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देशभक्ति, त्याग की भावना को अपना कर अपने सपनों का भारत निर्मित करें
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
Updated Tue, 17 Nov 2015 10:18 PM IST
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शहीद क्रांतिकारी शताब्दी आयोजन समिति 2015 और जन चेतना लुधियाना के सौजन्य से शहीद करतार सिंह सराभा, विष्णु गणेश पिंगले और जगत सिंह की याद में कुंदन विद्या मंदिर स्कूल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत बतौर मुख्यातिथि मौजूद रहे।
आचार्य देवव्रत ने कहा कि शहीदों के बलिदान के फलस्वरूप ही अंग्रेज 1947 में देश छोड़ने को विवश हुए। देवव्रत ने देशवासियों को देशभक्ति, त्याग, सेवा और प्रेम की भावना को अपना कर अपने सपनों का भारत निर्मित करने व देश को ऐसी विश्व शक्ति बनाने पर बल दिया, जिसका आधार आपसी भाईचारा, शांति व मानवता हो। कार्यक्रम के दौरान लुधियाना कला मंच की ओर से शहीदों पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर शहीद करतार सिंह सराभा, विष्णु गणेश पिंगले, जगत सिंह, बंता सिंह संघवाल, पंडित काशी राम मंडौली, प्रेम सिंह, मुवा सिंह लोपोके, इंद्र सिंह शहबाजपुर, बुद्ध सिंह और हरनाम सिंह के पारिवारिक सदस्यों को सम्मानित किया गया। इस संदर्भ में क्रांतिकारियों पर आधारित चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस अवसर पर रविंदर भारद्वाज, डॉ. राजीव गुप्ता, पंकज जिंगल, सुभाष जैन, हरपाल गुप्ता, ज्योति खेरा, डॉ. नीरोत्तमा मौदगिल और डॉ. विनय सोफ्त मौजूद रहे।
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आचार्य देवव्रत ने कहा कि शहीदों के बलिदान के फलस्वरूप ही अंग्रेज 1947 में देश छोड़ने को विवश हुए। देवव्रत ने देशवासियों को देशभक्ति, त्याग, सेवा और प्रेम की भावना को अपना कर अपने सपनों का भारत निर्मित करने व देश को ऐसी विश्व शक्ति बनाने पर बल दिया, जिसका आधार आपसी भाईचारा, शांति व मानवता हो। कार्यक्रम के दौरान लुधियाना कला मंच की ओर से शहीदों पर आधारित नाटक प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर शहीद करतार सिंह सराभा, विष्णु गणेश पिंगले, जगत सिंह, बंता सिंह संघवाल, पंडित काशी राम मंडौली, प्रेम सिंह, मुवा सिंह लोपोके, इंद्र सिंह शहबाजपुर, बुद्ध सिंह और हरनाम सिंह के पारिवारिक सदस्यों को सम्मानित किया गया। इस संदर्भ में क्रांतिकारियों पर आधारित चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस अवसर पर रविंदर भारद्वाज, डॉ. राजीव गुप्ता, पंकज जिंगल, सुभाष जैन, हरपाल गुप्ता, ज्योति खेरा, डॉ. नीरोत्तमा मौदगिल और डॉ. विनय सोफ्त मौजूद रहे।
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