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भारतीय संस्कृति समझने फ्रांस से आए चार विद्यार्थी
अमर उजाला,लुधियाना।
Updated Sat, 04 Jan 2014 09:35 PM IST
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पीसीटीई में फ्रांस के एक विश्वविद्यालय से चार विद्यार्थी रिसर्च के लिए आए हैं। वे यहां पर रुक कर भारतीय सभ्यता, खानपान इत्यादि के बारे में जानकारी हासिल करेंगे।
इन विद्यार्थियों में एलोडी, ग्राजिला, जूली और जीन पॉल शामिल हैं। विदेशी विद्यार्थियों में भारतीय परंपराओं को समझने की काफी इच्छा रहती हैं। चारों विद्यार्थी पीसीटीई के स्टूडेंट एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत आए हैं।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम मेें पीसीटीई के डायरेक्टर जनरल डा. केएनएस कंग ने कहा कि इंस्टीट्यूट के पांच विद्यार्थी इसी एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत अगले सप्ताह फ्रांस का दौरा करेंगे। अभी तक फ्रांस के विश्वविद्यालय के साथ पीसीटीई ने चार एक्सचेंज कार्यक्रम किए हैं।
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कंग ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों के जरिये युवाओं को विदेशी कल्चर, रहन सहन, खान पान और लाइफ स्टाइल के बारे में अनुभव होता है।
इससे उनके आत्मविश्वास में इजाफा होता है। पीसीटीई ने कई देशों के विश्वविद्यालयों के साथ इस प्रकार के कार्यक्रमों के लिए समझौते किए हैं।
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इन विद्यार्थियों में एलोडी, ग्राजिला, जूली और जीन पॉल शामिल हैं। विदेशी विद्यार्थियों में भारतीय परंपराओं को समझने की काफी इच्छा रहती हैं। चारों विद्यार्थी पीसीटीई के स्टूडेंट एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत आए हैं।
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इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम मेें पीसीटीई के डायरेक्टर जनरल डा. केएनएस कंग ने कहा कि इंस्टीट्यूट के पांच विद्यार्थी इसी एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत अगले सप्ताह फ्रांस का दौरा करेंगे। अभी तक फ्रांस के विश्वविद्यालय के साथ पीसीटीई ने चार एक्सचेंज कार्यक्रम किए हैं।
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कंग ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों के जरिये युवाओं को विदेशी कल्चर, रहन सहन, खान पान और लाइफ स्टाइल के बारे में अनुभव होता है।
इससे उनके आत्मविश्वास में इजाफा होता है। पीसीटीई ने कई देशों के विश्वविद्यालयों के साथ इस प्रकार के कार्यक्रमों के लिए समझौते किए हैं।