी तरफ से डाली गई पटीशन पर दिए गए दिशा निर्देश के बावजूद पिछली पंजाब सरकार ने लुधियाना के मास्टर प्लान को बदल के नोटीफाई कर दिया था।
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जिसके तहत औद्योगिक पार्क बनाने के लिए गांव सेखोवाल, गढ़ीफजल, सलेमपुर अधीन आने वाली सतलुज दरिया के साथ साथ मैन्युफैक्चरिंग जोन वाली जमीन इंडस्ट्री पार्क के लिए इस्तेमाल के लिए मंजूरी दे दी थी। उल्लेखनीय है कि यह जमीन सतलुज दरिया के बाढ़ग्रस्त इलाके में है, इसके लिए एनजीटी में एडवोकेट एचसी ओड़ा के जरिए एक नई पटीशन दायर की थी। कुलदीप सिंह खैहरा और इंजीनियर जसकिरत सिंह ने बताया कि लुधियाना की जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट के साथ साथ नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाईडोलोजी, रुड़की द्वारा सतलुज दरिया के रूप वैज्ञानिक अभियान की अंतिम रिपोर्ट के अनुसार लुधियाना में सतलुज के बाढ़ग्रस्त मैदान की चौड़ाई पूर्व में 11 किलोमीटर और पश्चिमी में पांच किलोमीटर तक है।
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पिछली 35 सालों के दौरान बड़ी बाढ़ आई थी तो गड़ी फजल और मत्तेवाड़ा में धुस्सी बांध में पाड़ पड़ा था। राष्ट्रीय आफत प्रबंधन नीति के तहत किसी भी औद्योगिक प्रोजेक्ट के विकास के लिए वातावरण और नदी के बहाव के हित में सौ सालों में एक बार बाढ़ आने वाली जगह की बाढ़ग्रस्त मैदान के तौर पर पहचान की जाती है। यहां अति अहम पहलू को नजरअंदाज कर पंजाब सरकार और ग्लाडा की तरफ से उक्त स्थान पर आधुनिक औद्योगिक पार्क के काम को जारी रखा गया है।
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इसके साथ सतलुज दरिया को बड़ा नुकसान और धरती के नीचे पानी के स्तर को भी नुकसान होगा। अमनदीप सिंह बैंस और मोहित जैन ने बताया कि पब्लिक एक्शन कमेटी के कर्नल सीएम लखनपाल ने बताया कि अब जब एनजीटी द्वारा कमेटी का गठन किया गया है। यकीन है कि पूरी टीम के प्रयास से अच्छे नतीजे आने शुरू हो जाएंगे। औद्योगिक प्रोजेक्ट मत्तेवाड़ा को पंजाब सरकार की तरफ से रद्द कर दिया जाएगा। इसके अलावा ट्रिब्यूनल ने निर्देश दिए है कि यदि शिकायतकर्ता के अनुसार सतलुज के बाढ़ प्रभावित इलाके के अंदर कोई भी निर्माण गतिविधियों की इजाजत दी जाती है।
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