हलवारा। सरकार की ओर से जरूरतमंद लोगों के लिए भेजा राशन सरकारी बाबुओं की लापरवाही के कारण बर्बाद हो गया। कई क्विंटल राशन रायकोट एसडीएम दफ्तर के कमरा नंबर-7 (कंप्यूटर सेंटर) में पड़ा-पड़ा सड़ गया, लेकिन किसी गरीब के पेट तक नहीं पहुंचा। पिछले तीन माह से इस कमरे में पड़े अनाज में कीड़े पड़ गए और इसकी बदबू पूरे कार्यालय में फैल गई। लोगों के साथ-साथ अधिकारियों के लिए दफ्तर में बैठना मुश्किल हो गया। तब जाकर अधिकारियों को अपनी लापरवाही का पता चला। तुरंत सड़ चुके अनाज को वाहनों में भरकर किसी अज्ञात जगह पर भेज दिया गया। मामले को लेकर कोई भी अधिकारी कुछ बताने के लिए तैयार नहीं है। राशन के इन पैकटों में 10 किलो आटा, दो किलो काले चने और 2 किलो चीनी शामिल थी। इस राशन को कमरा नंबर 7 में रख वहां ताला लगा रखा था।
फूड सप्लाई विभाग के एएफएसओ चरणजीत सिंह हलवारा से संपर्क किया गया तो उन्होंने कुछ भी कहने के बजाये एसडीएम रायकोट से बात करने को कहकर पल्ला झाड़ लिया। एसडीएम रायकोट डॉ. हिमांशु गुप्ता से संपर्क करने पर उन्होंने हैरानीजनक जवाब देते हुए कहा कि पिछले कुछ समय में कोई भी कोरोना पॉजिटिव मरीज न मिलने के कारण प्रसाशन ने कुछ समय ये राशन रखने के बाद फूड सप्लाई विभाग को वापस कर दिया है। उधर, राशन के सड़कर खराब होने और उसे खुर्द-बुर्द कर कहीं ठिकाने लगा देने के सवाल का किसी अधिकारी ने कोई जवाब नहीं दिया। सब एक-दूसरे पर पल्ला झाड़ते नजर आए। सीटू के राज्य सचिव कामरेड दलजीत कुमार गोरा ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। कामरेड गोरा ने कहा कि सरकार की ओर से गरीबों के लिए भेजा राशन पहले तो सड़ गया और अब जांच से बचने के लिए अधिकारियों ने कई क्विंटल राशन खुर्द बुर्द कर दिया है।